@VirendraUPCC@UPGovt
आज भी ये सड़क इसी तरह से गड्ढे मे है
और 2020-21 मे इस जगह पर खड़ंजा निर्माण दिखा कर पैसा निकाला गया है जब कि ईट तो दूर मिट्टी तक नहीं डाला गया है कुछ पुराने फोटो और निर्माण कार्य की फोटो लगा रहा हूँ ।
@VirendraUPCC@UPGovt
आज भी ये सड़क इसी तरह से गड्ढे मे है
और 2020-21 मे इस जगह पर खड़ंजा निर्माण दिखा कर पैसा निकाला गया है जब कि ईट तो दूर मिट्टी तक नहीं डाला गया है कुछ पुराने फोटो और निर्माण कार्य की फोटो लगा रहा हूँ ।
देश भर से मिल रहे समर्थन और सोशल मीडिया के ज़रिए बने जन दबाव का नतीजा है कि पुलिस प्रशासन की तरफ़ से दीपक को शांति व्यवस्था और सुरक्षा का भरोसा दिया गया है।
बिना हेलमेट... जुर्माना 1000/-
नो पार्किंग में पार्किंग करना... जुर्माना 3000/-
मोटरसाइकिल का बीमा नही ... जुर्माना 1000/-
शराब पी कर वाहन चलाना... जुर्माना 10000/-
नो एंट्री में वाहन चलाना... जुर्माना 5000/-
मोबाईल फोन पे बात करना... जुर्माना 2000/-
प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं... जुर्माना 1100/-
ट्रिपल सीट ड्राइविंग... जुर्माना 2000/-
खराब सिग्नल... कोई जिम्मेदार नहीं है!
पार्किंग की व्यवस्था नहीं... कोई जिम्मेदारी नहीं है!
सड़क पर गड्ढ़े... कोई जिम्मेदार नहीं है!
अतिक्रमित फुटपाथ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
सड़क पर रोशनी नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
सड़क पर कचरा बह रहा है...कोई जिम्मेदार नहीं है!
सड़कों पर लाइट के खंभे नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
सड़क के मेनहोल में गिर के मर जाये...कोई ज़िम्मेदार नहीं!
महीनों से खुदी सड़क ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
गड्ढों में गिर कर आप गिरो चोटिल हो जाएँ... कोई जिम्मेदार नही है!
आवारा गायें जानवर टकरा जाए कुत्ता काट ले... कोई जिम्मेदार नहीं!
ऐसा लगता है कि जनता ही एकमात्र अपराधी है और जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी है। प्रशासन, निगम और सरकार कोई जिम्मेदार नहीं है। उनके लिए कोई नियम लागू नहीं होते हैं। वे किसी भी चूक के लिए कभी ज़िम्मेदार नहीं हैं।
क्या उन्हें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए ????
नागरिक केवल काम करेंगे... दर्द का सामना करेंगे... टैक्स चुकाना होगा... जुर्माने का भुगतान करेगा... सरकार की जेब भरें... और उन्हें फिर से सत्ता में आने के लिए वोट दें !
“अनपढ़ रहेगा इंडिया,तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया”
GST काउंसिल का नोटबुक्स क़िताबों पर 0% GST का झांसा सुनिए,पढ़िये,समझिए और रीट्वीट कर लोगों तक पहुँचाइए।
56वीं मीटिंग (सितंबर 2025) में पेपर पर GST 12% से 18% कर दिया गया है , लेकिन नोटबुक्स 0% पर! 2024 में 1 नोटबुक (72-96 पेज, A5) ₹20 थी, अब 6% हाइक+पेपर कॉस्ट से ₹21.20-₹22! 10 नोटबुक्स का खर्च ₹200 से ₹220-₹230! ITC न मिलने से सप्लायर्स इसका बोझ पैरेंट्स पर डाल रहे हैं ।पेपर महंगा होने से नोटबुक और किताबें महंगी होंगी - ‘सस्ती नहीं।’ OPA का भी इसको लेकर विरोध है,पेपर इंडस्ट्री (₹80,000Cr) पर 13% एक्स्ट्रा टैक्स! , याने की ये शिक्षा पर की जाने वाली लूट है, इसे तुरंत रद्द करो!
डिटेल्स और आंकड़े:
• GST बदलाव: 56वीं मीटिंग (22 सितंबर 2025 से प्रभावी), पेपर 12% से 18%, एजुकेशनल पेपर 5%।
• कीमत: 2024 में ₹20, अब 6% हाइक + पेपर कॉस्ट (1 किलो ₹6 एक्स्ट्रा, 10-20 किलो प्रति सेट = ₹60-₹120) से ₹21.20-₹22 अनुमानित।
• 10 नोटबुक्स: ₹200 से ₹220-₹230।
• स्रोत: सागइन्फोटेक (11 सितंबर), टाइम्स ऑफ इंडिया (13 सितंबर), दस्तावेज़ (क्लासिक स्टेशनरी)।
• इम्पैक्ट: ITC न होने से सप्लायर्स कॉस्ट पास-ऑन कर रहे, OPA का भी इसे लेकर विरोध है। #GSTScam #EducationTax #SaveParents #TaxOnPaper”
लोगों को हिंदू -मुस्लिम , अगड़ा - पिछड़ा, ब्राह्मण , यादव में लड़ाकर नेताओं ने रातों रात अपने भत्ते 41% तक बढ़ा लिए कोई विरोध नहीं हुआ।
लेकिन अभी छात्र नौकरी मांग ले , नकल विहीन परीक्षा की मांग कर ले अच्छी सड़क मांग ले , अच्छा इलाज मांग ले लाठियां चल जाएगी।
सांसदों ने अपने लिए शीशमहल टाइप फ्लैट बनावा लिए कोई हंगामा नहीं , अपनी सैलरी बढ़ा ली कोई हंगामा नहीं , iphone मैकबुक ले लिए कोई हंगामा नहीं।
लेकिन अच्छा सड़क मांग लो , अच्छा स्कूल मांग लो , अच्छ अस्पताल मांग लो हंगामा और देशद्रोही ना बोल दिए जाओ तो कहना।
पुल बंगाल में भी गिरा, बिहार में भी गिरे.. गुजरात में भी गिरा है.. कन्हैया कुमार, पप्पू यादव के गिरने, धकियाने पर चैनलों में बहस कल हो गई .. देखिए आज क्या बहस का टॉपिक है ?
@dbabuadvocate@reliancejio MBPS me bhoot bada ghapla h mega bit per second aur mega byte per second ka khel hota h.. Jo bolte h 30mbps usme 8 se divide kijiye actual me wo speed hota h but dikhate h 30mbps ki speed denge but 3.8 mBps ki speed hoti h..
@DmMaharajganj@VirendraUPCC
नमस्कार सर ...
मैं अतीक अहमद अंसारी
ग्राम धरैची, छेत्र ब्रिजमनगंज, पोस्ट शिकारगढ़, जिला महराजगंज
आपसे बहुत उम्मीद के साथ ये संदेश लिख रहा हू
पिछले कई साल से ग्रामवासी बारिश के दिन मे इस कीचड़ भरे रास्ते से आने जाने के लिए मजबूर है।