पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय राजधानी जयपुर में शासन सचिवालय के निकट स्थित योजना भवन के बेसमेंट से 2.31 करोड़ रुपये नकद और लगभग 1 किलो सोना बरामद हुआ, इसके बाद जांच हुई, ACB ने DOIT के एक अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और ED ने भी इस मामले में अलग प्रकरण दर्ज किया,विपक्ष में रहते हुए BJP ने इस मामले को मुद्दा बनाते हुए कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाये मगर सत्ता में आते ही BJP इस मुद्दे पर मौन हो गई |
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूं कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने इस मामले को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रतीक बताया था मगर सत्ता में आने के बाद आपकी सरकार इस मामले को लेकर खामोश क्यों है ?
प्रदेश की जनता सरकार से यह जानना चाहती है कि -
इस नकदी और सोने का असली मालिक कौन था ?
इसके पीछे कौन-कौन लोग थे ?
जांच आखिर किस निष्कर्ष तक पहुंची ?
भाजपा सरकार बनने के बाद इस मामले पर सन्नाटा क्यों छा गया ?
भाजपा सरकार ने आखिरकार किन लोगों को बचाने के लिए इस मामले में चुपी साध ली ?
@dir_ed@RajCMO
आज भरतपुर के नुमाइश मैदान में धौलपुर ,भरतपुर व डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी आरक्षण दिलवाने की मांग को लेकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आयोजित हो रही आरक्षण हुंकार रैली में सम्मिलित होने का कार्यक्रम रहेगा,आप सभी अधिक से अधिक संख्या में भरतपुर पहुंचकर आरक्षण के लिए किए जा रहे इस संघर्ष को मजबूत करें |
दिखाना है और बताना है उन लोगों को कि भरतपुर के राजा कौन थे और कौन है..जो बोल रहे थे कि हनुमान बेनीवाल को घुसने नहीं देंगे भरतपुर में....
इसलिए अधिक अधिक संख्या में 5 मिनट बाद इस हैशटैग पर पोस्ट करनी है.......
#भरतपुर_चलो@hanumanbeniwal
कोटा के बाद अब बीकानेर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की किडनी खराब होने की खबर ने एक बार फिर राजस्थान के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की पोल खोल दी है। मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp व स्वास्थ्य मंत्री श्री @GajendraKhimsar से पूछना चाहता हूं कि आखिर कब तक हर बड़ी घटना के बाद सिर्फ जांच के आदेश देकर जिम्मेदारी से बचते रहेंगे ? जब मरीज ICU में पहुंच जाएं, तब मशीनें लगाने की घोषणा होती है। सवाल यह है कि ऐसी नौबत आती ही क्यों है? क्या सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जान की कीमत सिर्फ एक प्रेस नोट और जांच समिति तक सीमित रह गई है?
सरकार विज्ञापनों में स्वास्थ्य मॉडल की तस्वीर दिखाती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत में मरीज और उनके परिजन डर के साए में इलाज कराने को मजबूर हैं।
हर बार "कारणों की जांच होगी" कहा जाता है, लेकिन राजस्थान की जनता भारतीय जनता पार्टी की सरकार से जानना चाहती है कि लापरवाही की कीमत कौन चुकाएगा ?
आखिर कब तक माताओं और बहनों की जिंदगी सिस्टम की नाकामी की भेंट चढ़ती रहेगी ?
अगर अस्पतालों में इलाज के बाद मरीजों की हालत और बिगड़ने लगे, तो यह सिर्फ एक मेडिकल घटना नहीं, बल्कि शासन और व्यवस्था की विफलता है।
मुख्यमंत्री जी। जनता पूछ रही है,स्वास्थ्य व्यवस्था कब सुधरेगी और जिम्मेदारी कौन लेगा ?
