पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
#जौहर_यूनिवर्सिटी_रामपुर_उप्र
Dear children,
This win belongs to you. We salute your courage, determination and persistence that has led to the resignation of the Education Minister. At the same time, I am deeply sorry that you had to go through so much pain, assault, trauma and humiliation.
The country needs change. Change, so that the corruption that has been purposely allowed to sink into the system can be snuffed out. So that the country can flourish and the aspirations and dreams of our country’s youth can be fulfilled.
Much love,
Dimple
"आप आंदोलन में आए बच्चों के कपड़े फाड़ रहे हैं, यह पुलिस को कहां से ट्रेनिंग दी गई है? यह इसलिए होता है कि आंदोलन में लोग शामिल न हो और आंदोलन कमजोर हो जाए।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, लखनऊ
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने संसद परिसर में समाजवादी पार्टी एवं विपक्ष के सांसदों के साथ छात्रों के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
अयोध्या राम मंदिर में ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ के मुद्दे पर अभी भी भ्रष्ट भाजपा सरकार बेहद ग़ैरज़िम्मेदाराना रवैया अपनाकर, इधर-उधर के बयान दिलवाकर मामले को रफ़ा-दफ़ा करवाने की कोशिश कर रही है।
राज्य की SIT का त्रुटिपूर्ण गठन जब सवालों के घेरे में आ गया तो केंद्र ने नई SIT की बात कर दी, इधर कुछ और लोग भी समानांतर तथाकथित जाँच के बाद अपनी तरफ़ से क्लीन चिट बाँट रहे हैं, क्या इन सबके पास भी गोपनीय प्रमाण है या ये सब इस महापाप में अपनों को बचाने के लिए बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं। अगर इनके पास सबूत हैं तो सवाल ये है कि इन तक सबूत पहुँचे कैसे और अगर नहीं है तो सवाल ये है कि ये स्वतंत्र जाँच करनेवाले किस आधार पर संलिप्त अपराधियों की बेगुनाही का सर्टिफिकेट बाँट रहे हैं?
जो महापाप में साथी, वो रामघाती!
#CC_to_CC
दिल्ली में परीक्षा का आंदोलन चल रहा है और रामपुर में शिक्षा का।
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने से ही यहाँ के छात्रों का भविष्य बचेगा, इसी हमदर्दी भरे नज़रिए से आज समाजवादी पार्टी का हमारा डेलीगेशन वहाँ पहुँचा, जिसने छात्रों की माँगों का पूरा समर्थन किया।
#Save_Education_Stop_Demolition
देश मानता है, भाजपा आक्रांता है।
इतिहास गवाह है कि विश्वविद्यालय तोड़नेवाले कभी अपने लोग नहीं रहे। यूपी की भाजपा सरकार नकारात्मकता का नया इतिहास लिख रही है।
शर्मनाक!
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आज़मगढ़ की निज़ामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलम बदी साहब का इंतकाल, अत्यंत दुखद!
दिवंगत आत्मा को शांति दें भगवान।
शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो।
भावभीनी श्रद्धांजलि!
सुना है युवाओं के आंदोलन पर भाजपा सरकार ने आनन-फ़ानन में अभी-अभी अचानक कोई ‘प्रेस कांफ्रेंस’ की है।
विभाग किस और मंत्री का, और जवाब किसी और मंत्री का। ये ही तथ्य बताता है कि भाजपा इस मसले को सुलझाने के लिए किस हद तक अगंभीर है और एक तरह से युवाओं का मज़ाक उड़ा रही है।
युवाओं ने इस तत्वहीन प्रेस कांफ्रेंस को ज़ीरो नंबर देकर फ़ेल करार दिया है।
संवेदनशील-सहृदय विपक्ष के सांसदों ने आज श्री सोनम वांगचुक जी से अनशन तोड़ने का सविनय आग्रह किया क्योंकि उन जैसे सच्चे भारतीय का जीवन हम सबके लिए अनमोल है।
भाजपा सरकार जैसी भ्रष्ट, अनैतिक, निर्मम, निष्ठुर, अमानवीय सत्ता इस योग्य नहीं है कि कोई उसके अंहकार के कारण अपना जीवन दांव पर लगा दे।
भाजपा की सोशल-पॉलिटिकल क्रिमिनोलॉजी की क्रोनोलॉजी समझिए:
- भाजपा ने देश के सौहार्द को बाँटा
- अन्य राजनीतिक दलों को बाँटा
- राज्यों में बिरादरियों को बाँटा
- स्थानीय समाजों को बाँटा
- रिश्तेदारों व मित्रों को बाँटा
- संयुक्त परिवारों को बाँटा…
…अब ये बच्चों और उनके अभिभावकों तक को बाँटने तक पहुँच ही गये थे लेकिन इस बार ये कामयाब नहीं हो पाये क्योंकि दिलों के रिश्ते किसी के बाँटने से नहीं बँटते हैं।
अब तो कट्टर-से-कट्टर भाजपाई भी अयोध्या में भगवान के मंदिर तक को लूटनेवाले भ्रष्ट भाजपाइयों व उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ कांड व दिल्ली में बच्चियों, बच्चों, माँ-बाप, डॉक्टर्स, पत्रकारों व आंदोलन के समर्थन में आए हर सच्चे-अच्छे भारतीय पर हुए अमानवीय हिंसक वार-प्रहार से बेहद शर्मिंदा हैं। कुछ ने भाजपा के विरोध में, तो कुछ ने जनता के आक्रोश का सामना न कर पाने के डर से, गाड़ियों और अपने घरों-दुकानों, मकानों से भाजपा के झंडे उतार दिये हैं।
अच्छा हुआ समय रहते सबकी आँखें खुल गईं हैं क्योंकि सबको अपने बच्चों के भविष्य की चिंता है और देश की एकता की भी। ये एक ख़ुशनुमा बदलाव है।
अब भाजपा जाएगी, फिर कभी नहीं आएगी!
वो सफ़ेद कपड़ा लेकर गये जंतर-मंतर
हम काला कपड़ा लेकर पहुँचे ‘संसद’!
देश के बच्चों, उनके माता-पिता और उनके शुभचिंतकों के साथ-साथ विपक्ष के सांसदों के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ है, वो अति निंदनीय है। भाजपा का अमृतकाल, उनके दु-शासन के ‘काले’ काल में बदल जाएगा। भाजपा और उनके संगी-साथियों का इतिहास कोयले तक से भी नहीं लिखा जाएगा। भाजपा के शासनकाल को इतिहास जगह ही नहीं देगा, जिससे कि कोई कभी भी पढ़कर उसका दोहराव न करे।
समझौता नहीं; संघर्ष होगा!
जब सरकार न सुनेगी बच्चों की आवाज़…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब बच्चों पे बेरहमी से होगा निर्मम वार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब सरेआम बच्चियों के फटेंगे लिबास…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब करोगे दुखी माँ-बाप पर भी प्रहार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब हर एक नौजवां होगा हताश-निराश…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब सत्ता का अहंकार होगा हद से पार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब सरकार बंद कर लेगी संसद के द्वार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब मौक़ा नहीं दोगे, न संसद में न बाहर…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!