जब ज़रूरत हो, तो अपने ही आते हैं… 🙏
पिछले कई दिनों से माँ की तबियत ठीक नहीं थी, मन बेचैन था, आँखें नम थीं। ऐसे मुश्किल वक्त में जब अपने साथ हों, तो हिम्मत दोगुनी हो जाती है।
आज हमारे अभिभावक, केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय मामाजी श्री चिराग पासवान जी ने अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर, अपनी बहन और हमारी माँ का हालचाल जानने अस्पताल पधारे। उनका यह स्नेह, यह अपनापन, यह पारिवारिक प्रेम… शब्दों में बयान करना सच में मुश्किल है।
इतने बड़े पद पर रहते हुए भी उन्होंने यह साबित किया कि रिश्ते और संस्कार उनके लिए सबसे पहले हैं। जिनके दिल में रिश्तों की गर्माहट हमेशा बनी रहती है। मामाजी हमेशा से ऐसे ही रहे हैं। एक सच्चे अपने, एक मज़बूत सहारा, एक प्रेरणा। ❤️
ऐसे अभिभावक का साथ पाकर हम सच में खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस करते हैं।
माँ जल्द से जल्द स्वस्थ हों, यही दिल की दुआ है। आपके प्यार, दुआओं और आशीर्वाद से वो ज़रूर जल्दी ठीक होंगी। @iChiragPaswan
ऐसे कठिन समय में, जब पूरा परिवार भीतर से भावनात्मक रूप से टूटने लगता है, उस घड़ी में आपका स्नेह, आपकी संवेदनशीलता और उनका आत्मीय साथ हमारे लिए किसी संबल से कम नहीं रहा, मानो डगमगाते हौसलों को फिर से थाम लेने वाली एक मजबूत शक्ति मिल गई हो। 🙏
रिश्तों की असली ताकत मुश्किल वक्त में ही नजर आती है…🙏
इन दिनों अस्वस्थ चल रही मेरी धर्मपत्नी आशा पासवान जी का कुशल-क्षेम जानने के लिए आज अस्पताल में एक अत्यंत भावुक और आत्मीय क्षण देखने को मिला।
मेरे सम्माननीय साले, उनके छोटे भाई तथा केंद्रीय मंत्री सह लोजपा (रामविलास) के प्रमुख श्री चिराग पासवान जी का आगमन हुआ। अपनी बहन की स्थिति देखकर उनकी आँखों में चिंता भी साफ झलक रही थी, और साथ ही उन्हें जल्द स्वस्थ एवं मजबूत देखने की गहरी उम्मीद भी।
भाई-बहन का रिश्ता सच में ऐसा ही होता है। बिना कहे ही एक-दूसरे का दर्द समझ लेना और हर परिस्थिति में मजबूती से साथ खड़े रहना। आज उसी अटूट स्नेह, अपनापन और रिश्ते की गहराई क��� करीब से महसूस करने का अवसर मिला।
आपका यह आत्मीय स्नेह, संवेदनशीलता और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद परिवार के प्रति दिखाया गया अपनापन हमारे लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा। आपके सान्निध्य से पूरे परिवार को नई ऊर्जा और संबल मिला, वहीं आशा जी के मनोबल में भी सकारात्मक वृद्धि हुई।
ऐसे कठिन समय में आपका साथ हमारे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। @iChiragPaswan
दलित युवकों ने ‘जय भीम’ कहा तो ठाकुर समाज के दबंगों ने नग्न कर सड़क पर पीटा। यह कोई isolated घटना नहीं, ये वही घिनौनी मानसिकता है जो आज भी जिंदा है। संविधान को ललकारा जा रहा है अब चुप रहना गुनाह है। #जयभीम#जातिवाद_मुर्दाबाद
जीतन राम मांझी जी का बयान दलित, आदिवासी, ओबीसी के हक को कमजोर करता है। आरक्षण कोई एहसान नहीं, सामाजिक न्याय की गारंटी है। मांझी जी, आप खुद इसकी वजह से ऊपर आए हैं, अब इसे खत्म करने की बात क्यों? इसे खत्म करना असमानता को बढ़ावा देना होगा। आरक्षण जरूरी है, इसे मजबूत करें, खत्म नहीं
मेरे छोटे पुत्र अमन पासवान संगीत की दुनिया में आगे जाना चाहते हैं। इन्होंने अपना एक RAP Song भी Youtube पर रिलीज किया है। आप सभी से आग्रह है कि इनके यूट्यूब चैनल को Subscribe करें और इस Song को Like और Share करें। धन्यवाद।। https://t.co/Y6xuu1vLEV
आशा दीदी उपचार के बाद पुनः घर आ गई, जिसके उपरांत मैंने उनके आवास पर दीदी का हाल समाचार जाना। साथ ही बड़ी माँ, जीजाजी श्री अनिल साधु जी एवं परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
"धूप है जो ज़िन्दगी
तो वो प्यारी सी छाँव है
मेरे लिए जब चलते तो
थकते न उसके पाँव हैं.,
मेरे चेहरे पर लाया ख़ुशी
जब भी उदासी छाई है
मेरे पिता की वो परछाई है
वो मेरा प्यारा भाई है "
आप सब की दुआओं और प्रार्��ना का प्रतिफल है कि सफल सर्जरी के बाद मैं बिल्कुल स्वस्थ महसूस कर रही हूं।
आशा दीदी अपन��� इलाज के लिए बिग हॉस्पिटल पटना में एडमिट है, आज उनसे अस्पताल में जाकर मुलाकात की और उनका हाल-समाचार जाना। साथ ही जीजाजी श्री अनिल साधु जी से मुलाकात की।
अपने अति व्यस्त कार्यक्रम में से वक़्त निकाल कर प्रिय अनुज एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद श्री चिराग पासवान जी, मेरे सासू मां, मेरी छोटी साली और उनके बच्चे मेरे आवास पर आएं और काफी समय परिवार के साथ व्यतीत कि���ा। @iChiragPaswan
आज आशा दीदी एवं जीजाजी श्री अनिल साधु जी अपने पूरे परिवार के साथ पटना आवास पर मुलाकात करने आए। पूरा परिवार जब साथ होता है तो पापा की कमी और भी महसूस होती है। भगवान करें मैं और मेरी बहन हमेशा साथ रहे खुश रहे।
स्वर्ग से सुंदर, सपनों से बेहतर होता है परिवार....
मेरे प्रिय अनुज श्री चिराग पासवान जी एवं आदरणीया माताजी के रात्रि भोज आमंत्रण पर सपरिवार उनके आवास पर पहुंचें।
इस दौरान बड़े ही आत्मीय माहौल में पारिवारिक एवं राजनैतिक ��र्चा-परिचर्चा हुई। @iChiragPaswan
प्रिय चिराग जी, वक़्त के थपेड़ों और अपनों की बेरुखी से हौंसला नहीं हारना है। पिताजी नहीं हुए तो क्या हुआ, उनका आशीर्वाद सदैव हम सबके साथ है। मैं हूँ न आपके साथ. घबराना नहीं है. आप शेर के बेटे हो. लड़ना है और बढ़ना है.