भारत कभी सोने की चिड़िया कहलाता था, परंतु भारत को मुग़लों ने लूटा, अंग्रेज़ों ने लूटा और 1947 के बाद कांग्रेस ने भी लूटा।
कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का बंटवारा स्वीकार किया था। ऐसे में स्वाभाविक रूप से इस देश और इसके संसाधनों पर पूरा अधिकार हिंदुओं का होना चाहिए था।
लेकिन हुआ क्या?
पहला पाप:
👉 सबसे पहले कश्मीर में धारा 370 लागू की और उसे विशेष दर्जा दिया। फिर 35A जोड़कर कश्मीर घाटी के सिख, बौद्ध और हिंदुओं को दूसरे दर्जे का नागरिक बना दिया।
दूसरा पाप:
👉 मंदिरों पर नियंत्रण के लिए कई कानून बनाए। नतीजा—4 लाख से अधिक मंदिर सरकारी नियंत्रण में आ गए और उनकी आमदनी सरकार के ख़ज़ाने में जाने लगी।
तीसरा पाप:
👉 Waqf Board का गठन किया। हर कांग्रेस प्रधानमंत्री ने वक्फ को और मजबूत करने के लिए कानून बनाए।
आज वक्फ बोर्ड के पास 9 लाख एकड़ से अधिक जमीन है। जब वर्तमान सरकार Waqf Amendment Bill लाई तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर विरोध में खड़ा हो गया।
चौथा पाप:
👉 शैक्षणिक संस्थानों को विशेष दर्जा देकर तुष्टिकरण किया। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया को विशेष अधिकार देकर उन्हें लगभग एक वर्ग तक सीमित कर दिया।
हजारों संस्थानों को विशेष दर्जा मिला—पर हिंदुओं के लिए एक भी विशेष कानून नहीं।
पांचवां पाप:
👉 1985 का Citizenship Act बनाकर असम में 6 लाख बांग्लादेशी घुसपैठियों की नागरिकता का रास्ता साफ किया।
छठवां पाप:
👉 Places of Worship Act 1991 लाकर मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा तोड़े गए मंदिरों पर कब्जा जायज़ ठहरा दिया और उन्हें वापस लेने पर फ़ुल स्टॉप लगा दिया।
इसी के कारण काशी, मथुरा, संभल, भोजशाला सहित हजारों मंदिरों के मामले आज भी कोर्ट में अटके हैं।
#हिन्दू_विरोधी_कांग्रेस 🔥🙏
कांग्रेस का काला अध्याय
95. 19 जून 1964 ने नेहरु जी के नेतृत्व में भारत के संवैधानिक ढाँचे पर ऐसा काला धब्बा लगाया जिसने भूचाल ला दिया ।मार्च 1964 में उत्तर प्रदेश की विधानसभा ने केशव स���ंह नामक व्यक्ति को विशेषाधिकार के तहत जेल भेजा,आनन-फ़ानन में इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो जज जीडी सहगल और एन यू बेग ने विधानसभा की सजा पर रोक लगा दी,इन जजों के फ़ैसले के विरोध में विधानसभा ने उन दोनों जजों,केशव सिंह के वकील सोलेमन को जेल भेजने का आदेश दिया,हाहाकार मच गया हाईकोर्ट के जज को जेल जाने की नौबत आ गई,विधानसभा के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ इलाहाबाद हाईकोर्ट की हाईकोर्ट की फ़ुल बेंच यानि 28 जजों क��� बेंच बैठी उसने ना केवल सजा पर रोक लगाई बल्कि विधानसभा के स्पीकर सहित मुख्य मंत्री को भी जेल भेजने का निर्णय सुनाया, यह सभी प्रधानमंत्री नेहरु जी के आदेश पर हुआ,विधानसभा सभी जजों को जेल भेजने पर आमादा थी तभी तत्कालीन राष्ट्रपति राधाकृष्णन जी ने संविधान के अनुच्छेद 143 के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट से मंतव्य मॉंगा जिसकी सुनवाई आज ही यानि 19 जून 1964 को संवैधानिक बेंच ने मुख्य न्यायाधीश गजेन्द्र गड़कर जी के नेतृत्व में शुरू की,वैसे जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक जज को प��गल करार कर गजेन्द्र गडकर जी को मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था ।इसका फ़ैसला सितंबर 1964 को आया जिसने न्यायपालिका को स्पीकर के अधिकारों को सर्वोपरि मानकर हस्तक्षेप करने से मना किया ।नेहरु जी के वंशज @RahulGandhi जी को यह जानकारी @KapilSibal जी को देना चाहिए
#CongressDarkHistory
दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने तो शहज़ादे की पूरी स्क्रिप्ट ही फाड़ दी! 🔥
राहुल गांधी पर ऐसा तंज कसा कि कांग्रेस के चमचों की बोलती बंद हो गई।
राहुल गांधी की बारात निकली नहीं.. उन्हें क्या पता 'बारात का घोड़ा' कैसा होता है?
