घमंड का त्याग कर दो @narendramodi जी
सवर्ण अगर ठान लेंगे तो आपकी अंतिम इच्छा (झोला उठाकर निकल लेने वाली) भी जरूर पूर्ण हो जाएगी ...
सत्ता ही नहीं बचेगी तो भारत विश्वगुरु का क्या अचार डालोगे ??
पुलिस ने कायरता दिखाई और निहत्थे सवर्ण आंदोलनकारियों पर लाठी चार्ज कर सबको गिरफ्तार कर लिया गया है , मोदी जी अब ये आंदोलन समाप्त होने वाला नहीं है ये आपके जाने तक चलेगा
#यूजीसी_रोलबैक
अनिल बलूनी जी, शुतुरमुर्ग बालू में माथा डाल लेता है तो उसका अर्थ यह नहीं होता कि दुनिया समाप्त हो गई। मीडिया ब्लैकआउट करा लो, #% में जितना दम है लगा लो।
यही सवर्ण आपको और आपकी पूरी पार्टी को बताएगा कि तुम्हारी अम्बेडकर चालीसा का क्या होने वाला है। सात माह बाद यूजीसी पर थूक कर चाटा, सात महीने से पहले तुम आरक्षण पर चाटोगे।
पानी भोजन ऑडोमास छाता हर वो समान जंतर मंतर भेजो जो कॉकरोच आंदोलन में पहुँचा था
बाद में गालिया मत देना, जंतर मंतर गए थे कुछ नहीं बदला
साथ देने का समय है अब साथ दो अपनों का
#jantarmantar
पहलगाम में कलमा ना पढ़ पाने की वजह से हिंदुओं को चुन चुन कर मारा गया।
कश्मीर में भी हिंदुओं को उनके धर्म की वजह से मारा गया, भगाया गया।
अब TCS कांड के इकलौते पुरुष पीड़ित का बयान भी उसी pattern में प्रताड़ना की तरफ़ इशारा करता है जिसे सुनकर हम सबको शर्मिंदा होना चाहिए 🙏🏻
UGC rollback के लिए सवर्ण समाज समन्वय समिति (S4) द्वारा महाआंदोलन का आह्वान किया गया है!
दिनांक-8 मार्च
स्थान-रामलीला मैदान, दिल्ली
समय-12 बजे से
आप सभी से अनुरोध है कि दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करें🙏
Contact करें-
प्रशांत सिंह (करणी सेना)-9650968632
राज शेखावत (करणी सेना)-9276155439
स्वामी आनंद स्वरूप (काली सेना)-9086863333
अनूप श्रीवास्तव (अखिल भारतीय कायस्थ महासभा)-9899426957
No amount of paid tweets will ever bring back the organic trust Modi enjoyed till January 14, 2026.
Use of words like ‘nanga’ is not something Modi used like this in his speeches. This is a desperate attempt to get ‘discussed’.
Two interviews, PTI & ANI, came and went away undiscussed, speak volumes about the diminishing aura as core supporters feel betrayed on the chosen silence over UGC.
To top that silence, doubling down on ‘shoshit, vanchit, peedit’ and ‘Ambedkar, My Dad’ narrative, is not going to help BJP. This is inviting hate to appease someone.
From ‘56 inch ka seena’ to ‘mujhe bolne nahi diya sansad me’, this victimhood will only play negatively among your own support base.
Rest, no money can defeat organic narrative.