A Memorandum of Understanding (MoU) was signed between DIPAS, DRDO and AIIMS Bhopal for collaborative research, academic exchange and advanced research in the field of human performance.
This partnership aims to boost health in extreme environments and develop cutting-edge protective medical technologies to mitigate operational stress.
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, बायोकैमिस्ट्री विभाग द्वारा 11-13 फरवरी, 2025 तक भारतीय जैव चिकित्सा विज्ञान अकादमी (IABSCON 2025) के XIII वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, बायोकैमिस्ट्री विभाग द्वारा 11-13 फरवरी, 2025 तक आयोजित भारतीय जैव चिकित्सा विज्ञान अकादमी के XIII वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘IABSCON 2025’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
इन यौगिकों को मानव मास्ट सेल लाइनों का उपयोग करके इन विट्रो प्रयोगों के माध्यम से सत्यापित किया गया। यह शोध IL-33/ST2 सिग्नलिंग पाथवे को ब्लॉक करने की क्षमता को प्रमाणित करता है, जो अस्थमा के इलाज का एक प्रभावी तरीका हो सकता है।
इस अध्ययन में बायोइन्फॉर्मेटिक्स आधारित ड्रग रिपरपसिंग विधियों का उपयोग किया गया। इसके माध्यम से दो ऐसे यौगिकों की पहचान की गई, जो अस्थमा की रोगजनन में शामिल प्रो-इंफ्लेमेटरी साइटोकाइन्स के स्राव को रोक सकते हैं।
इस तरह का अग्रणी अनुसंधान रोगी देखभाल को बदलने और स्वास्थ्य देखभाल परिणामों में सुधार करने में जैव चिकित्सा विज्ञान की भूमिका का प्रमाण है।”
डॉ. सिंह का यह शोध, एम्स भोपाल के जैव रसायन विभाग के प्रो. अशोक कुमार और एम्स बीबीनगर के डॉ. रोहित सलूजा के मार्गदर्शन में किया गया।
प्रो. सिंह ने डॉ. सिंह की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा, “यह पुरस्कार एम्स भोपाल में नवाचार और अनुसंधान उत्कृष्टता की भावना का प्रतीक है। डॉ. हिमाद्री सिंह का अस्थमा के लक्षित उपचारों पर किया गया कार्य, इस बीमारी से पीड़ित लाखों लोगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।
यह प्रतिष्ठित आयोजन 1-3 दिसंबर 2024 को एम्स दिल्ली और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के स्पेशल सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर मेडिसिन द्वारा सोसाइटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट्स, इंडिया के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
उनके मार्गदर्शन में एम्स भोपाल के जैव रसायन विभाग की डॉ. हिमाद्री सिंह को 5वें साइंस कॉन्क्लेव-कम-नेशनल बायोमेडिकल रिसर्च कॉम्पिटिशन में सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समाचारपत्रों में आज (07-12-2024) एम्स भोपाल
1. डॉ. गौरव चतुर्वेदी माइक्रोसर्जिकल इनोवेशन के लिए एनबीआरसीओएम 2024 में युवा शोधकर्ता पुरस्कार से सम्मानित...
2. डॉ गौरव चतुर्वेदी युवा शोधकर्ता पुरस्कार से सम्मानित
3. डॉ. हिमाद्री को सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार
समाचारपत्रों में आज (08-12-2024) एम्स भोपाल
1. एम्स भोपाल में थीसिस प्रोटोकॉल लेखन कार्यशाला का हुआ आयोजन
2. एम्स भोपाल में जल्द ही शुरू होंगे हाईब्रिड कार्डियक ऑपरेटिंग रूम्स
3. एम्स भोपाल की डॉ. हिमाद्री सिंह को एनबीआरसीओएम - 2024 में सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार
We have published a collaborative Review article on Circadian Immunometabolism and Cancer. This is an emerging area of research. Circadian immunometabolism: A future insight for targeted therapy in c... https://t.co/0QD9DshGUq
तीसरी शोध प्रदर्शनी कार्यक्रम एम्स भोपाल के संकाय, शोधकर्ताओं और सहयोगियों के लिए अपने नवीनतम शोध प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा, जिससे नवाचार और शैक्षिक उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, पीजी थीसिस ग्रांट (ICMR) श्रेणी में 5 पुरस्कार दिए जाएंगे, जो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा समर्थित शोध कार्यों को मान्यता प्रदान करते हैं।
बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) श्रेणी में, पेटेंट ग्रांट और कॉपीराइट पंजीकरण के लिए 5 पुरस्कार दिए जाएंगे, जो एम्स भोपाल के नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।