It is now established beyond doubt that Gyanesh Kumar changed Form 6 illegally and unilaterally.
This is just one more proof of him abusing his position to help the BJP.
He and everyone else involved in this criminal assault on our democracy will be held accountable.
The online Form 6 was changed illegally - as the EC's own Commissioners have recorded.
Who at the ECI ordered Tata Consultancy Services to make that change?
Who at TCS signed off on it? And were they pressured into doing it?
🚨URGENT NEWS🚨
The government is planning on arresting me, Abhijeet, Ashutosh, Ratna and other Cockroach Janta Party leaders.
If the government thinks that such dictatorial actions will work, then they are mistakened! The young generation has awakened. We appeal to everyone to continue fighting for our rights and future, with or without us. We have always been ready to face the jail or worse. But this will be a big mistake. The young will not tolerate this.
The protests must continue. People of India should ensure the biggest mobilisation starting October 10th.
@Cockroachisback
क्या दिल्ली के किसी पत्रकार,बमीडिया या संपादक को पता है कि पुणे में पिछले चार दिनों से हजारों MPSC छात्र दिन रात बैठकर पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं? दिल्ली और मुंबई से दूर, यह सभी किसान के बच्चे हैं.. महाराष्ट्र सूखा से जूझ रहा है, लेकिन उनके बच्चे दिन रात एक कर पैसा जमा कर पढ़ाई करते हैं, दिन रात तैयारी करते हैं और फिर पेपर लीक हो जाता है.. एनसीपी विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में यह आंदोलन जारी है.. ग्राउंड रिपोर्ट जल्द ही, The Telescope पर!
जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है।
घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ़ इतनी माँग लेकर बैठे हैं कि FIR दर्ज कर ली जाए। ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वो भी नहीं किया।
आज ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए।
और ये पहली बार नहीं है - इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अफसर महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं।
पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं - मगर जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है।
और एक महिला की शिकायत दर्ज करने से जो सरकार डरती है - वो आख़िर किसकी हिफ़ाज़त कर रही है?
दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह जी, कहाँ हैं आप? जवाब आपको ही देना है।
देशभर में लोग अपने हक़ के लिए लड़ रहे हैं - और अक्सर अकेले लड़ रहे हैं।
Gen Z, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित, महिलाएँ - हर संघर्ष की अपनी कहानी है। पर जो आवाज़ अकेली उठती है, वो अक्सर दब जाती है।
'सत्याग्रह' इन्हीं आवाज़ों को एक नक्शे पर साथ लाने की पहल है।
बापू ने यही सिखाया था - सच सबसे बड़ा हथियार है। पर उससे भी बड़ा हथियार है, एकता में सच के साथ खड़े होना।
अगर आप भी किसी अन्याय से लड़ रहे हैं - अपनी कहानी भेजिए। दो मिनट लगेंगे।
आपकी कहानी नक्शे पर आएगी। आप देखेंगे कि आपकी तरह और कौन-कौन लड़ रहा है। और मैं जो कर सकता हूँ, करूँगा - संसद में, सड़क पर, खत लिखकर, जहां भी मेरी ज़रूरत हो वहां आपके साथ खड़े होकर - नेता विपक्ष के रूप में ये मेरी ज़िम्मेदारी है।
अपने सत्याग्रह को कहानी मुझे यहां बताएं
👉 https://t.co/hJ8iARr5La
दिनेश राय पुत्र शारदा राय!
UP- कुशीनगर के स्कूल संचालक दिनेश राय की पत्नी बीमार थी. उन्होने एक टीचर को अकेले में बुलाया और अपनी परेशानी बताई. यह भी बताया कि बीबी की बीमारी की वजह से उससे सैक्स नही कर पाते. तुम मेरे साथ हमबिस्तर हो जाओ किसी को पता भी नही चलेगा और मेरा काम भी हो जायेगा.
महिला टीचर इसकी अय्याशी की कहानियां सुन चुकी थी. उसने पूरी घटना का वीडियो बनाया और इस सफेदपोश के चेहरे से नकाब हटाकर इसे नंगा कर दिया.