#बदहाल_राजस्थान
@RajCMO
सरकार को अब REET पात्रता के आयोजन को लेकर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को आदेश देना चाहिए क्योकि तैयारी पूरी है बस सरकार के आदेश का इंतजार है
लोकल चुनाव समय पर नहीं हो रहने है CET एग्जाम समय पर नहीं हो रही है SET एग्जाम समय पर नहीं हो रही है
REET पात्रता समय पर नहीं हो रही है
कम से कम जिनके लिए समय निर्धारित है वो तो समय पर करवाओ 🤔🤔🤔🤔🤔
नियम को धज्जियाँ मत उड़ाओ साहब
@RajCMO@BhajanlalBjp@Bhajanlalofc
आज राजस्थान उच्च न्यायालय की डिविजन बैंच ने एसआई भर्ती -2021 को लेकर RPSC में बतौर सदस्य की जाने वाली राजनैतिक नियुक्तियों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए जिन RPSC सदस्यों पर आरोप लगे है उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर जो बात कही है वो RPSC पुनर्गठन की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा किए गए आंदोलन व लगातार इस संदर्भ में की जा रही मांग की तरफ सकारात्मक कदम है | राजस्थान सरकार को न्यायपालिका की इन टिप्पणियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है | विगत 20-25 वर्षों की सरकारों द्वारा स्वार्थ सिद्ध करने के लिए RPSC में की गई राजनैतिक नियुक्तियों ने इस पवित्र संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाई और RPSC में भ्रष्टाचार की जड़ो को गहरा किया है | राजस्थान सरकार को अब RPSC पुनर्गठन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए |
@RajCMO
राजस्थान उच्च न्यायालय की डिविजन बैंच ने ,S.I. भर्ती 2021 को एकलपीठ द्वारा रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है जो स्वागत योग्य निर्णय है | S.I. भर्ती 2021 में हुई धांधली तथा पेपर लीक की वजह से लाखों मेहनतकश अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने मेहनतकश अभ्यर्थियों के पक्ष में इस भर्ती को रद्द करवाने के लिए लंबा आंदोलन किया,बड़ी रैली भी राजधानी जयपुर में की और जब राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने S.I. भर्ती 2021 को रद्द करने का फैसला दिया तो राजस्थान की दोगली बीजेपी सरकार ने इस भर्ती को यथावत रखवाने का पुरजोर प्रयास किया मगर आज फिर से मेहनतकश अभ्यर्थियों की भावनाओ की कोर्ट में जीत हुई है |
गहलोत जी नहीं असली जादुगर तो भजन लाल जी है जो युवाओं को भर्ती का जादू दिखा रहे हैं 🙂
भर्ती घोषणा के समय पद एक लाख होते हैं
जब विज्ञप्ति आती है तब पद दो-दो हजार होते है।
जब बात जोइनिंग की आती है तो वापस पद बढ़कर एक लाख हो जातें हैं
4 लाख भर्तियां कब पुरी करा दी ये भी किसी को समझ नहीं आने दिया ये हैं असली जादू 🥲
एक भी पेपर लीक नहीं हो रहा फिर भी सभी भर्ती की कट ऑफ आसमान छू रही हैं 🫠
विधानसभा में गलत जवाब पेश करने पर क्या सजा नहीं होनी चाहिए ???
ये बहुत गलत बात है
विपक्ष द्वारा सवाल पूछा गया - 2 साल में कितनी विज्ञप्ति जारी हुई
पक्ष द्वारा जवाब दिया है जिसमें गलत डाटा पेश किया गया - 1 लाख 73132 दो साल में जो की ग़लत डाटा है
विशेष✅✅- लेकिन सजा नहीं मिलनी चाहिए ऐसे तो विधानसभा के जवाब से भी विश्वास उठ जाएगा कुछ भी जवाब दो 🤔🤔🤔🤔
#सजा_प्रावधान_होना_चाहिए
राजस्थान की सभी भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में चयनित अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की जांच की जानी चाहिए।
राजस्थान में OMR घोटाला कोई सामान्य घोटाला नहीं है आज तक के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है इसलिए CBI जांच की जानी चाहिए।
#OMR_घोटाला_की_CBI_जांच_हो
चयन बोर्ड के अध्यक्ष 4th Grade की OMR अपलोड कर रहे है ठीक बात है लेकिन स्टूडेंट को कैसे पता चलेगा की OMR स्टूडेंट ने भरी है या चयन बोर्ड के अधिकारी (संजय माथुर) ने ... इसमे एक नवाचार करने की सख्त जरूरत है वो कुछ इसप्रकार है।
स्टूडेंट जब एग्जाम देने जाता है तो चेकिंग के बाद स्टूडेंट का बायोमेट्रिक होता है और फेस स्कैनिंग होती है साथ में लाईव फोटो अपलोड होती है उसी प्रोसेसिंग को फॉलो करते हुए एग्जाम सेंटर के अंदर यानि प्रत्येक रूम मे ही वीक्षक द्वारा एग्जाम के बाद 15 मिनट ज्यादा समय लेकर स्टूडेंट के सामने OMR ऑनलाइन अपलोड करनी चाहिए जिस एग्जाम सेंटर मे प्रवेश के समय Admit card और स्टूडेंट का फेस स्कैनिंग करके अपलोड किया जाता है। उसी प्रोसेसिंग के साथ...तुरंत OMR अपलोड करनी चाहिए।
फिर परिणाम तैयार होने के बाद रिजल्ट जारी करते समय पुन दोबारा चयन बोर्ड द्वारा OMR सीट अपलोड करनी चाहिए...न की एग्जाम सेंटर वाली सेम ... दोबारा OMR की फोटो खींचकर अपलोड करनी चाहिए...फिर स्टूडेंट दोनो OMR का मिलान कर सकेंगे...उसमे OMR 0.1% भी फर्जीवाड़ा नही होगा...
इस बात से कौन-कौन सहमत है जरा बताओ...या OMR फर्जीवाड़ा रोकने का अन्य कोई तरीका हो तो बताओ।
@alokrajRSSB
OMR घोटाले को लेकर युवा X प्लेटफॉर्म पर हल्ला बोल ट्विटर कैंपेन चला रहे हैं...
युवाओं को कलम चलानी चाहिए..
2018 के बाद की सभी भर्तीयो की CBI से जांच होनी चाहिए...
#OMR_घोटाला_मांगे_CBI_जांच
किताबों से जीत जाओगे….!!!
कोर्स से, सिलेबस से भी जीत जाओगे…!!!
कठिनाइयों से और संघर्षों से भी जीत जाओगे…!!!
लेकिन चयन बोर्ड और RPSC के फ़र्ज़ी सिस्टम से कैसे जीतोगे…??
#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला#OMR_का_खेल_बंद_करो