मैंने बहुत ज़्यादा चिंता की,
क्या बग़ीचा उगेगा,
क्या नदियाँ सही दिशा में बहेंगे,
क्या पृथ्वी वैसे ही घूमेगी
जैसा उसे सिखाया गया है?
और अगर ऐसा नहीं होगा
तो क्या मैं उसे ठीक कर पाऊँगा ।
क्या मैं सही था,
क्या मैं ग़लत था,
क्या मुझे माफ़ किया जा सकेगा
क्या मैं और बेहतर कर सकता हूँ?
सच और झूठ के उधेड़बुन में
छिपा रहता है अक्सर
एक घिनौना अर्धसत्य
ऐसा अर्धसत्य
जो सत्य और असत्य के के बीच
हृदयतल के धर्मकांटे में
पेंडुलम की तरह झूलता रहता है
मगर चित्त को स्थिर नहीं रख पाता ,
अर्धसत्य से बचे रह जाते है अश्वथामा
और द्रोणाचार्य मारे जाते है…
कहा बस उतना ही जाए
कि सच का पर्दा रह सके
सुना बस उतना ही जाए
कि झूठ की बुनियाद बचा रह सके
सच और झूठ के उधेड़बुन में
छिपा रहता है अक्सर
एक घिनौना अर्धसत्य
सत्य से अधिक मनमोहक
और झूठ से खतरनाक है
एक अर्धसत्य
अर्धसत्य से बचे रह जाते है अश्वथामा
और द्रोणाचार्य मारे जाते हैं
भाई ये ठीक नही है...!
अभी कुछ दिन पहले इंडिगो के पायलट को एक यात्री ने थप्पड़ मार दिया। सबने उस यात्री की आलोचना की, उसे सजा भी दी गई।
अब TTE द्वारा एक यात्री को पीटे जाने का यह वीडियो वायरल है। अगर उसके पास टिकट नही है तो आप नियम के अनुसार कार्यवाही कीजिए लेकिन हाथ उठाने का यह अधिकार एक रेलवे कर्मचारी को किसने दिया।
इस तरह का बर्ताव स्वीकार्य नही होना चाहिए।
प्रकृति ही जीवन है!
विज्ञान ही सत्य है!
इंसानियत ही धर्म है!
और कर्म ही पूजा है!
पर्वत ही प्रकृती का अभिन्न अंग हें,
अरावली ही सांस दहानी हें,
इनको मिटाना तो खुद को मिटाना !!
#अरावली_पर्वतमाला_बचाओ
कैसी बेमतलब की यूं खुदगर्जियां तुम पाल रही हो
तुम्हे छूना है आसमान और तुम
कभी घूंघट तो कभी हिज़ाब सम्भाल रही हो.....
स्त्री दिन ब दिन निकल रही है आगे सबसे,
और तुम कभी वेद तो कभी क़ुरान खंगाल रही हो,
-वजुद n आवारगी
#hijabeuses
तेरे मुग़ालते में नही रहता तो,
मैं कांटो से फूलों को छांटता,
बेचैनियां ही आई है हिस्से में मेरे,
कहां जमाने को मैं खुशियां बांटता,
वजुद n आवारगी
@Rekhta@JashneRekhta@hindwiOfficial