कचरे से खाद तक: बैगलेस डे में बच्चों ने सीखा प्रकृति का पाठ
जनपद कन्नौज के विकासखंड उमर्दा स्थित प्राथमिक विद्यालय हरीपूर्वा में गतिविधि-आधारित शिक्षण के अंतर्गत बैगलेस डे पर विद्यार्थियों ने कंपोस्ट एवं वर्मी कंपोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया सीखी और स्वयं करके समझी।
यह गतिविधि बच्चों को जैविक अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने के साथ उपयोगी जीवन-कौशल विकसित करने का अवसर बनी।
बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश अनुभव आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने के साथ प्रकृति, पर्यावरण और जीवनोपयोगी कौशलों से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास को सार्थक आधार दे रहा है।
#SchoolEducation #SamagraShiksha #BasicEducationUP #BasicShikshaUP
#BaglessDay
@bsa_kannauj
टीईटी परीक्षा- 26 में त्रुटिवश प्रभावित अभ्यर्थियों के परिणाम को घोषित करने हेतु उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा सचिव शिक्षा सेवा चयन आयोग को पत्र प्रेषित किया गया।
@DrDCSHARMAUPPSS@UPPSS1921#tet#uptet#teachers
UP TET परिणाम में rejected प्रकरण में कई साथियों के फ़ोन आये हैं ।इस सम्बन्ध में अवगत कराना चाहता हूँ कि शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयाग राज से शीघ्र ही संघ का प्रतिनिधि मण्डल भैंट प्रकरण में समाधान करायेगा ।
सभी देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
उन सभी वीरों और शहीदों को नमन, जिनके बलिदान की वजह से आज हम आजाद हवा में सांस ले रहे हैं।
जय हिन्द! जय भारत! वन्दे मातरम्! 🇮🇳
#15August | #IndependenceDay
मैनपुरी: कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कटरा समान विकास खंड किशनी में उपजिलाधिकारी श्री गोपाल शर्मा व खंड शिक्षा अधिकारी श्री जमील अहमद ने स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की।
प्रधानाध्यापक श्री अवधेश कुमार ने अभिभावकों को बच्चों का नामांकन स्कूल में कराने के लिए प्रेरित किया। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें व स्टेशनरी भी बांटी गई।
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@grok कृपया यह बताएँ कि माननीय Supreme court ke न्यायाधीश shri Deepanker Datta जी द्वारा हाईकोर्ट या Supreme court ke जज बनने ke लिए कभी कोई परीक्षा उत्तीर्ण की है अथवा नहीं
हाँ, 2014 में संसद ने 99वां संविधान संशोधन अधिनियम और NJAC एक्ट पास किया था। इसका मकसद कॉलेजियम प्रणाली को बदलना था।
लेकिन 16 अक्टूबर 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने 4:1 फैसले में दोनों को असंवैधानिक घोषित कर दिया, क्योंकि यह न्यायिक स्वतंत्रता (मूल संरचना) का उल्लंघन था। परिणामस्वरूप कॉलेजियम प्रणाली बहाल हो गई।
अभी तक कोई नया कानून नहीं बना है।
#इति_सिद्धम
वे अपने लिये संसद के बनाये क़ानून को भी नहीं मानेंगे ,क्योंकि उनको न्यायिक स्वतन्त्रता चाहिये ।
बिना किसी परीक्षा में सम्मिलित हुए केवल अनुभव और सिफारिश के आधार पर नियुक्ति और प्रमोशन लेते रहेंगे ।
आप पर वे नियम थोपे जाएँगे जो संसद ने आपके लिए बनाए ही नहीं हैं
2017 के संशोधन सहित आरटीई में कहीं टेट का उल्लेख नहीं है आरटीई के 23(1) के द्वारा प्रदत्त शक्ति से एनसीटीई ने 23 August 2010 को minimum qualification परिभाषित की है जोकि नियुक्ति वर्षों के अनुसार with tet और without tet है लेकिन माननीय जी ने minimum qualification को TET लिख दिया तो लिख दिया ।
आपको नियुक्ति हेतु निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण करने के नियुक्त होने के 20-25 वर्षों बाद भी परीक्षा में बैठायेंगे ।
अनुभव के आधार पर पदोन्नति तो दूर नौकरी (उस नौकरी में जिसमें नियुक्ति की प्रक्रिया में कोई दोष या आपत्ति नहीं है)में भी आप नहीं रहेंगे ।20-25 lakhलाख शिक्षकों की नौकरी जाये तो जाये उन पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
हमने सदैव कहा कि रास्ता संसद से निकलेगा ।इसलिए अब minimum qualification को parliament से define कराने हेतु आगे बढ़ेंगे ।
@narendramodi@AmitShah@dpradhanbjp@myogiadityanath
@dimpleyadav प्रकरण का संज्ञान लेते हुए FIR करा दी गई है ,नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जा रही है, संबंधित जनगणना सेंटर बदल कर नया सेंटर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज किशनी कर दिया गया है।
