में पहल की जाए। साथ ही बांग्ला देश में सरकार के पुनर्गठन होने के बाद भी यदि दलितों पर नस्लीय हिंसा को बढ़ावा देने या रोकने में नाकाम होती है ,तो हिन्दू बहुल छेत्रों को बांग्लादेश से अलग करने पर भी रणनीतिक ,सैन्य करवाई करने पर भी ठोस कदम उठाये जाने की आवश्यकता है।@narendramodi
घोर सांप्रदायिक राजनैतिक दल हैं।
अस्तु : आपसे सविनय अनुरोध है तत्काल इस पर रिपोर्ट तालाब की जाए ,बीते दशक में देश भर में धर्मांतरण ,प्रेम -विवाह ,नस्लीय हिंसा की कितनी घटना सामने आई है। एक जाँच कमेटी बैठा कर इस प्रकार की अमानवीय घटना पर रोकथाक के लिए सख्त कानून बनाने की दिशा