भाजपा को महिला आरक्षण से कोई लेना देना नहीं है बल्कि बंगाल और तमिलनाडु चुनाव को ध्यान में रखते हुए ये बिल लाये थे और आज की हार भाजपा को संदेश है कि 2029 में देश में कैसे परिणाम आएंगे - @hanumanbeniwal
मोदी जी तो कहे थे नोटबंदी के बाद आतंकवाद बंद हो जाएगा ना जाने क्या क्या बंद हो जाएगा,
हमे किसी भी चौराहे पर बुला लेना मै आ जाऊंगा,
और ये लोग आरक्षण देंगे संसद में महिलाओ को कैसे मान ले कोई इनके खोट नियत पर अंजना जी,
अंजना मोदी और बीजेपी की धुलाई हुई 🔥😂
कितना झूठ बोलते हैं आप मोदी जी
29 मिनट का भाषण, 58 बार कांग्रेस का नाम. यह डर अच्छा है
अगर आपके अंदर जरा सा भी सच्चाई है तो
Monday को 543 लोक सभा सीटों पर महिला आरक्षण कीजिए - समूचा विपक्ष साथ देगा
देश की हर महिला आरक्षण के पीछे छिप कर परिसीमन करने की आपकी साज़िश समझती है
भारत अमेरिका से कच्चा तेल खरीदने में 12 गुना शिपिंग और 4 गुना इंश्योरेंस चुका रहा है।
इसे “डिप्लोमेसी” कहा जा रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि इसकी कीमत आम जनता चुका रही है।
यह रणनीति है या सीधी नीति विफलता?
#IndiaRecordByXclamation
"बादाम खाओ, फाइल ढूंढो.."
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक अजीब मामला सामने आया है। युवक ने करीब एक साल पहले फ्लैट खरीदा और उसकी विधिवत रजिस्ट्री करवाई। रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए उसने अपने सभी जरूरी दस्तावेजों की कॉपी अभिलाषा परिसर, तिफरा स्थित कार्यालय में पूनम बंजारे मैडम के पास जमा की।
इसके बाद युवक जब भी नामांतरण की फाइल लेने हाउसिंग बोर्ड कार्यालय जाता है, तो पिछले एक साल से उसे यही जवाब मिल रहा है कि उसकी फाइल नहीं मिल रही, यानी "फाइल खो गई है" कहकर उसे लगातार टाला जा रहा है।
लगातार चक्कर काटने से परेशान होकर युवक ने अनोखा तरीका अपनाया। वह 500 ग्राम बादाम लेकर कार्यालय पहुंचा और मैडम को देते हुए तंज कसा कि इसे खाने से उनकी याददाश्त तेज हो जाएगी और शायद उन्हें याद आ जाए कि उसकी फाइल कहां रखी है।
यह घटना यूपी की है
एक 80 साल की बुजुर्ग मां जमीन विवाद में धरने पर खड़ी थी इसी बीच एक दरोगा साहब आते हैं और 80 साल की मां को जोरदार थप्पड़ मार के चले जाते है बुजुर्ग मां जमीन पर गिर जाती है
एक ओर महिला को समान अधिकार देने के लिए संसद में बिल पास होता है और दूसरी ओर यूपी में एक बुजुर्ग मां को थप्पड़ मारा जा रहा है
यह हाथ रेप करने वालों पर क्यों नहीं उठता है
वैसे तो इस वीडियो क्लिप से दिया गया संदेश बहुत सामान्य सा है और चाहे, अनचाहे कई नेता अपने संबोधन में यही संदेश देशवासियों को देते हैं।
लेकिन जो संदेश केवल शब्दों से दिया जाए या भावहीन हो, उसका प्रभाव अधिक गहरा और गंभीर नहीं होता, और जब वही संदेश बड़ी सहजता से भावनात्मक तरीके से दिया जाता है तो निश्चित ही दिल में उतरता है।
ऐसा ही कुछ है इस वीडियो में देखिए कि कैसे एक बहुचर्चित उपदेश या संदेश को गहराई से पंहुचाया गया है।
@kharge@RahulGandhi@priyankagandhi@ashokgehlot51