तेज आँधी तूफ़ान के बाद पिछले 24 घंटे से हम लोग आभारी हैं मुख्यमंत्री जी और आदरणीय बिजली मंत्री श्री ए के शर्मा जी के.
आपके कारण हमें बिना बिजली के शुद्ध गांव की हवा पिछले 24 घंटे में मिल रही है.
आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
@myogiadityanath@AKSharmaOffice@PMOIndia
The Bharatiya Janata Party(BJP)-led National Democratic Alliance (NDA) on Monday (May 4, 2026) scripted a record victory in the Assam Assembly elections, bagging 101 of the 126 seats to retain power for a third straight term.
@MVVNLHQ@mduppcl@mvvnlgonda@SamreshTripathi पावर हाऊस- डुमरियाडीह, जिला गोंडा, ढोढियापारा, राजासगरा, नियर जनता होटल. गोंडा अयोध्या हाईवे. छे घंटे पहले ट्रांसफॉर्मर फुंक गया है कृपया ठीक कराने का कष्ट करें. मेरा मोबाइल नंबर है 8840180308
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तेरा निज़ाम है सिल दे ज़बान-ए-शायर को
ये एहतियात ज़रूरी है इस बहार के लिए
वीडियो में पत्रकार साथी राजवीर जी हैं, बेहद सुलझे हुए समझदार व्यक्ति हैं। इनको लंबे अरसे से मैं जानता हूँ, इसलिए यक़ीन के साथ कह सकता हूँ—ये ख़बर दिखाने या किसी भी मसले में भागमभाग से ख़ुद को दूर रखते हैं। ये उन लोगों में से हैं जो कई बार सब सच जानते हुए भी अगर दस्तावेज़ या तथ्य न हों तो न ख़बर दिखाते हैं, न लिखते हैं। अगर सब सबूत हों, तो सच कहने से बचते भी नहीं हैं।
मगर आज के दौर में सच को सच कहने की बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ रही है।
मेरा मानना है—बिना क़ानूनी पचड़े में पड़े ख़ुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो “चोर को साव और साहब” कहने की आदत डालनी होगी। अब चोर को चोर तभी कह सकते हैं जब कोई सरकारी संस्था किसी की चोरी पकड़े या साबित करे (विजिलेंस जैसे विभाग)। हालाँकि सनद रहे कि चोरी पकड़ने वाले भी सरकारी कर्मचारी ही होते हैं।
राजवीर बाबू ने चोर को चोर कहने का अपराध तो कर दिया है, फिर तो इनके ख़िलाफ़ बिल्कुल सही FIR हुई है।
राजवीर कोई सरकारी संस्था या कर्मचारी तो हैं नहीं जो चोर को चोर कहें। होंगे इनके पास सही और पर्याप्त दस्तावेज़, होगी उसमें कुछ सच्चाई, मगर इन्होंने सही बात किस हैसियत से कह दी—जो कुछ ईमानदार टाइप के बेईमानों के गले नहीं उतरी।
करोड़ों के विज्ञापन पाने वाले संस्थानों के मालिक (पत्रकार नहीं) चरण-चाटन के चलते सच के आसपास भी चले जाएँ तो बदहज़मी हो जाती है।
बहरहाल, अगर आपको बतौर पत्रकार सच कहने और दिखाने का भूत सवार है, तो वह भूत किसी ओझा से उतरवा लीजिए। सीधे-सीधे नौकरी करिए, जैसे अन्य सेक्टर की नौकरियाँ होती हैं।
बाकी चापलूसी, चमचागिरी, दलाली, ब्लैकमेलिंग, मक्कारी करना हो तो पत्रकारिता बहुत बढ़िया पेशा बन चुका है। वैसे भी आज के दौर में सरकारी तंत्र की चरणवंदना करना ही सच्ची पत्रकारिता मानी जा रही है।
बल्कि मैं तो कहता हूँ कि सभी सरकारी विभाग अपने यहाँ एक डेस्क बना दें, जहाँ पत्रकार अपना डे-प्लान भेजें। जब संबंधित विभाग स्टोरी अप्रूवल दे, तब कोई अपनी स्टोरी करे। बिना सरकारी अप्रूवल के की गई स्टोरी संज्ञेय अपराध की श्रेणी में मानी जाए और पूरी तरह असत्य घोषित हो। विभागीय असाइनमेंट डेस्क का अफ़सर जिस स्टोरी को अप्रूवल देगा, वही सत्य मानी जाएगी।
मसलन—
असाइनमेंट डेस्क — PWD
असाइनमेंट डेस्क — आवास विकास
असाइनमेंट डेस्क — बिजली विभाग
इससे सरकार को यह लाभ होगा कि राजवीर जैसे लोग “चोर को चोर” नहीं कह पाएँगे। बेईमान आराम से ईमानदार के साथ चोरी का काम कर पाएगा।
जिसेस सच के लिखने के लिये अपनी कलम चलाने वाले पत्रकारों के ख़िलाफ़ मुकदमा भी नहीं लिखा जायेगा।
@pnbindia विपुल खंड गोमतीनगर लखनऊ शाखा का संपर्क नंबर पर कॉल करने पर पैसा न जमा होने के कारण बंद बताता है. कृपया मुझे बैंक का संपर्क के लिए नंबर दें. मैं दुसरे राज्य में हूँ कृपया मदद करें.
@SupriyaShrinate मुँह में बवासीर है क्या. अनपढ़ भी नहीं हो, जाहिल भी नहीं हो फिर तो बवासीर ही होगा आपको. अरे इन कुत्तों को जितनी बार हराओ उतना सुकून मिलता है. लेकिन आपको बस मोदी. पेट साफ़ नहीं हुआ मोदी, भूख नहीं लगती मोदी, सुसु नहीं हुई मोदी. अरे हद है. इन पाक कुत्तों को औकात में ला दिया मोदी