दिग्विजय के भाई लक्ष्मण ने शहजादे को
ऐसा धोया कि चमचे सुनकर बौखला जाएंग!
#LaxmanSingh #RahulGandhi #Congress #PoliticalDebate #ViralVideo
@RahulGandhi
दादा मरे अंधेरे में
बेटे का नाम जनरेटर
😂😂
ना तो दादी ने हिंदू ब्राह्मण से शादी की
ना माँ ने हिंदू ब्राह्मण से शादी की
ना बहन ने हिंदू ब्राह्मण से शादी की
ना भांजे ने हिंदू ब्राह्मण से शादी की
ना जीजा की बहनों ने हिंदू ब्राह्मण से शादी की
ना तो नाना की सभी बहनों ने किसी हिंदू ब्र���ह्मण से शादी की
और पाले हुए तलवे चाटने वाले चमचे कह रहे हैं हमारा मालिक तो दत्तात्रेय गोत्र का ब्राह्मण है
अरे मूर्ख जो तुम लोगों ने अर्नव गोस्वामी पर केस किया था जब अर्णव गोस्वामी ने एंटोनियो माइनो बोला था तब सोनिया गांधी ने अपनी एफिडेविट में स्वीकार किया था कि वह अभी भी क्रिश्चियन है इसीलिए बार-बार उनको एंटोनियो माइनो कह कर बुलाया गया
यह कोर्ट का जजमेंट पढ़ लेना
मतलब मां अभी भी क्रिश्चियन है पिता पारसी का बेटा है और बेटा दत्तात्रेय गोत्र का ब्राह्मण बन गया
🤣🤣🤣🤣🤣😂😂😂😂😂
ये कांग्रेसी अपना इतिहास भूल जाते हैं और पड़ी लकड़ी ले लेते हैं!
राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने का कांग्रेसी इतिहास बहुत पुराना रहा है!
आज संविधान की दुहाई देने वाले कांग्रेसी क्या राजीव और इंदिरा गांधी को भी कोसेंगे?"
#Congress#PoliticalDebate#IndianPolitics#HistoryMatters #ViralVideo
@RubikaLiyaquat
9 साल पहले अमित शाह ने अपनी गिरफ्तारी ���े वक्त जो शेर कहा था वो अब वायरल हो रहा है
गृह मंत्री अमित शाह ने गिरफ्तारी के वक्त कहा था...
'मेरा पानी उतरता देख
किनारे पर घर मत बना लेना,
मैं समंदर हूं
लौटकर जरूर आऊंगा'
#AmitShah #ChidambaramArrested
🚨 बहस के दौरान बड़ा पल!
आनंद रंगनाथन ने राम मंदिर डिबेट में सुरेंद्र राजपूत की धज्जियां उड़ा कर रख दी
"जिसकी जहां आस्था है, वह वहीं जाएगा" — इस बात से मैं पूरी तरह सहमत हूं।
दावा किया गया कि: 📌 नेहरू 1959 में बाबर की मजार गए
📌 इंदिरा गांधी 1968 में बाबर की मजार गईं
📌 राजीव गांधी 1976 में बाबर की मजार गए
📌 राहुल गांधी 2005 में बाबर की मजार गए
लेकिन सवाल यह है कि क्या इनमें से कोई राम जन्मभूमि गया?
"जिसकी जहां आस्था है, वह वहीं जाएगा" — यही बात आज की बहस में फिर सामने आई।
#RamJanmabhoomi #RahulGandhi #NehruGandhiFamily #PoliticalDebate #ViralVideo
#Anandrangnathan
@ssrajputINC@ARanganathan72
अब सच में पानी सिर के ऊपर निकल चुका है। 2023 में Rahul Gandhi का ल���्दाख दौरा याद है?
