*हाथ का कलावा काटकर फेंका, पूजा से रोका:* यूपी में धर्मांतरण गिरोह के पर्दाफाश के लिए मजदूर बना रिपोर्टर, देखिए कैमरे पर ब्रेनवॉश
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विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर इससे बेहतर तोहफा क्या ही होगा? भास्कर की ओर से मिले "भास्कर जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर" अवार्ड के लिए मैं अपने सीनियर्स का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ जिनके मार्गदर्शन और भरोसे की वजह से यह अवार्ड मेरे हाथ आ पाया।
��ेरठ में ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने अपने ट्रस्ट के जरिए दलितों की जमीन खरीदी है। हालांकि, जिन दलितों की जमीन खरीदी गई है। उन्हें बीमार या विस्थापित बताया गया। जब इस खबर की पड़ताल की तो मंत्री जी का सच सामने आ गया। पढ़िए यह इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट...https://t.co/GYpxIplvNM
केस-1 : डॉ. पंकज जायसवाल, असली दादा : किशोरीलाल, दत्तक दादा : यशोमित्र।
केस-2 : डॉ. पवन जायसवाल, असली दादा : किशोरीलाल, दत्तक दादा : यशोमित्र।
केस-3 : डॉ. पुनीत जायसवाल, असली दादा : किशोरीलाल, दत्तक दादा : काशीराम।
केस-4 : डॉ. अमित जायसवाल, असली पिता : रमेशचंद्र, दत्तक पिता : हरिशचंद्र।
केस-5 : डॉ. श्याम मोहन जायसवाल, असली दादा : प्रसाद, दत्तक दादा : यशोमित्र।
केस-6 : डॉ. सुनील ज��यसवाल, असली दादा : प्रसाद, दत्तक दादा : यशोमित्र।
केस-7 : डॉ. अजय कुमार जायसवाल, असली दादा : प्रसाद, दत्तक दादा : यशोमित्र।
केस-8 : डॉ. मनीष कुमार जायसवाल, असली दादा : रामप्रीत, दत्तक दादा : रामनाथ।
ये गोरखपुर के एक ही परिवार के 8 सदस्य हैं। सभी पेशे से डॉक्टर हैं। सभी ने फ्रीडम फाइटर का आश्रित प्रमाणपत्र लगाकर MBBS में एडमिशन लिया। दरअसल, फ्रीडम फाइटर के असली, दत्तक बेटे-बेटी (गोद लिए) और उनके बच्चों (पोता, पोती, नाती, नातिन) को मेडिकल कॉलेजों में 2% आरक्षण मिलता है। इसलिए लोग गोदनामा और फ्रीडम फाइटर के आश्रित होने का प्रमाणपत्र बनवा लेते हैं।
हमारे @askravisri सर ने रिपोर्ट की है। पूरी रिपोर्ट भास्कर पर पढ़ें व देखेंः https://t.co/A3znyOlAfU
गोरखपुर के एक ही परिवार के 8 सदस्य हैं। सभी पेशे से डॉक्टर हैं। सभी ने फ्रीडम फाइटर का आश्रित प्रमाणपत्र लगाकर MBBS ��ें एडमिशन लिया। फ्रीडम फाइटर के असली वंशज मुफलिसी में दिन काट रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट...https://t.co/nFOusN8Ab9
25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश, जहां महिलाएं आधी से ज्यादा वोटर हैं, वहां सत्ता और सियासत की मुख्यधारा में उनकी मौजूदगी अब भी बेहद सीमित है। पढ़िए रिपोर्ट...https://t.co/fb6p0eIvW3
इंवेस्टिगेटिव ���र्नलिज्म के माहिर @askravisri की ये ग्राउंड रिपोर्ट चौंकाने वाली है।
जलशक्ति मंत्री हैं स्वतंत्र देव सिंह। जिन्होंने विधानसभा में कहा था, ‘मैं सपा विधायक इरफान से कहना चाहता हूं कि अपनी बीवी की कसम खाकर कहो कि मेरे गांव में पानी नहीं पहुंचता .’