दिनेश राय के खिलाफ शिकायत दर्ज हुआ है और अब वह जेल यात्रा पर है.
दिल्ली की BJP सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं।
उसका गुनाह? वो वीडियो बना रहा था।
मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था।
ये उस सत्ता का चेहरा है जिसे अब वोटर से डर लगना बंद हो गया है।
सड़क पर सवाल पूछो - थप्पड़।
पेपर लीक पर सवाल पूछो - लाठी।
संसद में सवाल पूछो - माइक बंद।
ये लोग ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि इन्हें अब ये डर ही नहीं कि चुनाव इन्हें हटा सकता है। वोट चोरी यही ख़रीदती है - सिर्फ़ नतीजा नहीं, उसके बाद आने वाला अहंकार भी।
जो सरकार जीत को पक्का मान लेती है, उसे आपकी रज़ामंदी नहीं चाहिए - आपकी ख़ामोशी और अंधभक्ति चाहिए।
कैमरे पर बहुत कुछ बोल नहीं सकता. बिहार में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त है. एक लड़की के साथ दुर्घटना हो गई. मैंने पटना के SSP को फोन किया, पर नहीं उठाया.
ये बात विपक्ष की तरफ से नहीं, बीजेपी के राज्य सभा सांसद शंभु शरण पटेल कह रहे हैं.
Indian Express just saved ₹1.5 crore of public money.
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar was scheduled to attend a BLO event in UP's Meerut. Arrangements were already in full swing, with about ₹1.5 crore set to be spent on catering and other logistics. The event has now been reportedly cancelled.
कोई भी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट एक दिन में तैयार नहीं होती। ज्ञानेश कुमार पर लिखी गई इंडियन एक्सप्रेस की खबर पर हफ्तों की मेहनत हुई है। ऐसा कतई नहीं है कि एक्सप्रेस रिपोर्टर ने 22 सितंबर को खबर लिखी और 23 सितंबर को पब्लिश हो गई।
निश्चित रूप से जब रिपोर्टर वर्जन पाने के लिए डिपार्टमेंट में कॉन्टेक्ट करता है, तभी से डिपार्टमेंट में रायता फैलना शुरू हो जाता है। उसी का नतीजा है कि ज्ञानेश कुमार का मेरठ-वाराणसी दौरा इस खबर के छपने से पहले ही रद हो गया था।
अगर ऐसा नहीं है तो ठोस वजह बताओ दौरा रद होने की और नई तारीख भी बताओ। सिर्फ फैक्ट चेक लिख देने भर से फैक्ट चेक नहीं हो जाता।
The vote is the foundation of Indian democracy.
From the vote flows the power of our Constitution, the authority of our laws, and the legitimacy of our public institutions - this chain defines modern India.
Today this chain is broken, and this has never happened in India before. By destroying the vote, this government and the Election Commission have attacked the expression of every single Indian.
Everything this government has done on the strength of stolen votes is illegal. An MP elected through vote chori holds an illegitimate seat, and every law passed with that MP's support is an illegitimate law.
Yesterday, @IndianExpress reported an unprecedented rupture inside the Election Commission: TWO of its three members objecting on record, 14 times in 10 months, to decisions taken without their knowledge.
Today, the second part of our investigation looks at the concern Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu and Vivek Joshi flagged most often: Who really controls our electoral rolls?
We followed that question to Goa, where we found something deeply concerning.
Stay with me....
(1/14) 🧵
Removing Gyanesh Kumar is not enough.
The next election commissioner MUST be appointed by a panel of PM, Leader of Opposition and CJI. Only a person chosen by all three 'ayes' would be deserving of the post.
Modi cannot be trusted, he will install another puppet otherwise.
मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।
जिसका शासन ही अपराध पर टिका हो, उसकी पुलिस भी हर तरह से भ्रष्ट हो जाती है। अमरोहा में एक युवती के साथ हुआ सामूहिक बलात्कार पुलिस पर लगा ऐसा दाग़ है जिसे किसी का प्रश्रय भी नहीं बचा पाएगा।
ऐतिहासिक कार्रवाई हो!