27% OBC आरक्षण के लिए कांग्रेस पूरी ताकत से लड़ेगी! @BJP4MP सरकार और मुख्यमंत्री के हर षड्यंत्र को बेनकाब करेगी! सुप्रीम कोर्ट में अपील कर, अधिकार की आवाज भी उठाएगी!
भाजपा सरकार ने OBC समाज को आरक्षण न देने की मंशा के चलते उच्च न्यायालय में आरक्षण के पक्ष में सही तरीके से पैरवी नहीं की।
सरकार ने वकीलों पर करोड़ों रुपए खर्च तो किए लेकिन OBC समाज को न्याय नहीं दिया! भाजपा सरकार ने OBC समाज के पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है, और इसके लिए ये समाज उन्हें कभी माफ नहीं करेगा!
: नेता प्रतिपक्ष श्री @UmangSinghar जी.
@OfficeOfKNath यह आपकी गलती है जब हाईकोर्ट ने आपसे प्रथम बार जवाब मांगा था तब आप ओबीसी की जनसंख्या सामने रख सकते थे प्रतिनिधित्व में रख रखते थे उसी समय की क्लोज हो सकता था लेकिन आपने यह नहीं किया और बीजेपी यह नहीं चाहती है जिंदगी भर
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी को पत्र लिखकर OBC वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है।
⦿ इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में OBC वर्ग के छात्रों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 27% OBC आरक्षण के तहत 13% पदों पर नियुक्तियां वर्षों से रुकी हुई हैं।
⦿ सभी छात्र बहुत पीड़ा में हैं। चार साल से अधिक समय से इंतज़ार कर रहे इन युवाओं का कीमती वक्त अब और ज़ाया नहीं होना चाहिए।
मध्य प्रदेश सरकार छात्रों की बात सुने और सर्वसम्मति से पारित 27% OBC आरक्षण लागू कर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे।
आदरणीय जननायक @RahulGandhi जी का यह कदम साबित करता है कि वे देश के करोड़ों वंचितों और युवाओं की असली आवाज़ हैं! इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में जब OBC छात्रों की व्यथा सामने आई, तो जननायक ने सीधे मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 4 साल से 13% पदों पर नियुक्तियां रोके रखना OBC युवाओं के भविष्य पर सरासर डाका है। सर्वसम्मति से पारित 27% OBC आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए और सभी चयनित अभ्यर्थियों को अविलंब नियुक्ति दी जाए।
@DrMohanYadav51 जी, युवाओं के ज़ख़्म पर नमक लगाना बंद करे और तुरंत न्याय करे! अगर ज़ल्द इनके साथ न्याय नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश भर में OBC समाज के हित में बड़ा आंदोलन करेगी!
@CMMadhyaPradesh@INCMP@INCIndia
#US12873
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी,
इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में OBC वर्ग के छात्रों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 27% OBC आरक्षण के तहत 13% पदों पर नियुक्तियां वर्षों से रुकी हुई हैं।
सभी छात्र बहुत पीड़ा में हैं - चार साल से अधिक समय से इंतज़ार कर रहे इन युवाओं का कीमती वक्त अब और ज़ाया नहीं होना चाहिए।
उनकी बात सुनिए, सभी दलों की सर्वसम्मति से पारित 27% OBC आरक्षण लागू कीजिए और सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दीजिए।
@BJP4MP मुख्यमंत्री जी आए थे उनसे सवाल करने की हिम्मत नहीं है इन लोगों में कोई अच्छा करने के लिए जाए 5-5लाख में मुआवजा दिया है 25 25 लाख मिलना चाहिए उन लोगों को
आवाज उठाने से क्या होता है?
आवाज उठाने से यह होता है।
सुभाष चंद्रा को लगा वही वक़्त है। मनमाने फ़ैसला अपने हक़ में लेंगे फिर उसपर सवाल उठाने वाले को “सवाल जिहाद “ बता कर बदनाम कर देंगे।
लेकिन वह और दौर था।
सवाल उठने के बाद सारे बैंक सुभाष चंद्रा को मिली कर्ज माफ़ी के फ़ैसले को चैलेंज कर रहे हैं!
जितने भी ऑनलाइन एग्जाम होते हैं यानी CBT (Computer Based Test), उनमें पेपर लीक होना लगभग नामुमकिन है।
कैसे होगा? पेपर तो exam time पर ही system में land होता है।
CBT में पेपर लीक नहीं, बल्कि cheating होती है।
System का remote access कराकर बाहर बैठे solver gang से live paper solve कराया जाता है। आज maximum CBT exams इसी बीमारी का शिकार हैं।
आज लगभग सब कुछ outsourcing और private companies के भरोसे चल रहा है। ज़रूरत है कि सरकार का अपना exam infrastructure हो या फिर सिर्फ़ उन्हीं credible agencies like TCS से exam कराए जाएँ जिनका track record मजबूत हो।
साथ ही एक Centre Affiliation Board होना चाहिए जो पूरे देश के CBT centres का audit करे, standards तय करे और उनकी accountability सुनिश्चित करे।
Paper leak और CBT cheating दोनों अलग-अलग समस्याएँ हैं।