Warm birthday wishes to Rahul Gandhi Ji, a hopeful and visionary leader of our nation.
May your vision of “Mohabbat Ki Dukaan” continue to flourish in the years ahead, and may more people embrace the values of unity, love, mutual respect, and harmony that strengthen the fabric of our nation.
Wishing you good health, happiness, and success in all your endeavors. May the coming year bring renewed energy and opportunities to serve the people of India.
Happy Birthday! @RahulGandhi ji 🧡🤍💚
What @PriyankKharge is doing now should had done years back. Still ther are many RSS supporters in @INCIndia . Ther are many congress senior leaders who have always supported RSS FOR MANY YEARS and still doing .
For spineless @SrBachchan@AnupamPKher petrol 113 rupees/ltr in modi Sarkar is not costly ,but petrol 60 rupees/ltr during Manmohan singh govt was very costly.
CBSE अध्यक्ष - ट्रांसफ़र।
CBSE सचिव - ट्रांसफ़र।
एक-सदस्यीय “जाँच” समिति - गठित।
और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान - सुरक्षित।
अधिकारियों को हटा दिया। मंत्री को बचा लिया।
यह जवाबदेही नहीं - यह cover-up है।
हमारी माँग आज भी वही है: शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो - ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फ़ाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए।
अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख CBSE छात्रों की परवाह होती - धर्मेंद्र प्रधान जी कब के हटाए जा चुके होते।
“हम तो तबाह हो गए हैं - और सुनने वाला कोई नहीं।”
कल दोपहर के खाने पर एक ऑटो चालक भाई ने यह कहा। एक वाक्य में देश के लाखों ग़रीबों की पूरी कहानी आ गई।
आमदनी का मीटर बंद। महंगाई का ब्रेक फेल। और सुनने वाली सरकार बहरी।
CNG से LPG तक। बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक। दूध से लेकर खाने के तेल तक। हर बढ़ता रुपया इनके बजट पर, इनकी रसोई पर, सीधा वार है।
महंगाई मानव मोदी जी सलाह देते हैं - “public transport इस्तेमाल कीजिए।” और जो लोग public transport की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं।
आज इनकी थाली में रोटी-दाल के साथ एक सवाल भी है - कल की रोटी कहाँ से आएगी?
सार्थक सिद्धांत का यह वीडियो ज़रूर देखिए
17 साल के इस विद्यार्थी ने CBSE के Tendor में 15 से ज्यादा discrepancies दिखाते हुए पूछा है,
3 Poor Performance clause क्यों हटाए
“Previously Blacklisted” को क्यों बदला गया
Project eligibility के मानदंडों में बदलाव क्यों
“Corrupt Practices" की समय-सीमा आधी क्यों कर दी गयी
CBSE जवाब दो
नरेन्द्र मोदी जवाब दो
धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफ़ा दो
मुंबई में रहने वालों ध्यान दें: आपके ऑटो-टैक्सी का किराया बढ़ने वाला है।
⦿ मुंबई में CNG को 2 रुपए महंगा कर दिया गया है
मोदी सरकार हर दिन किश्तों में महंगाई बढ़ाकर, आपकी जेब खाली कर रही है।
नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि महंगाई का बोझ जनता उठाए और उनके दोस्त शुद्ध मुनाफा कमाएं।
#Mumbai
What if any @bjp Mp would had been attack in a non bjp state. It's really Shocking that @abhishekaitc got attacked. Is this was a pre-planning by @BJP4Bengal ?
Bjp has gone step ahead @RajeevRC_X . Your survival is based on criticizing Nehru - Indira. If they had not existed , PM Modi would have nothing to speak. Criticizing Modi ji is NOT a crime and a PM who runs away from questions and press conferences has to be criticized harder. Get used to it
If the PM has to personally supervise the situation, then it is an admission that the Education Minister is not capable of handling it. Why then has he not been sacked yet?
मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया।
दशकों में पहली बार CBSE बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं। 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी - और एक हफ़्ते से OSM, ग़लत मार्किंग और जाँच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं।
एक 17 साल का बच्चा, जिसकी कॉपी ग़लत जाँची गई, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया।
मगर, उसे मदद नहीं, गालियाँ मिलीं - BJP के IT cell ने उसे “Anti-National” कहा, “Soros का एजेंट” कहा, “Deep State” का हिस्सा कहा।
एक 17 साल का बच्चा अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाता है और यह BJP उसे देशद्रोही बना देती है।
सच यह है - मोदी सरकार युवाओं और Gen Z से डरती है, क्योंकि वो अब सवाल पूछ रहे हैं। और जो सवाल पूछे, उसे यह सरकार बदनाम करती है, डराती है, कुचलती है।
पर सुन लीजिए, मोदी जी - यही युवा, यही Gen-Z आपका अहंकार तोड़ेगा।
स्वतःचे अपयश झाकायचे असले की सत्ताधाऱ्यांच्या पोपटांना पाकिस्तान नावाचा जुना रेकॉर्ड वाजवावाच लागतो. मंत्री नितेश राणे यांनी लोकसभेचे विरोधी पक्षनेते राहुल गांधी यांच्यावर केलेले वक्तव्य ही त्यांची वैचारिक दिवाळखोरी आहे.
देशाच्या विरोधी पक्षनेत्याने सरकारचे अपयश दाखवले म्हणून त्यांच्यावर वाट्टेल ते आरोप करणे म्हणजे भाजपचा पळपुटेपणा आहे. शेतकरी, तरुण, बेरोजगार आणि महागाईवर प्रश्न विचारणे म्हणजे पाकिस्तानची स्क्रिप्ट वाचणे आहे का?
भाजपचा हा मूळ मुद्द्यांवरून लक्ष भरकटवण्याचा केविलवाणा प्रयत्न आहे! महाराष्ट्रात आणि देशात बेरोजगारी, पेपर फुटी, आणि शेतकऱ्यांच्या आत्महत्या यावर सत्ताधाऱ्यांकडे उत्तर नाही.
जेव्हा जनतेच्या प्रश्नांना उत्तरं देता येत नाहीत, महागाई आणि बेरोजगारीवर बोलताना तोंड बंद होते, तेव्हा अशी पाकिस्तान आणि एजंट नावाची जुनी टेप भाजप वाजवते!