उस दौरे को लेकर अब एक नया दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी चीन बॉर्डर के पैंगोंग त्सो तक एक ऐसे शख्स को साथ लेकर गए, जिसका कनेक्शन George Soros और Pakistan से जुड़ा बताया जा रहा है।
आखिर कैसे? 🤔
सूत्रों के अनुसार, इस ट्रिप में राहुल गांधी के साथ तीन विदेशी नागरिक भी गए थे। उनमें से एक था शाकिर मुहम्मद नुराली मेराली। शाकिर Lightrock नाम की निवेश फर्म में अफ्रीका का मैनेजिंग पार्टन��� बताया जाता है।
Lightrock क्या है?
साल 2013 में George Soros से जुड़ी कंपनी ने भारत में Aspada Investment के नाम से एक निवेश फर्म बनाई थी। कहा जाता है कि इसमें पूंजी सोरोस से जुड़ी थी। 2019 में इस फर्म को LGT Group ने खरीद लिया और इसका नाम बदलकर Lightrock कर दिया गया।
हालांकि, आरोप लगाने वाले कहते हैं कि नाम बदला, लेकिन नेटवर्क और निवेश की संरचना वही रही। कहा जाता है कि Lightrock और SIDF ने भारत में संयुक्त निवेश भी किए।
बताया जाता है कि शाकिर 2012 ���े 2016 तक Lightrock से पहले दुबई में एक पाकिस्तानी कारोबारी की कंपनी Abraaj Group में मैनेजिंग डायरेक्टर था, जो बाद में वित्तीय घोटालों के कारण बंद हो गई।
Abraaj पाकिस्तान की बिजली कंपनी K-Electric में हिस्सेदारी रखती थी। 2016 में इसे चीन की सरकारी कंपनी को बेचने की कोशिश की गई थी। इस डील को लेकर रिश्वत और राजनीतिक फंडिंग के आरोप भी सामने आए थे, हालांकि यह डील पूरी नहीं हो सकी।
आरोप यह भी लगाए जाते हैं कि इस दौरान पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े नामों का भी जिक्र हुआ। इसी बीच सवाल उठाए जा रहे हैं कि राहुल गांधी के साथ लद्दाख जाने वाला व्यक्ति उसी नेटवर्क से जुड़ा रहा।
कुछ लोग यह भी दावा करते हैं कि शाकिर के निवेश उन क्षेत्रों में रहे, जहां चीनी कंपनियों की मौजूदगी अधिक रही है। उदाहरण के तौर पर अफ्रीका और केन्या की कुछ परियोजनाओं का उल्लेख किया जाता है।
अब सवाल उठाए जा रहे हैं कि:
👉 राहुल गांधी ने चीन सीमा के संवेदनशील क्षेत्र पैंगोंग त्सो को ही क्यों चुना?
👉 इस यात्रा में विदेशी नागरिकों को साथ ले जाने का उद्देश्य क्या था?
👉 क्या यह सिर्फ एक सामान्य यात्रा थी या इसके पीछे कोई और कारण?
आलोचक इन तथ्यों को जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, इस विषय पर आधिकारिक या स्वतंत्र जांच की कोई स्पष्ट पुष्टि सामने नहीं आई है।
आखिर सच क्या है? 🤨
यह सवाल अभी भी चर्चा का ��िषय बना हुआ है कि राहुल गांधी लद्दाख ट्रिप पर किसे घुमा रहे थे — एक सामान्य कारोबारी को या फिर यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है? 🇮🇳
अब आप ही बताइए…
यह असली मुद्दा है या फिर चुनावी मौसम का “ट्रेलर”? 😉🇮🇳
सेकुलर हिंदुओं चमचों के लिए विशेष
जो
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कांग्���ेस को एक मुस्लिम दल नहीं मानते
वो इस वीडियो को ध्यानपूर्वक देखें
सबूतों सहित बताया गया है
उन्हें समझ आ जाएगा कि
इस्लामी दल कांग्रेस का एकमात्र मकसद
देश में इस्लामी शासन लाकर
शरिया कानून लागू करना ही है।
जाग हिंदू जाग!!
