111 विधायक और 37 सांसद अगर ठान लें, तो मोहम्मद आज़म ख़ान साहब का ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी बचाई जा सकती है।
मैं अखिलेश यादव जी से हाथ जोड़कर कहना चाहता हूँ कि अगर इतना मज़बूत विपक्ष होने के बावजूद भी आप इसे नहीं रोक पाए, तो आने वाले समय में मुस्लिम समाज विकल्प ज़रूर तलाश करेगा।
एसी से बाहर निकलिए, सिर्फ़ ट्वीट-ट्वीट खेलना बंद कीजिए। कुछ काम ज़मीन पर उतरकर भी किए जाते हैं।
और रामपुर के वह सांसद कहाँ हैं, जो लोकतंत्र के लिए मर-मिटने की बात करते थे? आज कहीं दिखाई नहीं दे रहे।
भाजपाई सत्ता में जिस अहंकारी बुलडोजर का इस्तेमाल मुसलमानों की मस्जिदों दरगाहों से शुरू हुआ था वो अब यूनिवर्सिटी तक पहुंच चुका है!
रामपुर के डीएम महोदय जितना मर्जी डेवलेपमेंट ऑथोरिटी का ज्ञान दें मगर हकीकत यही है कि ये सब सत्ता के संरक्षण में हो रहा है!
असल तकलीफ तो यही है न एक मुस्लिम नाम वाला नेता आज़म खान अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए 250 एकड़ में एक यूनिवर्सिटी कैसे बना गया है!
खैर भाजपा की सरकारों से तो इंसाफ की उम्मीद ही बेमानी है मगर 37 सांसदों के नाम का दंभ भरने वाले अखिलेश यादव इतना बड़ा यूपी में जन समर्थन होने के बावजूद अगर इस मौलाना मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलने देते है तो यकीन रखिए उनको 2027 तो छोड़ो आजीवन सत्ता में आने का कोई अधिकार नहीं है!
जिस रामपुर में आजम खान की बनाई हुई मौलाना मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है उसी रामपुर से सपा के सांसद मुहिबुल्लाह नदवी को जंतर मंतर के फोटोशूट की फुर्सत तो मिल गई मगर अपने इलाके की यूनिवर्सिटी पर इनकी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया है!
वैसे याद रखिए ये वही नेता है जो लोकतंत्र के लिए शेरवानी पहन बैरीकेट से कूद कर जान देना चाहते थे उम्मीद है एक बार इस तानाशाही फरमान के खिलाफ रामपुर डीएम के सामने भी लोकतंत्र के लिए कुछ तो करेंगे!
जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोज़र एक्शन गलत है-
रामपुर में #जौहर_यूनिवर्सिटी पर बुलडोज़र चलेगा. ये खबर सुनकर स्तब्ध हूँ. 2006 में बनी यूनिवर्सिटी को लेकर प्रशासन को अब होश आया है कि ये गलत तरीक़े से बनाया गया है. यूनिवर्सिटी पर बुलडोज़र वही चला सकता है जो शिक्षा के महत्व को नहीं समझता हो. इतना बड़ा कैंपस, उतनी शानदार यूनिवर्सिटी पर बुलडोज़र चलाने वालों के हाथ नहीं काँपेंगे? कोई भी विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है. जो बनने के बाद किसी एक व्यक्ति का नहीं रह जाता. हज़ारों स्टूडेंट जो वहाँ पढ़ाई कर रहे हैं उनका भविष्य तो अधर में चला जायेगा.
बेहतर तो ये होगा कि सरकार उसे अपने अधीन कर ले और चलाये यूनिवर्सिटी .
मगर उसे तोड़ना पूरी तरह से गलत है. सरासर गलत.
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के अनुसार, इसकी स्थापना साल 2006 में हुई थी. परिसर 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें कई बिल्डिंग्स हैं. यहाँ विज्ञान, लॉ, शिक्षा, वाणिज्य, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी, फार्मेसी, नर्सिंग सहित पैरामेडिकल विज्ञान और एग्रीकल्चर से जुड़े कोर्स करवाए जाते हैं. इसके अलावा बैडमिंटन, शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस जैसे इनडोर गेम और फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट, लॉन टेनिस, वॉलीबॉल, घुड़सवारी, रस्साकशी के ग्राउंड है.
वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, करीब 90 टीचर 24 अलग-अलग विषयों को पढ़ाते हैं.
जब जौहर युनिवर्सिटी का निर्माण हो रहा था तब वो क्षेत्र रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के दायरे में नहीं आता था, बाद में प्राधिकरण ने अपना दायरा बड़ा कर लिया और अब रामपुर DM कह रहे हैं कि जौहर युनिवर्सिटी का नक्शा नहीं पास है तो गिराने का आदेश पारित कर दिया गया है।
वैसे नक्शा तो इस देश की किसी युनिवर्सिटी का पास नहीं है तो क्या सारे विश्वविद्यालयों पर बुलडोज़र चला दोगे ??