@dimpleyadav संदर्भित प्रकरण का संज्ञान लेकर थाना स्थानीय पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है,नियमानुसार अन्य वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
आज किशनी के DPIS स्कूल में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक शिक्षकों के साथ हुई अभद्रता और मारपीट अत्यंत निंदनीय है।
दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई हो, साथ ही प्रशिक्षण केंद्र तत्काल बदला जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर कठोर कार्यवाही किया जाए।
अण्डमान निकोबार से दिल्ली चलकर पहुँचे अण्डमान निकोबार शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार साधु एवं महासचिव श्री विकास मंडल से मिलने पर सुप्रीम कोर्ट के टेट के संबंध में आये आदेश के बाद अंडमान निकोबार के शिक्षक साथियों की दुख भरी व्यथा को सुनकर मन बहुत व्यथित हुआ और सोचने पर मजबूर हूँ कि इस प्रकार के आदेश आने के बाद सरकार किस अनहोनी का इंतज़ार कर रही है ।
दोनों शिक्षक नेताओं ने बताया कि 25 मार्च को अण्डमान निकोबार में टेट पास करने की अनिवार्यता के सम्बन्ध में पत्र निर्गत होने के बाद शिक्षक अवसाद से जूझ रहे हैं किसी भी शिक्षक को विश्वास नहीं हो रहा है कि आरटीई से पूर्व में नियुक्त एवं २०-२५ वर्षों से शिक्षण कर रहे शिक्षकों पर इस आदेश को कैसे थोपा जा सकता है ।
संघ के महासचिव श्री विकास मंडल जोकि आरएसएस के विभाग बौद्धिक प्रमुख भी हैं उनका कहना कि पोर्ट ब्लेयर में इस आदेश के बाद शिक्षकों में भारी तनाव व्याप्त है उन्होंने बताया कि बहाँ पर एक मात्र सांसद को छोड़कर कोई भी अन्य जनप्रतिनिधि नहीं है ।बहाँ का शासन पूर्णतया नौकरशाह चला रहे है ऐसे बिना किसी जनप्रतिनिधि के अपनी बात नौकर शाह को समझाना मुश्किल है
दूसरी ओर उन्होंने बताया कि दिल्ली आकर न्याय की गुहार लगाना भी बहुत मंहगा है
पोर्ट ब्लेयर से दिल्ली हवाई जहाज से आने पर एक तरफ़ से दोनों साथियों का टिकट 61000 रुपये का मिला है और यदि हवाई जहाज़ से न आकर दूसरा रास्ता अपनाये ,तो पानी के जहाज़ से कलकत्ता या चेन्नई तक पहुँचने में 3-4 दिन लगते हैं तथा किराया 18 हज़ार उसके बाद ट्रेन से दिल्ली तक का किराया एवं दो दिन का सफ़र ।इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट में बहुत महंगी पैरवी एवं राज्य में चुने हुए विधायक या एमएलसी न होने पर जब इस प्रकार का पत्र आया तो शिक्षक अवसाद में आ गये ।
उन्होंने बताया कि बहुत कठिन परिस्थिति में अंडमान निकोबार द्वीप समूह में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं उन्होंने बताया कि पोर्ट ब्लेयर के पास अन्य द्वीप पर विद्यालय संचालित है बहाँ आने जाने का एक मात्र साधन छोटी नाव है कई बार ऐसा होता है विद्यालय पहुँचने के बाद मौसम ख़राब होता है तो लौटने हेतु नाव नहीं मिल पाती है और दो तीन दिन विद्यालय वाले द्वीप पर ही रहना पड़ता है ।
उनका कहना है कि नौकरी जाने पर बहाँ कोई फैक्टरी या उद्योग भी नहीं है जहाँ प्राइवेट नौकरी की जा सके ।
अंडमान निकोबार में शिक्षक साथियों ने 4 अप्रैल को रामलीला मैदान की रैली के फोटो और वीडियो देखे तो उन्हें आशा की किरण दिखाई दी और उन्होंने टीएफआई से संपर्क का मन बनाया ।
17 अप्रैल को दोनों शिक्षक नेता अपने क्षेत्र के भाजपा सांसद श्री विष्णु पद रे के दिल्ली आवास पर पहुँचें और उनके साथ मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी से मुलाक़ात की ।मा पाल साहब ने हमें इन साथियों से मुलाकात करवाई ।
दोनों साथी पूरे दिन हमारे एवं श्री राधे रमण त्रिपाठी जी के साथ रहे और हमने आश्वस्त किया कि आप अकेले नहीं हैं टीएफआई आपके साथ है
अब टीएफआई का नारा “कश्मीर से कन्याकुमारी तक “न होकर
“कश्मीर से अंडमान निकोबार द्वीप समूह तक “होगा ।
दोनों साथियों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही अगली बैठक पोर्ट ब्लेयर में होगी ।
#NoTetBeforRteAct
महाराष्ट्र के दो दो शिक्षक संघ भी आये @TFI4India के साथ
श्री श्रीकांत देशपांडे जी पूर्व एमएलसी एवं संस्थापक अध्यक्ष शिक्षक अघाड़ी विदर्भ प्रदेश
तथा
श्री दत्तात्रेय सावंत पूर्व एमएलसी एवं महासचिव महाराष्ट्र शाला क्रुती समिति महाराष्ट्र से कल दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने के आंदोलन पर विस्तार से चर्चा हुई,दोनों ही नेताओं ने टीएफआई के प्रयास की सराहना की एवं टीएफआई से संबद्ध होने की इच्छा व्यक्त की ।महाराष्ट्र के दोनों संगठन शीघ्र ही टीएफआई के सदस्य होंगे ।