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👉🏾भारत की सबसे भ्रष्ट देशद्रोही और गद्दार पार्टी #��ांग्रेस- नेहरू, इंदिरा सभी जो हमेशा देश के खिलाफ काम करते आए, यह खानदान व पार्टी पाकिस्तान पर पूरा ध्यान देती थी और पाकिस्तान को न्यूक्लियर पावर देने की पेशकश की थी जिससे भारत को नष्ट किया जा सके,
भारत को सिर्फ लूटते रहे 🐉🐷😡
2019, महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा-शिवसेना को चुना था
लेकिन
इटैलियन बड़े पेंगुइन की गोद में बैठ गई
तमिलनाडु की जनता ने DMK-INC को विपक्ष में बैठने का आदेश दिया था
लेकिन
इटैलियन स्टालिन के बेडरूम से निकल कर जोसेफ की गोद में बैठ गई
हिन्दु समुदाय के उदारता, सहिष्णुता, क्षमाशील स्वभाव को कमजोरी समझ कर कांग्रेसी नेहरू गांधी इस समुदाय को अपने इशारों पर नचाता रहा।और इसी आड़ में मुस्लिम तुष्टिकरण खुल कर करते आया।
फिर भी सभी हिन्दू मौन थे !!!!!!!!
कांग्रेस ने हिन्दुओं को एक षड्यंत्रकारी कहावत "" गंगा यमुना तहजीब "" में फंसा कर रखा और उधर मुस्लिम को सरकारी जमीन पर मदरसा, मस्जिद बनवाने का छूट दे रखा। हिन्दू यदि मंदिर निर्माण करें तो अनुमति।
फिर भी सभी हिन्दू मौन थे !!!!!!!!!
कांग्रेस ने हिन्दू धार्मिक शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया और उधर मुस्लिम, ईसाई को अनुमति प्रदान किया। मंदिर से दान रुपी धन पर कांग्रेस ने सरकारी संपत्ति घोषित की,और उधर मुस्लिम ईसाई के मस्जिद,गिरिजाघरों के आमदनी को उन पर छोड़ दिया।
फिर भी सभी हिन्दू मौन !!!!!!!!!
कांग्रेस ने मौलाना को सरकारी वेतनमान बनाया ,तो उधर मंदिर के पंडितों को "" ठेंगा "" दिखा दिया।
हिन्दु जनसंख्या को कम करने के लिए कांग्���ेस ने प्रचार किया "" हम दो और हमारे दो "" और उधर मुस्लिम को ८-१० बच्चे पैदा करने की छूट।
और तो और हिन्दू विवाह अधिनियम बना डाला जिसमें एक विवाह मान्य। उधर मुस्लिम को चार शादियां और चालिस बच्चें की अनुमति और कानूनी वैधता।
फिर भी सभी हिन्दू मौन !!!!!!!
इससे भी मजेदार बात तो कांग्रेस के रिमोट कंट्रोल मनमोहन सिंह ने कह डाली कि "" देश के संसाधनों पर पहला हक मुस्लिम का है "" । ये कैसा व्यान जो देश का प्र��ानमंत्री दे , वो भी जहां हिन्दू, ईसाई, पारसी,जैन, बौद्ध के अनुयाई हैं , क्या इन सभी समुदायों के प्रधानमंत्री दूसरा था???
फिर भी सारा हिन्दू समुदाय, राजनीतिक दल मौन रह गया !!!!
अर्थात हिन्दू समुदाय का मौन रहना और प्रताड़ना सहना, कांग्रेसी द्वारा दिए गए हिन्दू विरोधी विष को पिते रहना , क्या हम सभी अपने समाज के लिए अपराधी नहीं हुए??? पर हम तो दूसरे पर ऊंगली उठाने में अस्त व्यस्त रहे । हमारी मांगे और धार्म��क अधिकार कोई और देगा तब हम ग्रहण करेंगे, हम शांति प्रिय है , कौन सड़कों पर जाकर इतनी धूप, बरसात,ठंढ़ा में निकले।
पिछले 75 वर्षों से अपनी हिन्दू सनातन धर्म संस्कृति को समाप्त करने का जिम्मेदार हमलोग स्वयं है। 2014 के पश्चात हिन्दू जागृति दिखी,पर यह तो लेशमात्र है,
वास्तविक जागरण तभी होगा जब हम सभी सरकार पर दबाव बनाए कि शिक्षा संस्थानों में रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ बारहवीं कक्षा तक अनिवार्य किया जाय। सभी विद्यार्थियों को ईश्वर की वंदना कर कक्षा में जाएं, । अधिकतर विद्यालय ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित किया जाता है उसमें तो अनिवार्य रूप से ईश्वर वंदना, रामायण श्रीमद्भगवद्गीता का अध्यापन निश्चित किया जाय।
जिससे हमारी पीढ़ी अपने धर्म को जाने और अनुपालन करें । ऐसा होने पर कोई भी हिन्दू मुस्लिम और ई��ाई बनना स्वीकार नहीं करेगा। अर्थात धर्मांतरण अपने आप रूक जाएगा।
"" वंदेमातरम "''