इस प्यारी बच्ची और उसके परिवार के साथ UP सरकार और उसकी पुलिस द्वारा किया जा रहा व्यवहार मुझे स्वीकार नहीं।
किसी भी हिन्दुस्तानी को ये स्वीकार नहीं करना चाहिए।
#HathrasHorror
सरकार�� नौकरियां मिलना, अब वैसे भी आसमान से तारे तोड़ लाने जैसा है। उस पर भी अब सरकारी नौकरी बदलकर संविदा नौकरी, युवाओं के लिए वज्रपात। आखिर इस तरह के खतरनाक नियमों की आवश्यकता क्या है? आज रात 8 बजे भारत समाचार पर "खुली डिबेट" होगी।
उत्तरप्रदेश मे नौकरी की नई व्यवस्था बेहद चिंताजनक है। एक तो नौकरी मिलती नही और अगर किसी तरह मिली भी तो 5 साल तलवार लटकी रहेगी। इस तरह का आइडिया युवा विरोधी है। उनके सपनों की उड़ान को बाधित करना है। रोजगार दीजिए, खतरनाक नियम नही। बात तो नौकरी देने की हुई थी ऐसे खतरनाक नियम की नहीं
कानपुर में कोहराम है। जाने-माने कांट्रेक्टर सुनील यादव की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। 4 सितंबर को बदमाशों ने उनका अपहरण किया था। पुलिस ने ठोस प्रयास नहीं किए। नतीजा आज सुनील की लाश मिली। ऐसा प्रतीत होता है कि बदमाशों ने कई दिन पूर्व सुनील की हत्या कर दी थी। यह स्थिति चिंताजनक है