नक्शा तो इस देश के ज्यादातर DM ऑफिस का भी नहीं पास होगा तो क्या सब को ज़मींदोज़ कर दोगे ?
एैसे बेतुके और तानाशाही वाले आदेश पारित करते हुए इन अधिकारियों को सोचना चाहिये कि ये भी किसी एैसी ही युनिवर्सिटी से पढ़कर आये होंगे जहॉं का नक्शा नहीं पास होगा।
शिक्षा के इतने बड़े संस्थान को बचाने के लिये सभ्य समाज को आगे आना होगा वरना ये ज़ालिम सरकारें कुछ भी महफ़ूज़ नहीं रहने देंगी।
बिहार में हद ही हो गई 😡😡
बिहार में पासवान समाज का एक लड़का मंदिर में चला गया,
पुजारी ने पहले उसकी जाति पूछी। जब लड़के ने बताया कि वह पासवान है, तो कथित तौर पर कहा गया, तुम दलित हो, मंदिर के अंदर कैसे आ गए?
इसके बाद लड़के को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया, मारपीट इतनी बुरी तरह की गई कि उसकी जान चली गई।
भरत भूषण तिवारी है तो एनकाउंटर गलत है बाकी कोई मुस्लिम होता तो अभी जस्टिफाई किया जाता कि देखो इंसाफ हो गया!
ये दोहरा रवैया नहीं तो और क्या है!
पूरे एनकाउंटर सिस्टम पर सवाल उठाओ तभी माना जाएगा कि निष्पक्ष हो वरना तो समझिए केवल जाति का मामला है!
शब्द कड़वे है!!!
जो प्रशासन अक्सर मुसलमान आरोपियों की लंगड़ाते की वीडियो बहुत HD क्वालिटी में पोस्ट करता है वो इन जैसे समाज के दीमकों की देखते ही सन्नाटे में चला जाता है!
कानून का राज नहीं मुस्लिम विरोधी कानून का राज है! https://t.co/a4aIpNPi8l
जो महुआ मोइत्रा यूसुफ पठान को सुरक्षा की गारंटी दे रही थी वो अपनी ही पार्टी के पूर्व विधायक जहांगीर की इस तरह से शुभेंदु सरकार द्वारा अपमानित करने पर मुंह में दही जमा कर क्यों बैठे है!
@ansarimransr वक्त की नब्ज पर हाथ रख कर चलने में ही भलाई है, जो किया अच्छा किया विकास करें अपने क्षेत्र में बाकी सब सही है। अगर ये तीनों नहीं भी जाते तब भी कोई न कोई जरूर जाता।
सवाल तो ये है कि टारगेट पर केवल यूसुफ पठान क्यों है? उर्दू नाम वाला मिला तो लपेट दो बाकी ममता दीदी की बिरादरी वाला रीताब्रत बनर्जी 60 विधायक तोड़ के LOP बन जाए तब यही टीएमसी वाले खामोश रहेंगे!
काकोली घोष जो चीफ व्हिप है पार्टी की लोकसभा में वो 20 सांसदों के साथ भाजपाई वाशिंग मशीन का आनंद लेने जा रही है मगर फिर भी सवाल केवल "यूसुफ" से ही क्यों?
महुआ मोइत्रा को जितना गुस्सा यूसुफ पठान पर आ रहा है उतना गुस्सा बनर्जी और घोष पर क्यों नहीं आ रहा है!
इस देश की सरकार और तंत्र मुसलमानों को किस हद तक निशाना बना रहे हैं वो अब सिर्फ गरीब फेरी वाले तक महदूद नहीं है।
अहमद बुहारी अब दोषमुक्त हैं पर उनकी कंपनी किसी और के पास जा चुकी है।
देखिये ये पूरा वीडियो।
शाबाश! Sakib Hussain तुम कमाल हो और तुम्हारी बॉलिंग लाजवाब है स्टंप भी तोड़ दिए गुरु🔥
अपने पहले ही मैच में 4 ओवर कराए और 24 रन देकर 4 विकेट लिया था लेकिन
आज CSK जैसी टीम के खिलाफ अपने पहले ओवर में बैट से सिर्फ एक बाउंड्री लगने दी बाकी एक 5 रन बाई के रूप में गए जिसे लेकर कुल 13 रन दिए
लेकिन उसके बाद साकिब हुसैन ने 3 ओवर फेंके सामने Shivam Dube जैसा बल्लेबाज खड़ा था लेकिन साकिब हुसैन ने एक भी बाउंड्री नहीं लगने दी।
पहले ओवर में 13 उसके बाद के 3 ओवर में सिर्फ 19 रन गजब की बॉलिंग है भाई! इस लड़के को जल्दी इंडियन टीम में लेकर आओ।🔥