@DrNimoYadav तूने कब कहा था कि तू कांवड़ लेकर चला था और तुझसे प्रधानमंत्री नहीं बन गया, तो क्या इसका मतलब ये है कि कोई भी कुछ भी करे, वो बेकार है? कांवड़ एक आस्था है, सौदा नहीं। और जो आज ले जा रहे हैं वो नेता बनने नहीं, श्रद्धा और भक्ति के लिए जा रहे हैं। तेरे जैसे लोग न भक्ति समझते हैं,