सोचता था,
वे कौन लोग होंगे
जो आज़ादी की लड़ाई में
अंग्रेज़ों का साथ देते होंगे।
कैसे लोग होंगे
जो हर आंदोलन को बदनाम करते होंगे।
कैसे लोग होंगे
जो भगत सिंह, महात्मा गांधी
और तमाम क्रांतिकारियों के विरोध में
खड़े होते होंगे।
अब समझ में आता है—
वे कौन लोग थे,
और
वे कौन लोग हैं।
जंतर-मंतर पर उठ रही यह आवाज़ सिर्फ़ एक विरोध नहीं, लोकतंत्र की आत्मा की पुकार है।
इतिहास केवल यह नहीं लिखता कि कौन सत्ता में था; वह यह भी दर्ज करता है कि जब अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठ रही थी, तब कौन सड़कों पर खड़ा था और कौन मौन था।
जंतर-मंतर का यह विरोध केवल आज की ख़बर नहीं, कल का इतिहास है।
इतिहास यह भी लिखेगा कि जब लोकतंत्र सवाल पूछ रहा था, तब कौन आवाज़ बनकर खड़ा था और कौन मौन का सहारा लेकर बैठा था।
देशभक्ति का दावा करने से पहले अपनी अंतरात्मा से एक बार ज़रूर पूछिए—आप साथ थे या सिर्फ़ ख़ामोश?
- प्रणय
The protest at Jantar Mantar is not just today's headline—it is tomorrow's history.
History will remember who stood up when democracy demanded courage, and who chose the comfort of silence.
- Pranay Kumar
@vikasvaibhavips आप जैसे महान मार्गदर्शक के साथ प्रेरित होकर कार्य करने का सौभाग्य मुझे मिल रहा है इससे बड़ी प्रेरणा मेरे लिए कुछ भी नहीं हो सकती, आपका हृदय से धन्यवाद सर !
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#Letsinspirebihar#Authorpranay
#कटिहार में #LetsInspireBihar के #कुरसेला अध्याय से जुड़े प्रणय, जिनके द्वारा संचालित है #ज्ञानोदय शिक्षा जागरूकता अभियान, के योगदान को अवश्य सुनें ! ऐसे निस्वार्थ प्रयासों से ही हो रहा है प्रेरणा का प्रसार ! आइए, मिलकर प्रेरित करें बिहार !
🎙️Podcast: The journey of writing
Author: Pranay kumar (Biography)
• लेखक प्रणय कुमार का जीवन परिचय एवं लेखन का सफर - सभी किताबों का केंद्रीय विषय।
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Novel: Tum ho mera Khwaab
Writer: Pranay kumar #Authorpranay
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'तुम हो मेरा ख्वाब' प्रणय कुमार के द्वारा लिखा उपन्यास है, जो ग्रामीण जीवन के इर्द-गिर्द घूमती प्रेम कथा पर आधारित है।
Sir, Vikas Vaibhav: IPS, का गंगा-कोसी संगम के पावन भूमि कुर्सेला में स्वागत !
जब भागलपुर में था तब से ही
IPS विकास वैभव सर का फैन रहा हूं, उन्हें अपनी पुस्तक भेंट किया... यह मेरे लिए गौरवान्वित क्षण था। (Kursela) नमस्ते बिहार !
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कुछ चीजें कभी पुरानी नहीं होती, हमेशा तरोताजा रहती हैं मेरी इन दोनों किताबों की तरह...
1. पल दो पल का प्यार (उपन्यास)
2. ख्वाबों में भी खयालों में भी (कहानी संग्रह)
- लेखक: प्रणय कुमार
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