@Pawankhera अक़्लमंद के लिए इशारा काफ़ी है।
लेहरू
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गाण्डी
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माइ-नो
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ब्राडा
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वीन्सी
और जो इ���ने इशारों के बाद भी न समझें, उनके लिए नज़ारा भी बेकार है!🔻
@SupriyaShrinate अपने बाप की, अपनी खुद की पुस्तैनी लोकसभा सीट छोड़ कर भागने वाले पे किसको कितनी उम्मीद हो सकती है
ये अमेठी वाले अच्छे से जानते हैँ
"गुलामो की अंतिम उम्मीद "