फ्रेंड्स, नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में फर्क देखिए 👇
आज NEET पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार सुनवाई थी।
लेकिन पहली ही सुनवाई में CBI के वकील नहीं पहुंचे और इस वजह से सुनवाई टल गई। अब 3 अगस्त को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।
यही नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की असलियत है, जहां 'रीलबाजी' तो खूब हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय देने में ये रत्ती भर भी गंभीर नहीं हैं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
RAM DEVOTEES PUT THEIR MONEY BEYOND THE REACH OF CHANDA CHORS 🚨
REPORTER: Will you still donate after the Ram Temple controversy?
PRIYANKA THAKUR 🙏: No. I would rather give that money to the poor orphanages or old-age homes where it can genuinely help someone.
REPORTER: Are people discussing this in Chhattisgarh too?
PRIYANKA 😳: Yes. People will visit Ram Mandir but many have decided not to donate until the misuse stops.
GenZ - it is important that we document a wall of shame. For every lily-livered spineless institution & celebrity who parrotted govt’s line. My contribution :
1. DU @UnivofDelhi
2. JNU @JNU_official_50
3. Sachin Tendulkar @sachin_rt
Friends, in June 2024, after it bungled multiple examinations including NEET-UG, the Modi Government constituted a High-Level Committee of Experts headed by Dr. K Radhakrishnan to “ensure transparent, smooth and fair conduct of examinations.”
In July 2026, after the Modi Government has yet again bungled the NEET-UG and other examinations, it has constituted a “High Powered Task Force” to focus on examination reform.
The Modi Government has still not finished implementing the K Radhakrishnan Committee’s 101 recommendations. Indeed, for most of the two years between the 2024 and 2026 paper leaks, it didn’t even appoint a full-time Director General for the National Testing Agency.
This is ultimately only a High-Powered attempt to fix the Pradhan Mantri’s irretrievably compromised image.
⦿ 13 जुलाई को उद्घाटन हुआ
⦿ 26 जुलाई को सड़क धंस गई
- ये 4,200 करोड़ रुपए में बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की हकीकत है
BJP सरकार में घटिया माल लगाकर सड़कें बनाई जाती हैं, पैसों की लूट-खसोट होती है, नेता-मंत्री करोड़ों रुपए डकार जाते हैं।
नतीजा- जनता को 'तोहफे' में ऐसी धंसी हुई रद्दी सड़क मिलती है। यही BJP का 'करप्शन मॉडल' है 👇
लीकप्रधान ने मजबूरी में कुर्सी तो छोड़ दी लेकिन मोदी सरकार बेशर्मी और अहंकार नहीं छोड़ रही।
नए शिक्षा मंत्री कह रहे कि पुराने वाले ने बहुत अच्छा काम किया, मतलब हर महीने पेपर लीक और रोज 25 स्कूल बंद होते रहेगें?
याद रखना सरकार ये आपके अहंकार के अंत की शुरुआत है।
#ChhatronKiGoonj
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत्रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी के चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
On day 1 of the monsoon session, we moved an adjournment motion on the NEET/CBSE issue. But the government is not even willing to listen.
The Leader of the Opposition has the right to speak in Parliament. Today, when the Chair initially allowed him to speak, suddenly his microphone was switched off. The democracy is in grave danger.
Parliament is the place where debate and discussion must take place. This government is completely afraid of discussions.
The Prime Minister is not coming to Parliament. Instead, he is engaging in midnight drama. Rather than doing that, he should have come to Parliament and addressed the nation there.
: Congress General Secretary (Org.) Shri @kcvenugopalmp
अमित शाह जी की पुलिस इतनी डर गई है कि NSUI के राष्ट्रीय प्रभारी @kanhaiyakumar जी को NSUI कार्यालय जाते समय ही डिटेन कर लिया है ।
लेकिन याद रखिए
जितना छात्र-छात्राओं की आवाज़ दबाने की कोशिश होगी,
उतनी ही मज़बूती से यह लड़ाई आगे बढ़ेगी।
हम न झुकेंगे, न रुकेंगे। 🔥✊
24 जून 2024, धर्मेंद्र प्रधान जब लोकसभा में शपथ लेने आए तब नारा लगा था, नीट, नीट, शेम, शेम...अगर धर्मेंद्र प्रधान में तब भी जज़्बा होता तो पेपर लीक को जड़ से ख़त्म कर देते। दो साल बाद आज 24 जुलाई 2026 है। यह वीडियो इसलिए देखिए ताकि उन लोगों को आप जवाब दे सकें जो कह रहे हैं कि प्रधान के इस्तीफे से क्या होगा। क्योंकि प्रधान फेल रहे हैं। नीट की चोरी को लेकर विपक्ष ने ठीक एक साल एक महीना पहले याद दिला दिया था। कम से कम इन दो सालों में वे नहीं कर पाए। यह तो साबित होता है।
कई दिन हो गए, कोई विपक्षी दल नहीं तोड़ा गया है ताकि देश में दहशत पसर जाए कि अब क्या होगा, कोई बचेगा या नहीं। सरकार अगर युवाओं से संवाद करना चाहती है तो राघव चड्ढा को उनके बीच भेज दे, वे जेन ज़ी स्कूल ऑफ नायकत्व के प्रोडक्ट हैं। उन्हें मालूम होगा या उन 20 सांसदों की परेड करा दे जो जनता की नब्ज़ को सुपर फास्ट गति से समझते हुए तृणमूल छोड़ कर NCPI में शामिल हो गए। जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बनाया न अटल बिहारी वाजपेयी न संघ ने सुरेंद्र नाथ बनर्जी, मुलायम सिंह यादव या नीतीश कुमार ने। NCPI के संस्थापक का कम से कम एक इंटरव्यू तो छपना ही चाहिए कि अगर विपक्ष ने ज़ुबान बंद नहीं की तो 24 घंटे के भीतर राहुल गांधी और अखिलेश यादव को छोड़ कर उनसे सारे सांसद NCPI में होंगे।
यह मान लीजिए कि इस देश में दो चार कालेज यूनिवर्सिटी को छोड़ कर सब के सब इस तरह काम कर रहे हैं जैसे युवाओं को किसी लायक नहीं बनने देना है। किसी लायक बन जाएंगे तो वे धर्म की राजनीति को ठीक से समझ जाएंगे। विपक्ष से भी सवाल करने लग जाएंगे।