OBC वर्ग की दबंग जातियां दलितों पर
सबसे अधिक अत्याचार करती हैं
मनुस्मृति ब्राह्मणों के घरों में नहीं मिलेगी,
सबसे अधिक अंबेडकरवादियों के पास मिलेगी।
~ सज्जन सिंह जी को सुनिए।
झाड़ू मटकी का या 5000 साल से पानी नहीं पीने दिया का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं!
प्रमाण है तो वो ये कि गुरुकुलों में 70% शूद्र पढ़ते थे!
प्रमाण है तो वो ये कि 75 साल में एक भी आरक्षित जाति अगड़ी नहीं बनी!
-अजीत भारती🔥
पहले 1-2% पेट्रोल पंप वाले पानी मिला लेते थे ।
अब तो रूह अफज़ा मिला रहे है ताकि रिश्तेदार के लिए दुकान पर न जाना पड़े🤔
बस गाड़ी कि टंकी खोली और दो गिलास भरकर दे दिया 🤣😂
गडकरी गन्ने का रस मिला रहे है , बाबा मुत्र बेच रहा है ।
पुजारी मंदिर लूट रहे है , चौकीदार देश लूट रहा है
ऐसे अनगिनत वीडियो देखने को मिल रहे हैं ! लोगों की गाड़ियाँ ख़राब हो रही है!
भरपाई कौन करेगा? गडकरी जी का बेटा?
एक पुत्रमोह में गडकरी जी ने करोड़ों भारतीय नागरिकों का नुक़सान किया है।
नितिन गडकरी जी, आपकी इथेनॉल नीति आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही है! 3.5 साल पुरानी Skoda Slavia का फ्यूल पंप इस नए ईंधन के कारण खराब हो गया। सर्विस स्टेशन पर रोज़ ऐसे 6-7 मामले आ रहे हैं। क्या बिना किसी रिसर्च के आम कार मालिकों को 'गिनी पिग' बनाकर यह नीति थोप दी गई? इस आर्थिक नुकसान का ज़िम्मेदार कौन है @nitin_gadkari जी??
बिहार के मनीष कश्यप के साथ एथेनॉल वाला खेला हो गया।
दरअसल मनीष कश्यप की नई Toyota Innova HyCross (E20 Compatible) महज़ 12,000 किमी चलने के बाद खराब हो गई।
Toyota ने वारंटी देने से इनकार कर दिया।
उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग में 11 लाख रुपए की बुलेट आई है..जबकि उसकी कीमत कुल 3
लाख रुपए है..!
सोचिए 1 बुलेट में 8 लाख रुपए का घोटाला किया
गया है DG द्वारा..!
लखनऊ में अग्निकांड स्थल पर पहुंचे फायरमैन जितेंद्र राठौर के आरोप सुनिए..!
One guy is looting money by forcing Ethanol
Another is land grabbing for his real estate empire
One is making money from leaking exam papers
Another is looting by selling the Nicobar Island
Top to bottom, everything is corrupt and compromised in this Modi govt.
ब्राह्मण बच्चे की आंख निकाली गई, गुप्तांग काटा गया !
भीमवादी जश्न मना रहे ! मीडिया की No Coverage.
-दिलीप पाण्डेय
यूपी में एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है । 21 मई को बच्चा गायब हुआ और 23 मई को लाश मिली । खबरगांव के यूट्यूूब चैनल ने पीड़ित परिवार से बात की तो पता ये लगा कि बच्चे के नाखूनों में कील ठोंकी हुई थी । आंखों को निकाला गया । गुप्तांग काटा गया । तेजाब फेंका गया और गलत काम करके तड़पा कर मारा गया ।
याद कीजिए हाथरस केस, जिसमें दलित बच्ची का केस था । फर्जी तरीके से ठाकुरों को फंसाया गया, बाद में सारे लोग छूट गए । जो एक व्यक्ति फंसा हुआ है उसके बारे में गांव में क्या चर्चाएं रहीं ये कोई आज भी जाकर पूछ सकता है, पूरा मामला असल में क्या है समझ में आ जाएगा । हाथरस केस में भीम आर्मी ने प्रोपागेंडा किया और पूरा नोएडा के फिल्म सिटी का मीडिया वहां पहुंचकर कर अखंड कवरेज करने लगा जबकि यहां क्योंकि ब्राह्मण बच्चा है तो सबका जमीर ठंडा पड़ गया इसलिए क्योंकि शायद सुनियोजित रूप से अंडेकरवाद और पेरियारवाद को देश में बढ़ाया जा रहा है जिसके मूल में ही ब्राह्मण विरोध है ।
मतलब ब्राह्मण लड़की रुचि तिवारी की मॉब लिंचिंग की कोशिश हो, यूजीसी लाया जाए, ब्राह्मण बच्चे की आंख निकाल ली जाए लेकिन मीडिया को कुछ नहीं कहना है, जबकि तमाम मीडिया न्यूज चैनलों में सभी अहम पदों पर अधिकांश सामान्य वर्ग के लोग ही काबिज हैं उसमें भी ब्राह्मण ज्यादा हैं ।
मैंने एक फोटो भी अपलोड किया है । सामान्य वर्ग के अधिकारों की मांग उठाने वाले एक ट्विटर चैनल पर जब इस बच्चे के लिए मांग उठाई गई तो एक भीमवादी ने उस मृतक बच्चे को ही मां बहन की गाली देते हुए लिखा है कि मर गया अच्छा हुआ ।
आप खुद सोच सकते हैं कि फुलेवाद के नाम पर देश में किस तरह ब्राह्मण विरोधी घृणा फैलाई जा रही है और इसका दुष्परिणाम किस तरह पूरे देश में लगातार सामने आ रहा है ।
-दिलीप पाण्डेय
शेयर, फॉलो, रीट्वीट,
PNR: 2618070374
₹1241.80 का रेलवे टिकट बुक किया था, टिकट कन्फर्म नहीं हुआ और अपने आप कैंसल हो गया।
लेकिन रेलवे सिर्फ ₹1050 रिफंड दे रहा है।
जब सीट मिली ही नहीं तो पूरा पैसा दीजिए?
यात्रियों के साथ ये गलत है। कृपया पूरा रिफंड दिया जाए।
@RailMinIndia@IRCTCofficial
प्राइवेट हॉस्पिटलों में इलाज के नाम पर कैसे लूट मची है, इसका अंदाज़ा इस एक इंजेक्शन से लगाया जा सकता है।
एक मरीज को लगाया जाने वाला इंजेक्शन अंदर से देखा गया तो उस पर MRP करीब ₹1300 लिखी थी,
लेकिन उसी इंजेक्शन के ऊपर दूसरा बॉक्स चढ़ाकर ₹5100 तक वसूले जा रहे थे,
यानी मरीज की मजबूरी का फायदा उठाकर कई गुना ज्यादा पैसे लिए जा रहे हैं,
परिवार इलाज बचाने में लगा रहता है और दूसरी तरफ कुछ प्राइवेट अस्पताल बिल बढ़ाने में,
स्वास्थ्य सेवा के नाम पर चल रही ऐसी मनमानी पर सवाल उठना बेहद जरूरी है।