शिवाजी महाराज का उद्देश्य अपने अधीनस्थों को शांति, सार्वभौमिक सहिष्णुता, सभी जाति-धर्मों के लिए समान अवसर, एक प्रशस्त, सक्रिय और शुद्ध प्रशासनिक प्रणाली, व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नौसेना और देश की ���ुरक्षा के लिए एक प्रशिक्षित सेना देना था।- इतिहासकार जदूनाथ सरकार
#HSAM_771_26
छत्रपति शिवाजी महाराज मात्र एक व्यक्ति नहीं, वे एक विचार और एक युगप्रवर्तन के शिल्पकार थे| भारत एक सनातन देश है, यह हिंदुस्थान है, तुर्कस्थान नहीं, और यहां पर अपना राज होना चाहिये
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छत्रपति शिवाजी महाराज उस जमाने में एक ऐेसे युगपुरुष थे, जिन्होंने विदेशी सल्तनत से खुद को अलग रखा और अपना स्वतंत्र राज्य निर्माण किया|
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सैंकड़ों साल प��ले स्वराज्य, स्वधर्म, स्वभाषा और स्वदेश के पुनरुत्थान के लिये जो कार्य किया है, उस की तुलना नहीं हो सकती | उनका राज्याभिषेक एक व्यक्ति को राजसिंहासन पर बिठाना, इतने तक सीमित नहीं था|
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छत्रपति शिवाजी महाराज ने सैंकड़ों साल पहले स्वराज्य, स्वधर्म, स्वभाषा और स्वदेश के पुनरुत्थान के लिये जो कार्य किया है, उस की तुलना नहीं हो सकती | उनका राज्याभिषेक एक व्यक्ति को राजसिंहासन पर बिठाना, इतने तक सीमित नहीं था|
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अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने (शिवाजी) एक ४०० मील लंबाई और १२० मील चौड़ाई के क्षेत्र पर अपनी प्राधिकरण स्थापित कर ली थी। उनके किले भारत के पश्चिमी तट के परिपर्यावरण की एक विशाल सीमा को फैलाते थे।-स्कॉट-वैरिंग
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वह प्रांत जहां लोकमान्य तिलक महाराज का जन्म हुआ है , जिसने आधुनिक युग में वीरों को उत्पन्न किया है, जिसने शिवाजी को दिया और जहां रामदास और तुकाराम फले फूले , मेरे लिए उस प्रांत की यात्रा एक तीर्थयात्रा से कम नहीं है।-महात्मा गांधी
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शिवाजी हजारों भूमि किलों, समुद्री किलों और सेनाओं के स्वामी बन गए थे। भारतीय जनमानस शिवाजी को अपने भाग्य को बदलने वाले व्यक्ति के रूप में देखने लगा था । भूषण (कवि) ने उन्हें 'हिंदुपति पातशाह ' कहा।-इतिहासकार केदार फळके
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अपने अधीनस्थों को शांति, सार्वभौमिक सहिष्णुता, सभी जाति-धर्मों के लिए समान अवसर, एक प्रशस्त, सक्रिय और शुद्ध प्रशासनिक प्रणाली, व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नौसेना और देश की सुरक्षा के लिए एक प्रशिक्षित सेना देना था।- इतिहासकार ज��ूनाथ सरकार
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शिवाजी महाराज का उद्देश्य अपने अधीनस्थों को शांति, सार्वभौमिक सहिष्णुता, सभी जाति-धर्मों के लिए समान अवसर, एक प्रशस्त, सक्रिय और शुद्ध प्रशासनिक प्रणाली, व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नौसेना और देश की सुरक्षा के लिए एक प्रशिक्षित सेना देना था।- इतिहासकार जदूनाथ सरकार
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परिणामों का सामना करने में प्रमुख थे। उन्होंने अपने साथियों के साथ गुप्त सम्मेलन ��योजित किए और हिन्दुओं के उत्पीड़न की बेहतरीन प्रकार से खत्म करने के लिए मुस्लिम नियंत्रण से अपने देश की मुक्ति पर चिंतित होकर विचार-विमर्श किया।"-आर.सी. मजूमदार
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"शिवाजी ने तत्परता से जनता के दिलों को जीत लिया। वह संकट में कूदने और परिणामों का सामना करने में प्रमुख थे। उ���्होंने अपने साथियों के साथ गुप्त सम्मेलन आयोजित किए और हिन्दुओं के उत्पीड़न की बेहतरीन प्रकार से खत्म करने के लिए मुस्लिम नियंत्रण से अपने देश की मुक्ति पर चिंतित होकर