@RevolutionMonk लखनऊ का एक बेहतरीन केस था जिसमें कोर्ट ने बचपन में खोये बच्चे को उसके जैविक माता पिता को न सौंप कर उसका पालन पोषण करने वाले चाय बेचने वाले पोषक पिता को सौंप दिया। यह केस इस मिसाल था। काश इस मामले में भी कोर्ट मानवीय पहलू पर गौर करती।
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@askrajeshsahu यह पोस्ट ही गलत है। वह टिप्पणी व्यक्तिगत थी ही नहीं, वह तक गोदी मीडिया को आईना दिखाने के लिए था, जैसा गोदी मीडिया दूसरों के साथ करती है। मुंह में माइक डाल डाल कर बात का बतंगड़ बनाती है, लोगों की जिंदगियां बर्बाद करती है, देश को तो इस गोदी मीडिया ने बर्बाद कर ही दिया है।
@DainikBhaskar जापान विश्व में अपने रूल्स रेगुलेशन इंप्लीमेंटेशन के लिए जाना जाता है।अपने देश को तो उनसे बहुत कुछ सीखना चाहिए। इसके विपरीत अपने देश में बताने को तो रूल्स रेगुलेशन का अंबार है,पर इंप्लीमेंटेशन में हम रद्दी हैं।हमारे नेता अधिकारी कर्मचारी भ्रष्ट हैं।हम भूल सुधार में यकीन नहीं करते
@DainikBhaskar एक ही जनहित याचिका में जितने भी देश में इस तरह के मुद्दे हैं दस बीस पचास, उनका निपटारा एक ही बार में हो जाना चाहिए। 10 जजों की सुप्रीम पीठ एक ही बार में फैसला ले ले। क्या अगले एक हजार सालों तक देश में यही ड्रामा चलता रहेगा?
@zoo_bear कर्ताधर्ता प्रधान सेवक हैं।अगर कुछ बदलना है तो भ्रष्टाचार के लिए जीरो टॉलरेंस की मांग करनी होगी।चाहे कोई भी हो,किसी भी पद पर हो,भ्रष्टाचारियों को बख्शा न जाए,गैरपंजीकृत संस्थाओं पर प्रतिबंध लगे,भ्रष्टाचारियों, आय से अधिक संपत्ति वालों की संपूर्ण संपत्ति जब्त हो,उन्हें उम्रकैद हो।
@zoo_bear बेकार की माँग के लिए भूख हड़ताल है। मांग क्या है - धर्मेंद्र प्रधान जी को हटाना है। उससे क्या होगा? अरुण जेटली आएं या निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल आएं या अश्विनी वैष्णव, स्मृति ईरानी आएं या किरन रिजिजू। एक बदलेगा दूसरा आयेगा, तंत्र वही रहेगा।
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@ShayarImran भारत में शायद 80% से ज्यादा इमारतों का नक्शा पास नहीं होगा। सरकारों को तो स्कीम निकालनी चाहिए ताकि लोग बिना रिश्वत के आसानी से अपने नक्शे पास करा सकें इससे शहरी विकास में मदद मिलेगी। पर उल्टा सरकार और भ्रष्ट प्रशासन ताकत का दुरुपयोग इमारतें जमींदोज करने में करते हैं।
@DainikBhaskar भारत में मशीनों को कैलिब्रेट ही नहीं किया जाता। एयरपोर्ट पर जाओ तो ठगी, डाक्टर के यहां जाओ तो वहां बीपी बढ़ा हुआ बता कर दवाई देने का रैकेट चल रहा है। हर जगह धांधलेबाजी चल रही है। देश का कोई भविष्य है नहीं।
@ranvijaylive रजिस्ट्री है, यूनिवर्सिटी शुरू करने की इजाज़त है तो दिक्कत क्या है? नक्शा पास होता रहेगा। सरकार नोटिस में समय सीमा दे सकती है। नक्शा पास न होने का मतलब बिल्डिंग अवैध होना नही है। नक्शा पास न होने का कुतर्क देकर बिल्डिंग गिरा देना ये सरकार और प्रशासन का तानाशाही रवैया है।
@nporchelvan@dhruv_rathee@narendramodi Is it acceptable for a PM to sit in India and defame all the deceased former PMs of the country every day? If you consider this acceptable, then you should be ashamed of yourself.
@DainikBhaskar ठग प्रधान देश है यह। मूर्ख व्यक्ति ही राष्ट्रवाद के नाम पर छद्म गर्व की अनुभूति कर सकता है इधर, कोई भी समझदार व्यक्ति देश को बर्बाद हो चुका ही बोलेगा।
@IndianGems_ मिलावटखोरों, तस्करों, चाइल्ड रेपिस्टों, संगीन अपराधियों, भ्रष्टाचारियों, आय से अधिक संपत्ति रखने वालों के लिए सिर्फ एक ही सजा होनी चाहिए - फांसी।