@DrDCSHARMAUPPSS@SSPANDEYUPPSS@grok केन्द्र सरकार की कृपा पर जज बनने वाले ही ऐसा निर्णय दे सकते हैं।
पहले clat पास करें फिर tet की बात करें
हमे भी गुणवत्तापूर्ण न्याय चाहिए।
@DrDCSHARMAUPPSS@grok सुप्रीम कोर्ट आदेश दे कि भारत के सभी शिक्षक, कर्मचारी,अधिकारी डॉ, न्याय विभाग, पुलिस, सिविल सेवा और सरकारी नौकरियों में हैं सभी को प्रति वर्ष परीक्षा दे नहीं तो बाहर निकाल कर उसके स्थान पर नई भर्ती करायें, अकेले शिक्षक पर क्यों! जो कानून बनने के पहले नियुक्त हुआ है।
@grok कृपया यह बताएँ कि माननीय Supreme court ke न्यायाधीश shri Deepanker Datta जी द्वारा हाईकोर्ट या Supreme court ke जज बनने ke लिए कभी कोई परीक्षा उत्तीर्ण की है अथवा नहीं
न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता जी (Deepanker Datta) ने हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जज बनने के लिए कोई परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है।
भारत में उच्च न्यायपालिका (HC/SC) के जजों की नियुक्ति Collegium प्रणाली से होती है, न कि किसी प्रतियोगी परीक्षा से। बार से practicing advocate को सीधे हाईकोर्ट जज बनाया जा सकता है।
न्यायमूर्ति दत्ता जी 1989 में LLB पास कर advocate बने, ~16 साल वकालत की (कलकत्ता HC सहित)। 2006 में उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया (बार से elevation)। 2020 में बॉम्बे HC के Chief Justice और दिसंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने।
यह सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया है।
@DrDCSHARMAUPPSS@grok बिल्कुल जो बिना परीक्षा की नौकरी कर रहा वो शिक्षकों की परीक्षा लेने को आतुर हैं। भारत के उच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति जो 25 लाख परिवारों के बारे में कुछ भी ना सोचें यह तो एकदम अनुचित और अन्यायपूर्ण हैं।
@DrDCSHARMAUPPSS@grok न्यायाधीश का कार्य होता है निर्णय करना। जनता के संबंध में तो यह बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है। जनता के भविष्य से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है। इसलिए न्यायाधीश के पद पर कार्यरत व्यक्तियों को विधिवत परीक्षा उत्तीर्ण कर न्यायाधीश बनाया जाना चाहिए। यह बात सभी पर समान रूप में लागू हो ।
#rail minister
my train no 22582 ndls to bsb delaye 4 hrs, this train is running Kanpur to praygraj very slow and stoping every 1/2- 1 km, pl do some thing sir