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ग्राम प्रधान बना भू माफिया
ग्राम पंचायत छज्जूपुर जिला मेरठ की बेशकीमती कल्लर भूमि पर ग्राम प्रधान ने अवैध निर्माण कार्य शुरू किया है। शुक्रवार को जाँच करने आयी टीम जिसमे नायब तहसीलदार, पटवारी एवं कानूनगो शामिल थे
जज साहब कुछ करिए.
लोगों का भरोसा टूट रहा है😐
(ये डॉक्यूमेंट अतुल सुभाष मामले में वायरल है. सही है तो इससे बुरा क्या ही हो सकता है)
#JusticeForAtulSubhash
अतुल सुभाष ने आत्महत्या कर ली ,
किंतु उसके पीछे की जो बातें है समाज के लिए एक बड़ा msg छोड़कर जाती है के ये जो फेमिनिज्म की आग लगी है इस देश में , ये भारत के समाज के लिए कितनी घातक हैं।
अतुल सुभाष तो नहीं रहे किंतु उनको न्याय मिले ये आवश्यक है।
Atul Subhash was murdered by his wife & Judge Rita Kaushik.
Repost if you want Judge Rita Kaushik & wife Nikita will be jailed for life! #JusticeForAtulSubhash
मेरे भाई को, अतुल सुभाष की तरह ही, उसकी पत्नी शिखा अवस्थी ने इतना प्रताड़ित किया कि उसने 27 दिसंबर 2023 को आत्महत्या कर ली। आज एक ��ाल बाद भी, न तो उस महिला के खिलाफ कोई FIR हुई और न ही उसे गिरफ्तार किया गया।
#JusticeforRishi #ArrestShikhaAwasthi #JusticeForAtulSubhash
Bengaluru police have filed an FIR against the wife of the late Atul Subhash and her family for abetment of suicide under Section 108 3(5) of the BNS.
She won’t be granted bail. Karma is evil. What goes around, comes around....
#JusticeforAtulSubhash
���ैं और...
मेरा पैसा ही मेरी जान का दुश्मन बन गया है
मेरी बीवी मुझसे पैसा लेकर ऐश करती है
फिर उसी पैसे को वकील, पुलिस और जजों पे खर्च करके मेरी जिंदगी को मेरे ही पैसे से नर्क बनाती है
सिर्फ मुझे नहीं मेरे माँ बाप भाई बहन को
परेशान किया जाता है मेरे ही कमाए पैसों से..
इतना बोलकर पत्नी के जुल्मो से तंग
आकर "अतुल सुभास" ने आत्महत्या कर ली...
इस अधेड़ उमर की घोड़ी जैसे मुँह वाली महिला ने एक अतुल की जान नहीं ली बल्कि एक परिवार को तबाह किया है...
हालांकि मैं अतुल की आत्महत्या का समर्थन नहीं करता लेकिन इन जैसी महिलाओं ने न जाने कितने निर्दोष लोगों परिवारों के जीवन को नर्क बना रखा है..
आपकी क्या राय है इसपर ✍️
बड़े दिनों से मन में एक ख़्याल आ रहा है। ये कितना ख़तरनाक इको- सिस्टम है…
ह से हमास कहो तो गुनगुना देंगे
ह से हिज़्बुल कहो तो रो पड़ेंगे
ह से हिंदू कह दो.. बस फिर देखो! क्रोधित होंगे, नारे लगाएँगे, झूठ मूठ का डर बताएँगे
ये किस तरह की सोच जिसमें आतंकवादी संगठन हमास और हिज़्बुल्लाह से कोई बैर नहीं है, खुलकर आतंकियों का सपोर्ट हो रहा है… रो रहे हैं- बिलख रहे हैं! एक संगठन जिसने सिवाए आतंक के कुछ नहीं फैलाया उसके लिए ऐसा मातम?
और यही वो इको-सिस्टम है जो हिंदुओं के केवल नारे लगाने भर पर उन्हें हिंसक करार दे देता है।
राम मंदिर बनने पर जश्न मनाने वा���ों को कट्टर कह देता है!
दीवाली पर पटाख़े (ग्रीन ही सही) फ़ोडने पर उन्हें मानवता के लिए ख़तरनाक कह देता है!
खान-पान में शुद्धता की माँग करने पर अतिवादी, उग्र बुलाया जाता है
इतनी धूर्तता लाते कहाँ से हैं ?