Loyalty भी उनके प्रति रखें जो इन मँत्र को समझते हैं - जो राष्ट्र का नहीं - उनकी वफ़ादारी कैसी ? दिवास्वप्न से जागना - सत्य के साथ रहना ही राजधर्म है
@thebharatpur@sachinsahay@kundansrivastav
#Sri_Krishna simplified the secrets of life in every chapter in such simple words in #Bhagwat_Gita
भागवत गीता के हर अध्याय कृष्ण ने अर्जुन को जीवन रहस्य का ज्ञान दिया / जो आज भी अक्षरस: सत्य है
तत्रैवं सति कर्तारमात्मानं केवलं तु यः!
पश्यत्यकृतबुद्धित्वान्न स पश्यति दुर्मतिः!!
अर्थ: ऐसा होने पर ��ी जो अशुद्ध बुद्धि (उचित कर्म से बुद्धि शुद्ध होती है,अतः जो इनसे रहित है, उसकी बुद्धि अशुद्ध है) मलीन बुद्धि वाला अज्ञानी यथार्थ नहीं समझता !!१५ !!॥
@thebharatpur
शरीरवाङ्मनोभिर्यत्कर्म प्रारभते नरः!
न्याय्यं वा विपरीतं वा पञ्चैते तस्य हेतवः!!
मनुष्य मन, वाणी और तन से शास्त्र अनुसार या विपरीत जो कोई कर्म करता है- उसके ५ कारण हैं !१५! (See Next Tweet)
मुख्य= Main
मंत्री = Minister
मुख= Face
पर जब जनता किसी विशेष मुख को प्रधान माने - तो कौन #मुख्य_मंत्री
मनुज बली नहीं होत है , होत समय बलवान!
भिल्लन लूटी गोपिका , वही अर्जुन,वही बाण!!
@thebharatpur@kundansrivastav
मुख्य= Main
मंत्री = Minister
मुख= Face
पर जब जनता किसी विशेष मुख को प्रधान माने - तो कौन #मुख्य_मंत्री
मनुज बली नहीं होत है , होत समय बलवा���!
भिल्लन लूटी गोपिका , वही अर्जुन,वही बाण!!
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जीवन में सब कुछ लगातार बदल रहा है
गीता: "हे अर्जुन-जो दुनिया में घूमते हुए जीवन के पहिये से अवगत नहीं होता है, वह बिना परिणाम के बेकार जीवन जीता है।जो व्यक्ति पापों के और देह-इन्द्रियों के भोग-विलास में सदा लीन रहता है, वह बहुमूल्य जीवन को नष्ट कर देता है। अध्याय ३ श्लोक १६ )