देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजिए।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री हैं- इतने युवा विरोधी कि नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
जब बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए तो जवाब में लाठी और हिरासत मिली।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।
Peaceful protest is a sacred and fundamental right.
Every police officer and govt official blindly following orders to attack India’s innocent students should keep in mind:
The Constitution is your master.
Power is not permanent.
Accountability will follow.
मेरे युवा और Gen Z साथियों,
एक बात मेरे मन में साफ़ है और आप भी इसे दिल में बैठा लीजिए: भारत के हर युवा का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।
पर ज़िम्मेदारी और ईमानदारी - दोनों मोदी सरकार की सोच से परे हैं।
पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन, रद्द होती भर्तियाँ, आसमान छूती फीस, निजीकरण, घोटाले - इन्हीं औज़ारों से वो हर दिन करोड़ों सपने तोड़ रही है।
याद रखिए, युवा का भविष्य ही देश का भविष्य तय करेगा। यही सब आपसे विस्तार से कहना है। इसलिए मैं आपको बुला रहा हूँ - देश की हर गली, हर कस्बे, हर शहर से उठती ‘छात्रों की गूंज’ को, आइए कोटा में हुंकार बनाएँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
https://t.co/JkKgow6pi7
ये आंदोलन कोई भी गोदी दलाल मीडिया नही दिखा रहा।
RT करके देश को दिखाओ कांग्रेस भीषण गर्मी में सड़क और लड़ रही है।
NEET पेपर लीक,महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी देशभर में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करती हुई दिखाई दे रही है। लेकिन मीडिया से गायब है।
फिर कह रहा हूँ कि सड़क के आंदोलन ही बदलाव लायेंगे, सोशल मीडिया की नौटंकी नहीं।
IYC का यह आंदोलन जो मीडिया कवर नहीं कर रही है, उसे Cockroach Media कहा जाना चाहिए। https://t.co/4AYYIKsjpy
एक भयंकर आर्थिक तूफ़ान सर पर है।
12 साल में मोदी जी ने जो ढाँचा खड़ा किया - वह सिर्फ़ अडानी और अंबानी के लिए था।
और, अब वही ढाँचा भरभराकर ढहने वाला है।
चोट उन्हें नहीं लगेगी - उनके पास निकलने के रास्ते हैं।
चोट आपको लगेगी - युवाओं को, ग़रीबों को, मध्यमवर्ग को, किसानों को, मज़दूरों को, छोटे व्यापारियों को - जो कभी इस ढाँचे का हिस्सा थे ही नहीं।
अपने आसपास देखिए। क्या आप उस ढाँचे का हिस्सा हैं - या उस तूफ़ान का शिकार?