मोदी जी आपके देश में और योगी जी आपके प्रदेश में तिल तिल मर रहे हैं अनुदेशक और संविदा शिक्षक। पर आप मौन हैं। ये कैसा रामराज्य है।आपको जितना भी अत्याचार अनुदेशकों पर करना है कर लीजिये भगवान राम सब देख रहे हैं।
@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@myogiadityanath@myogioffice@UPGovt
महोदय पहले यूपी में अंशकालिक अनुदेशक जो कि शारीरिक शिक्षा के अध्यापक हैं उनको 7,000 मानदेय मिलता है 2013 से यह कर्मचारी कार्य कर रहे हैं #अनुदेशक को नियमित कराने की कृपा करें ताकि वह छोटे-छोटे बच्चों को खेलो इंडिया से जोड़ सकें
उ०प्र०के लोकप्रिय, यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय श्री @myogiadityanath जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई.मैं प्रभु श्री राम जी से सभी अनुदेशक के तरफ़ से उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घयु जीवन की मंगलकामना करता हूँ।
मा०महाराज जी अपने जन्मदिन पर #अनुदेशकों को #नियमित करने का घोषणा करें।
मा0 मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐
प्रभु श्रीराम से आपके स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करते हैं 🙏
और जन्मदिन के शुभ अवसर पर निवेदन करते हैं की अनुदेशक आपके ही बच्चे/शिष्य हैं इनसे मुकदमा लड़ना बंद कीजिए और 17000 मानदेय दीजिए।
एक लोकतांत्रिक देश में सवाल-जवाब करना ही देश के लोकतंत्र को मज़बूत बनाता है l
हम 27555 अनुदेशकों की तरफ से
जनाब @DeepakSinghINC भैया का बहुत बहुत शुक्रिया की उन्होने हम अनुदेशकों के दर्द को समझा और हमारी आवाज बने |
सलाम है आपको
अनुदेशक, शिक्षक -विद्यार्थी अनुपात में शामिल कर लिए लेकिन केवल 7000₹/माह में,2000₹/माह जो बढ़ाये थे अभी तक प्राप्त नही हुए।हम सिर्फ 17000₹/माह की लड़ाई लड़ रहे हैं।दुनिया कहाँ से कहाँ पहुच गयी,ये कम मानदेय मजाक से ज्यादा नही है। @narendramodi@UPGovt
अनुदेशक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने BJP के राज्यसभा उम्मीदवार डॉ राधामोहन दास अग्रवाल से लखनऊ जाकर मिले, उन्होंने अनुदेशक की बात सरकार तक रखने का किया वादा
@AgrawalRMD@shivkmishra@ArunMishraLive
अनुदेशक का मात्र ₹7000 में खर्चा कैसे चल सकता है पति,पत्नी, बेटा,बेटी, मां-बाप,परिवहन,राशन,दवाई हैं तो कोई भी प्रतिशत में बटवारा करके बता दे किस पर कितना खर्च किया जाए और यह भी बता दें कि इस भारत देश के लिए हम अपने बजट में से कितना प्रतिशत योगदान दे सकते हैं।
@myogiadityanath
@myogiadityanath माननीय योगी जी
आप की सरकार जब इतनी ईमानदार है तो अनुदेशकों के साथ कैसी बेइमानी हो रही है 17000 मामले में केंद्र और राज्य के अलग अलग आंकड़े क्यों पेश हो रहे है।
जब हाईकोर्ट 17000देने का आदेश कर चुका है तो देना क्यों नहीं चाहते।
2013 में भी 7000
2022 में भी 7000
ये कैसा न्याय है??
आदरणीय मोदी जी अनुदेशक शिक्षकों से किया वादा भी पूरा करा दीजिए सरकार के 6 वर्ष हो गए हैं और आपकी सरकार के 8 वर्ष हो गए हैं और अनुदेशक का शोषण होते हुए 9 वर्ष हो गए हैं ।
आपने अनुदेशकों के नियमितीकरण की कोई व्यवस्था नहीं की ना ही 2017 से उनके रुके हुए मानदेय को दिए जाने की कोई व्यवस्था की 17000 माननीय हाईकोर्ट ने 2019 में फैसला सुनाया था देने का 9% ब्याज के साथ उसे भी आप भूल गए https://t.co/G9c2hnO64a