अब इन मंत्री जी के गृह क्षेत्र बुंदेलखंड के सूरत-ए-हाल को रवि की रिपोर्ट से समझिए। क़सम खाकर बताइएगा कि क्या सौ फीसदी काम संपन्न हो गया या नहीं!!!!🤔
सपा विधायक मो.फहीम इरफान ने जल जीवन मिशन के अधूरे कामों पर सवाल उठाया, तो 12 अगस्त को यूपी विधानसभा में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जो जवाब दिया। उसका सच जानने के लिए पढ़िए रिपोर्ट...https://t.co/9i7oKFSrdH
यूपी के प्राइवेट कॉलेजों में ज्यादातर कॉलेज पॉवरफुल लोगों के हैं। जिनमें पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक और बिजनेसमैन शामिल हैं। यहां BSc, BA की परीक्षाएं और प्रैक्टिकल न देने के हर पेपर पर रेट फिक्स होता है। कैसे होती है कमाई ? https://t.co/MCA0k72Yy0
पूर्व केंद्रीय गृह रा���्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और पूर्व सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा... आप सोच रहे होंगे कि आखिर यूपी की सत्ता से जुड़े ये दो नाम क्यों लिए हैं? तो हम आपको बता दें कि यह सिर्फ दो नाम नहीं हैं, बल्कि इन जैसे सत्ता से जुड़े 10 ताकतवर लोगों के नाम निकलकर सामने आए हैं, जिनके बेटे-बेटियों को लखीमपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में नियुक्तियां दीं। इतना ही नहीं बैंक में 27 नियुक्तियां की। इनमें 55% यानी 15 ठाकुर बिरादरी के हैं। केवल 2 एससी-एसटी को नौकरी दी, जबकि 6 को देना था।
इस गड़बड़ी पर पर्दा इसलिए पड़ा, क्योंकि यहां सिर्फ टेनी की बेटी को ही नहीं बल्कि मंत्री, सांसद, विधायक और अफसरों के रिश्तेदारों को भी कैशियर और बाबू बना दिया। इतना ही नहीं, इस गड़बड़ी की जांच करने आए अफसर के भतीजे को भी नौकरी दे दी। यह सब कैसे हुआ?
आज भास्कर इंवेस्टिगेशन में पढ़िए। यह रिपोर्ट @askravisri सर ने की है। यह लिंक हैः https://t.co/Gtr0hiMuGs
Why do I admire Dainik Bhaskar more than any other news organization? The reason is this article. Hard-hitting journalism!
While every organization is chasing ads, favors and licking boots, this is exemplary, especially in Hindi media.
Kudos @askravisri
सत्ता से जुड़े 10 ताकतवर लोगों के नाम निकलकर सामने आए हैं। जिनके बेटे-बेटियों और रिश्तेदारों को लखीमपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में नियुक्तियां दीं गई हैं। 2019 से 2024 का मामला है। पढ़िए ये रिपोर्ट... https://t.co/MEIdBG8Ghl
लखनऊ के युवा पत्रकार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण व चिंताजनक है!
खबरों को लेकर मुकदमे दर्ज होने के सिलसिले से लोकतंत्र को आघात पहुंचता है!!
दैनिक भास्कर डिजिटल के पत्रकार विकास श्रीवास्तव ने एक खबर लिखी जो कतिपय पीड़िताओं की शिकायतों के आधार पर थी, पत्रकार द्वारा लिखी गई खबर में जो मुद्दे उठाए गए हैं वे अति गंभीर प्रवृत्ति के हैं। खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ आईएएस अफसर के खिलाफ लगे इन कथित आरोपों के बावत शिकायतें #आईजीआरएस व @PMOIndia तक से की गईं।
बहरहाल, खबर प्रकाशित होने के बाद विकास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
@myogiadityanath@ChiefSecyUP@CMOfficeUP@sanjaychapps1 से आग्रह है कि इस बेहद संवेदनशील मामले में एक उच्चस्तरीय समिति बनाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई ��ाए ताकि आरोपों से लेकर शिकायतों तक से जुड़े हर पहलू की सच्चाई सामने आ सके।
@PressCouncil_IN @EGIsays @Vikashsri17
@DainikBhaskar
यूपी में जल जीवन मिशन से लोगों को उम्मीद जगी कि अब घर तक पानी आएगा। इंतजार खत्म हुआ, लेकिन टंकियां गिरने से उम्मीद टूटने लगी। सीतापुर में 3 दिन पहले अचानक ढाई लाख लीटर की पानी टंकी तेज धम���के के साथ फट गई। कुछ सेकेंड तक बादल फटने जैसा मंजर दिखा। घरों में 1 फीट तक पानी भर गया। यह पहली बार नहीं है, 40 दिन में यूपी में गिरने वाली यह तीसरी टंकी है। लखमीपुर और कानपुर में इसी तरह से पानी की टंकियां धड़ाम हो गईं। तीनों टंकियों में एक समानता है, सभी जिंक एलम की हैं।
रिपोर्ट: @askravisri सर
रिपोर्ट लिंक: https://t.co/8at66VRyaH