Our foreign policy has been reduced to an embarrassing spectacle. Modi enjoying Indian song and dance on foreign land, NRI’s chanting Modi Modi and pliant media taking soundbytes of delirious modi bhakts
देखिए ये भीड़...🚨
बिहार पुलिस परीक्षा देने जा रहे छात्रों की है। हजारों अभ्यर्थी स्टेशन पर जुटे हैं। इतनी भारी भीड़ में अगर व्यवस्था कमजोर पड़े तो अव्यवस्था होना तय है।
100 days ago, Rahul Gandhi challanged Narendra Modi to cancel the US Trade Deal because it was suicidal for India
But Modi did not. Result? —
> Ambani got $300 Billion contract to build US’s first major refinery in 50 years
> Adani settled all criminal fraud & bribery charges with US Govt
> India forced to do trade worth $500 Billion with US in 5 years
> Several Indian sectors like Textile industry set to collapse
Rahul Gandhi was right, yet again.
So Modi’s Friends won, and India lost.
Even as the mortal remains of Indian seafarers killed in Oman by American action arrive in India, I join the nation in mourning the loss of the three Indian seafarers.
Three days have passed since this tragic incident. Yet, there has been no public statement at all or even a condolence message from PM @narendramodi.
The nation was waiting for it, Modi ji.
You spoke about “देश नहीं झुकने दूँगा” but no proof is now required that you have belittled India’s global standing and sovereignty.
Our National interests is being surrendered on a daily basis. And you have the audacity to sugarcoat it with the “Vishwaguru” narrative.
India used to be a “Vishwaguru” when it maintained its strategic autonomy and followed the policy of Non-Alignment. The world listened to us when all previous governments followed this consistent policy of not surrendering.
Indian lives cannot be treated as an afterthought in matters of foreign policy. At a time when serious questions remain unanswered, silence is not a substitute for accountability. The nation deserves clarity, and the families deserve justice.
'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो'
NSUI अध्यक्ष @VinodJakharIN जी के नेतृत्व में NEET पेपर लीक और CBSE में हुई अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह लड़ाई सड़क से संसद तक जारी रहेगी।
📍 लखनऊ, यूपी
NEET पेपर लीक और CBSE में धांधली के खिलाफ NSUI के साथी सड़कों पर हैं- सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
आज लखनऊ में जब NSUI कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के इस करप्ट सिस्टम के खिलाफ हल्ला बोला, तो सरकार ने पुलिस भेजकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की।
इस झड़प में NSUI के कई साथियों को चोटें भी आई हैं, लेकिन उनके हौसले नहीं टूटे हैं।
हमारी मांग साफ है- धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा।
📍 यूपी
कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
https://t.co/JkKgow6pi7
Compromised PM के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है।
विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है - और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं।
इस भारतीय को घर लाइए। अभी।
“केवल भारतीय नाविकों पर हमला हो रहा है”
ईरान में भारतीय नाविक मदद की गुहार लगा रहे हैं
उनका कहना है कि अमेरिका जानबूझकर उन जहाजों पर हमला कर रहा है जिन पर भारतीय मौजूद हैं
नरेंद्र मोदी के compromised होने की कीमत पूरा देश चुका रहा है
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।
प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही अपने स्वयं-घोषित अच्छे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं।
सभी भारतीय नागरिकों के मन में सबसे प्रमुख सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी ये बातें उठाएंगे-
(i) ओमान तट के पास एक जहाज पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की हत्या की भारत सबसे कड़ी निंदा करता है; और
(ii) 12 जून, 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा इस्तेमाल की गई धमकी भरी और अस्वीकार्य भाषा का मुद्दा उठाएंगे।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर भी जल्द ही भारत आने वाले हैं, ताकि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया जा सके। हमें याद रखना चाहिए कि ‘पारस्परिक और परस्पर लाभकारी व्यापार को लेकर अंतरिम समझौते की रूपरेखा’ की घोषणा राष्ट्रपति ट्रंप ने 3 फरवरी, 2026 की रात को की थी। उन्होंने कहा था कि यह प्रधानमंत्री मोदी के विशेष अनुरोध पर किया गया था, उस समय जब प्रधानमंत्री मोदी संसद में @RahulGandhi द्वारा चीन को लेकर उनकी कायरता के खुलासे के दबाव में थे।यह ‘डील’ भारत के लिए एकतरफा नुकसान वाला सौदा था, जिसमें मोदी सरकार ने भारी एकतरफा रियायतें दीं, जो हमारे किसानों और उद्योगों के लिए खतरा हैं। मलेशिया जैसे देशों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद, जिसमें इन समझौतों की पृष्ठभूमि बने ट्रंप-टैरिफ को रद्द कर दिया गया था, अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौतों को “null and void” घोषित कर दिया है।मोदी सरकार न सिर्फ इस ट्रेड डील को छोड़ने में नाकाम रही है, जो भारत के करोड़ों किसानों के भविष्य को खतरे में डालती है, बल्कि वह चुप और असहाय बैठी रही, जबकि विदेश मंत्री रुबियो ने घोषणा की कि मोदी सरकार ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है -यानी अमेरिका से हमारे वार्षिक आयात को प्रभावी रूप से दोगुना करना।
रुबियो-जयशंकर बातचीत, राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ व्यवस्था को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पलटे जाने और इस व्यापार समझौते की साफ अन्यायपूर्ण प्रकृति को देखते हुए, भारत को कम से कम अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की यात्रा स्थगित करनी चाहिए। कोई भी स्वाभिमानी देश बुली करने वालों के खिलाफ अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए केवल फोन कॉल और प्रेस वक्तव्यों से कहीं अधिक करेगा।
VIDEO | TMC leader Sagarika Ghose (@sagarikaghose) said, "Rebel TMC leaders, who won on TMC symbol and due to Mamata Banerjee, they are now standing with folded hands before BJP, this is moral weakness."
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7)
देश में बेरोजगारी फैली हुई है। जब युवा लंबे समय तक बेरोजगारी का दंश झेलता है, तो उसे बहुत निराशा होती है।
नरेंद्र मोदी 2014 में चुनाव से पहले कहते थे: हर साल युवाओं को 2 करोड़ रोजगार दूंगा, लेकिन आज सबसे ज्यादा बेरोजगारी है।
पहले दिल्ली में आस-पास के राज्यों से और दूर से भी युवा रोजगार की तलाश में आते थे, लेकिन आज दिल्ली का युवा भी रोजगार के लिए तरस रहा है।
आज दिल्ली में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बाद भी रोजगार के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ है। BJP की नीतियों से रोजगार के अवसर घट गए हैं।
MSMEs भी BJP की गलत नीतियों के कारण बंद हो गई हैं।
पिछले साल हमने रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाया था, इसबार भी हम इसे और बेहतर तरीके से करेंगे।
: दिल्ली प्रदेश कमेटी, GSO @INCanilbhardwaj जी