#SCSTएक्ट के जो झूठे मुकदमे पूरे देश में अलग-अलग जगह पे फाइल हो रहे हैं, अब आपको डरने की जरूरत नहीं आपकी हर प्रकार से हेल्प की जाएगी...
हेल्पलाइन नंबर - 8882002222
#SCST#ugc_rollback#ReservationReform
गेबी हनुमान गली के बाहर बैठने वाले हिन्दू बाबा के साथ दुर्व्यवहार लूट-पाट
देखने में यह सभी म्लेच्छों कि नाजायज़ औलादें लग रही है गिरफ्तारी से इस आशांका कि पुष्टि होगी।
@sp_ujjain@collectorUJN@DrMohanYadav51@UjjainPolice
सविधान को मानने वाले नीले गीदड़ इस्लामिक आतंकियों के साथ मिलकर एक निहत्थे सवर्ण क्षत्रिय सचिन राघव पर वॉर किए , मैं उस कार्यक्रम में स्वयं था कोई ऐसी बात नहीं बोली गई लेकिन चुकी वो क्षत्रिय था और आरक्षण में सुधार की माँग कर रहा था इस लिए उसकी भीड़ इकट्ठा करके लिंचिंग को गई , यदि तत्काल इन दंगाइयों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो मैं स्वयं अलीगढ़ आऊँगा आज ही फिर मत कहना की कुछ हो गया ।
पानी सर से ऊपर जा रहा है नीला आतंक बढ़ता जा रहा है और भाजपा सरकार इनको संरक्षण दे रही है ।
रिपोस्ट 🙏🙏
क्या कहा था मैने यदि सरकार का यही रुख रहा तो सड़क चौराहों पर सवर्णों की लिंचिंग होगी,
लीजिए रुझान आने शुरू हो चुके हैं बिहार में संतोष सिंह के बाद अब उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सचिन राघव की नीले आतंकियों की भीड़ द्वारा दिन दहाड़े भरे बाजार लिंचिग का प्रयास किया गया,
सड़क पर बेल्टों से पीटते हुए जलूस निकाला गया, जब करणी सेना के जिला अध्यक्ष का यह हाल है तो बाकियों की क्या स्थिति है अंदाजा लगा लीजिए,
इन जॉम्बीज की भीड़ कभी भी आपके दरवाजे पहुंच सकती है, जैसे कि जाट भाई के घर पहुंची थी और फिर फायरिंग में एक व्यक्ति की जान चली गई थी, सरकार इन अंबेडकरवादियों को दामाद की तरह ट्रीट कर रही है,
बीजेपी अंबेडकर को जबरदस्ती आपके गले ने नीचे उतरने में लगी हुई है आपको अंबेडकर को भगवान मानना ही होगा अगर नहीं मानोगे तो उनकी B team बीम आर्मी अपने गुर्गे भेज कर आपकी लिचिंग कर देगी, आपको भरे बाजार बेल्टों से पीटा जाएगा आपको मुर्गा बना कर माफी मंगवाई जाएगी, अंबेडकर को भगवान मानना ही पड़ेगा वरना सोच लो
अंधेरे से जन्म दिन की मंगल कामना मोदी जी , जिस प्रकार से आप ने सवर्णों का जीवन अंधकारमय किया है वैसे ही आपका भी हो ऐसा माँ बंगलामुखी से प्रार्थना है ।
#ब्लैक_आउट
नौटंकी देखो इसी। इसका जन्म ही एड़ी उचका-उचका कर नाचने के लिए हुआ है। आइसक्रीम खा रहा है तीस रुपए की। मर्चेंट फीस लगनी है ₹2,000 से ऊपर पर।
सड़कों पर ये पहले भी नाचा करता था, अब प्रवक्तई छोड़ कर कंटेंट क्रिएशन की दुनिया का अभिनव अरोड़ा बनना चाह रहा है।
@officeofchirag भाईसाहब आज आप काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में भोलेनाथ की पूजा कर रहे है वहाँ पर आपके साथ ब्राह्मणों ने भेद भाव नहीं किया।
आप कुछ दिन पहले बोल रहे थे की दलितों को बड़ी जाति वाले मंदिर में घुसने नहीं देते थे।
लेकिन यहाँ तो बड़ी जाती वाले आपसे भोलेनाथ का अभिषेक करवा रहे है।
ऐसे झूठे बयानों से समाज को क्यो तोड़ते है फिर आप?🧐
किस्सा कुर्सी का..!!
जब सत्ता में नहीं थे तब दारा सिंह जी के लिए आवाज़ उठाई, धरने पर बैठे। सत्ता में आने के बाद वही आवाज़ खामोश हो गई और उनकी अर्ज़ी खारिज कर दी।
चार वर्ष की बच्ची का रेप और मर्डर करने वाले दरिंदों में ‘सुधार की आशा’ देखने वाले देश को, 25 वर्ष अच्छे व्यवहार के साथ दंड भोग चुके व्यक्ति में सुधार की आशा नहीं दिखती! बलात्कारी-हत्यारे को यहाँ पेरोल पर पेरोल मिलता है क्योंकि वह वोटबैंक एकत्र कर सकता है, पर दारा सिंह को वह दया नहीं मिलेगी क्योंकि चर्च लॉबी के सामने यह देश नपुंसक हो जाता है।
दवा घटिया होती है तो बीमारी बढ़ती है और कानून घटिया होता है तो अराजकता।
समान दंड संहिता, समान पुलिस संहिता और समान न्याय संहिता कब लागू होगी?
पुलिस चार्टर, ज्यूडिशियल चार्टर, एडमिनिस्ट्रेटिव चार्टर और सिटीजन चार्टर कब लागू होगा?
@HMOIndia@AmitShah@PMOIndia@narendramodi
26 वर्षों से कारावास झेल रहे दारा सिंह जी को न्यायालय के कहने के बाद भी रिहा न करने का ओडिशा सरकार का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री जी कभी इसी न्याय के लिए मेरे साथ धरने पर बैठे थे। आज सत्ता में आकर असत्य का साथ देना स्वीकार्य नहीं।
ओडिशा सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे, अन्यथा हम न्याय के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन प्रारंभ करेंगे।
#JusticeForDaraSingh @CMO_Odisha@MohanMOdisha@VHPDigital@RSSorg
जब दारा सिंह जी जेल में थे, तब उनके समर्थन में धरने पर बैठने वाले आज मुख्यमंत्री हैं। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे दारा सिंह जी को न्याय नहीं दिला पाए। सत्ता में आते ही भूमिका बदल गई, यही है किस्सा कुर्सी का।
मोदी जी का भस्मासुर! पुलिस बहुत कुछ कर सकती है पर मोदी एक्ट की शक्ति और मोदी की भीम भक्ति ने उन्हें नपुंसक बना कर रख दिया है।
इन्हीं गुंडों के समक्ष दिल्ली पुलिस को झुकना पड़ा, इन्हीं के समक्ष बाराबंकी पुलिस को असहाय होना पड़ रहा है। ‘बहुजन समाज के आक्रोश’ के नाम पर देश में आप सवर्णों की बहन-बेटियों पर भद्दे कमेंट करो, गीत बनाओ, दंगे करो, सचिन राघव को लिंच करने का प्रयास करो… सब स्वीकार्य है।