पत्रकारिता में सबसे बड़ा इनाम सिर्फ़ 'ब्रेकिंग' नहीं होता, बल्कि वह पल होता है जब आपको लगता है कि आपने किसी ज़रूरी विषय को लोगों तक ईमानदारी से पहुँचाया है।
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#kenbetwa#modi#protest#journalsm
आदरणीय सांसद श्री @dhullu_mahto जी,
आपसे विनम्र आग्रह है कि यदि आप अपने MPLADS के निधि का उपयोग करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं तो कृपया, जनता से ही पूछ कर उसका उपयोग कर लें। हमने जो पैसे आपको दिए हैं उसका उपयोग कम से कम हमारे ही सड़क आदि निर्माण में कर दीजिए।
#MPLADS#BJP
मैंने बीते कुछ महीनों में बिहार चुनाव को समझने के क्रम में हज़ारों पॉडकास्ट रील देखे होंगे। मगर इस एक वीडियो ने मुझे आंसुओं से भर दिया। शरीर के रोम रोम में प्रिवलेज चुभ रहा था।
शुक्रिया @jist_news@SonalPateria@Medhareports
Want to do Journalism like you
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कई बार सोचता हूं, ये न्यूज़ वाले किस उद्देश्य से ख़बर प्रकाशित कर रहे। इनका उद्देश्य क्या लोगों को शिक्षित करना है, जानकार बनाना है या फिर केवल सामाजिक सद्भाव को खंडित करना? भारत के बहुसंख्यक वर्ग में होने के कारण हमें विचार करना चाहिए कि इस ख़बर का क्या करना है?
#shameless_media
जिस कार्य को सरकारें करने में असक्षम रही, उसे माननीय #SupremeCourtofIndia द्वारा जनहित में जारी किया गया। किंतु कुछ तथाकथित पशु प्रेमियों को इससे आपत्ति हो रही है क्योंकि उनके लिए इंसानी जिंदगी की कोई कीमत नहीं है। यदि आपको इतना ही ऐतराज है तो आप घर में पाल लें इन कुत्तों को। 2/2
#StrayDogs यानी कि आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजने के माननीय #SupremeCourtofIndia के निर्णय का पूरे भारत द्वारा मानवता के तर्ज पर स्वागत किया जाना चाहिए। कुत्तों के काटने से #rabies की लगातार बढ़ती हुई संख्या से भारत को मुक्त करना अनिवार्य था। 1/2
साथ ही कहानी भी रोचक ढंग से कहने में फिल्म असफल रही है.. भाषा के स्तर पर भी कमज़ोरी नज़र आती है। किंतु हां ये कहना होगा कि VFX अब तक का सबसे बेहतरीन है, जो कि समय के साथ स्वाभाविक है, लेकिन 3D बिल्कुल भी सफल नहीं है। ऐसा लगता है एक संस्था (#isckon) द्वारा इसे promote किया गया हो।
बीते दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए #MahavatarNarsimha फिल्म को देखने की मेरी भी इच्छा हुई। हरि कथा कौन न सुनना चाहे भला? सो आज पहुंच गया सिनेमा घर, टिकट खरीदा गया वो भी #3D का और फिल्म शुरू हुई। फिल्म के पहले ही दृश्य में हिरण्यकश्यप की माता दिखाई देती हैं....
हम जानते हैं कि पौराणिक कथाओं में तत्कालीन स्थिति अनुसार पर्याप्त पितृसत्ता है, ऐसे में यदि समकालीन समाज में इन्हें दर्शाया जाए तो उससे ऐसे प्रसंगों को सुधारा जाना चाहिए। तभी ऐसी कथाओं की प्रासंगिकता और धर्म पर विश्वास सुदृढ़ होगा।
#Feminism#Sanatani