सपनों का इक महल-सुखों के रोशन डेरे जैसा था
मन -जैसे सुनसान गली में- किसी ठठेरे जैसा था
नहीं चहकती मेरी चाहत तो क्या करती, तू कह दे/
आसमान पर चाँद दिखा- जो बिल्कुल तेरे जैसा था
- अतुल कनक
नन्हीं चिड़िया के ख्वाबों का आँगन नहीं बचेगा
नहीं बचेगा, सचमुच यह सम्मोहन नहीं बचेगा
पेड़ - विधाता की अनमोल धरोहर हैं धरती पर
अग़र पेड़ न बचे - सृष्टि पर जीवन नहीं बचेगा
- अतुल कनक
@arvindchotia
शाबाश मोट्यारों...
मैं इस वीडियो को दस बार से ज्यादा देख चुका हूं। अभिभूत हूं पर्यावरण के प्रति युवाओं के इस प्यार और प्रतिबद्धता को देखकर। सीकर में ये पेड़ नहीं ही कटेंगे। भरोसा हो गया है
@lakshyarajmewar@zindagiwidricha@richaanirudh एक रास्ता हो सकता है।
यदि ऐसे ग्राहकों को, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति, जल संरक्षण के प्रति और भोजन का अपव्यय रोकने के प्रति जिम्मेदारी दिखाते हैं- संबंधित होटल द्वारा सम्मानित/ पुरस्कृत किया जाए और इस बात का प्रचार हो, तो कुछ चेतना जागृत हो सकती है।
पहले कुछ आरोप लगाकर दिल में खंजर डाल गई
किसी और का हाथ थामकर, फिर वो नैनीताल गई
कहाँ गई थी गई रात को सूरज ने जब पूछ लिया
धूप हँसी इक नई अदा से, लेकिन उत्तर टाल गई
- अतुल कनक
प्यार छुपाने की कोशिश में, और उघड़ना पड़ता है
ज्यों बसंत पर बतियाते पत्तों को झड़ना पड़ता है
तुमने बस इलज़ाम लगाए, तुमको कब ये ध्यान रहा
तुमसे लड़ने के पहले तो खुद से लड़ना पड़ता है।।
@अतुल कनक
अब मेरे हाल पे क्यों तुमको परेशानी है
अब तो तुम मुझसे मोहब्बत भी नहीं करते हो/
प्यार करने की सनद कैसे तुम्हें जारी करूँ
तुम अभी ठीक से नफरत भी नहीं करते हो
- अली ज़रयों
सपनों की पोथी पे दिन की पक्की ज़िल्द सरीखी धूप
लेकिन, सूरज के हाथों में हुई कटारी - तीखी धूप
ज़हर बुझा अपनापन लेकर मौसम ने सुख बींध दिया
सब पंचों की बेशर्मी पर - सरेआम तब चीखी धूप
-अतुल कनक
हाथों में पत्थर लेकर - यदि नभ की ओर उछालोगे
कुटिल अँधेरों के प्रहसन का कोई भाव निभा लोगे
हो सकता है - रातों का जयघोष तिलस्मी लगे तुम्हें
पर- सूरज को गाली देकर कितने ख़्वाब बचा लोगे?
- अतुल कनक
जब कुछ लम्हों ने रिश्ते को सिर्फ स्वार्थ से जोड़ दिया
किसी नींद ने सपनों का घर - नर्क बताकर छोड़ दिया
किससे करता भला शिकायत आग उसी के अंदर थी
सूरज गया नदी के तट तक, फिर उसने रथ मोड़ दिया
- अतुल कनक
बल के गुमान, खुद काल को चुनौती हैं
शक्ति का शिखर हैं, भक्ति को वितान दें
मातृभूमि के लिए ज़रूरी कभी हो जाए
तो समुद्र लांघूँ - ये सामर्थ्य हनुमान दें
- अतुल कनक
आप सभी को #HanumanJayanti पर विनम्र शुभकामनाएं
सत्य, अहिंसा के विधान को - आओ हम सब नमन करें
मोक्ष मार्ग के विवस्वान को - आओ हम सब नमन करें
जियो और जीने दो सबको - कहकर सबको जीवनबोध दिया
कुण्डलपुर के वर्द्धमान को - आओ हम सब नमन करें
- अतुल कनक
#MahaveerJayanti
@dr_arpit_jain @pushpendramuni@TanviSolanki_
अवधपुरी से रामसेतु तक - सभी ओर बस, वो ही हैं
क्रूर राक्षसों से पीड़ित ऋषियों का ढांढस, वो ही हैं
जिस मन में भी बस जाएं वो उसे पुण्य का धाम करें
यही प्रार्थना है, दुनिया पर - कृपा प्रभु श्रीराम करें
- अतुल कनक
@narendramodi
आज रामनवमी के पावन अवसर पर श्रीलंका से वापस आते समय आकाश से रामसेतु के दिव्य दर्शन हुए। ईश्वरीय संयोग से मैं जिस समय रामसेतु के दर्शन कर रहा था, उसी समय मुझे अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक के दर्शन का भी सौभाग्य मिला। मेरी प्रार्थना है, हम सभी पर प्रभु श्रीराम की कृपा बनी रहे।
आसमान क्या है-धरती पर किसी दुआ का साया है
सूरज मानो - उसकी ही अलमारी से दिन लाया है
हौले - हौले हवा मुझे इक मंगल-गीत सुनाती है
सब कुछ अच्छा ही लगता है, जब से तुमको पाया है
- अतुल कनक
पुण्यों का आश्रय दुनिया में है जिनके अवलंबन पर
स्वयं मुक्ति भी मोहित है उनकी भक्ति के बंधन पर
हनुमान को किया चिरंजीवी जिनके सम्मोहन ने/
सृष्टि के सब सुख न्यौछावर राम लला के दर्शन पर
- अतुल कनक
#RamNavmi@ShriAyodhya_@DrKumarVishwas