@NPCI_BHIM@NPCI_NPCI@TheOfficialSBI
Facing issue in sbi bhim app, no conclusion, nothing, please help.
I have made a complaint also but the result is nil.
कर सके ताकि मरीजों को लाइन में न लगना पड़े, रजिस्टर व्यक्ति को सर्वर या ऐप से एक डिजिट मिलेगी उस डिजिट नंबर से व्यक्ति हॉस्पिटल जाकर प्रिंट ले सकता है और डॉक्टर को दिखा सकता है उससे अतिरिक्त मैनपावर बचेगी, लाइन भी नहीं लगेगी और डेटाबेस भी रहेगा। @PMOIndia@RajCMO@MoHFW_INDIA
"आपका ही देश मजबूत हुआ"
राफेल डील पर विपक्ष को मैक्रों का जवाब !
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के साथ राफेल फाइटर जेट की डील पर हो रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि "इससे आपका ही देश और मजबूत हुआ है"
उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हम स्वदेशी कंपोनेंट्स को लगातार बढ़ा रहे हैं, यह कंपनी और आपकी सरकार के बीच चल रही बातचीत का हिस्सा है।
मुझे नहीं लगता कि लोग इसकी आलोचना कर सकते हैं क्योंकि इससे आपका देश मजबूत होता है, हमारे बीच रणनीतिक समन्वय बढ़ता है और यहां अधिक रोजगार सृजित होते हैं।
@RajCMO@BhajanlalBjp आदरणीय श्रीमान महोदय, जो भी आपने भरतपुर के लिए घोषणाएं की हैं वो धरातल पर कछुआ चाल से चल रही हैं, प्रॉपर मॉनिटरिंग हो ताकि शिलान्यास से लोकार्पण का सफर इसी सरकार में पूरा हो। 🕉️🙏
@RajCMO@BhajanlalBjp आदरणीय श्रीमान भरतपुर में विकास कार्य बहुत स्लो चल रहे हैं, गोवर्धन गेट से रेडक्रॉस सर्किल की ४ लेन रोड अभी तक तैयार नहीं हुई है, कुम्हेर गेट फ्लाईओवर अभी भी बहुत स्लो ट्रैक पर है, आपके कार्यकाल में होने की अपेक्षा है, गर्ग जी की सीएफसीडी अभी तक अधूरी है।
@BhajanlalBjp@RajCMO आदरणीय श्रीमान, rrtc metro को दिल्ली से निकलकर अलवर होते हुए भरतपुर लाने से भरतपुर को औद्योगिक फायदा मिल सकता है जैसे बुलेट ट्रेन को गिफ्ट सिटी से फाइनेंशियल कैपिटल तक जोड़ा गया, इससे गिफ्ट सिटी भी फाइनेंशियल कैपिटल का ऑप्शन बनकर उभरी है।
@RajCMO@BhajanlalBjp भरतपुर में आपकी अभिलाषाएं बहुत हैं, विकास के लिए बजट बहुत है लेकिन धरातल पर दिखने के लिए विकास को पंख नहीं लग पा रहे हैं, मोदी जी जो ठान लेते हैं उसे समय पर पूरा करते हैं लेकिन भरतपुर में ऐसा नहीं दिख रहा है श्रीमान।
@RajCMO@BhajanlalBjp आदरणीय श्रीमान भरतपुर में विकास कार्य बहुत स्लो चल रहे हैं, गोवर्धन गेट से रेडक्रॉस सर्किल की ४ लेन रोड अभी तक तैयार नहीं हुई है, कुम्हेर गेट फ्लाईओवर अभी भी बहुत स्लो ट्रैक पर है, आपके कार्यकाल में होने की अपेक्षा है, गर्ग जी की सीएफसीडी अभी तक अधूरी है।
@BhajanlalBjp विसर्जन के लिए अलग जगह हो ताकि किसी को कुछ विसर्जित करना हो तो तुरंत सफाई हो सके और मानसिक सुकून पाने के लिए लोग नहर के किनारे बैठ सकें तभी बोटिंग का सपना साकार हो सकेगा।
@BhajanlalBjp आदरणीय श्रीमान विनम्र प्रार्थना है कि भरतपुर की सूजन गंगा को नैनी ताल की नैनी लेक की तरह विकसित किया जाए जैसे वहां गाड़ियों और पैदल के लिए अलग अलग रास्ते हैं। सारे नालों को रोक कर उसमें एक्वेटिक जीवन को पनपाया जाए और बोटिंग का दायरा बढ़ाया जाए।
@ravi_birha@Anilsin4458114@VaishaliMishra0 Sanatan Dharam ko maanne waale pahle har jagah faile huye the even pakistan afganistan also and till myanmar kambodiya singapur malaysia but islaam ne apni gati pakdi aur ak chhote se saudi kabile se second world war tak poore world me fail gya aur sanatan ko maane waale india
शशि थरूर का बड़ा बयान!
"1971 की परिस्थिति एकदम अलग थी,
आज की परिस्थिति एकदम अलग है,
1971 में हमने पाकिस्तान को दो हिस्सों में तोड़ दिया था,
ऐसा इसलिए हो पाया था क्योंकि बांग्लादेश खुद भी अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था।"
जो लोग 1971 की लड़ाई में इंदिरा गांधी की पीठ थपथपाते हैं उन लोगों को बेनजीर भुट्टो के पति आसिफ अली जरदारी का पाकिस्तान के संसद में दिया गया यह बयान जरूर पड़ना चाहिए।

जब पाकिस्तान के 90000 से ज्यादा सैनिक भारत की कैद में थे उनके तीन हजार से ज्यादा सैनिक अधिकारी हमारे हिरासत में थे... पाकिस्तान की सेना आत्मसमर्पण कर चुकी थी। भारतीय सेना सिंध के जिले थारपारकर को भारत में मिला शामिल कर चुकी थी और उसे गुजरात का एक नया जिला घोषित कर दिया गया था और मुजफ्फराबाद पार्लियामेंट पर तिरंगा झंडा फहरा दिया गया था।
जुल्फिकार अली भुट्टो जब इंदिरा गांधी से शिमला समझौता करने आए तब वह अपनी बेटी बेनजीर भुट्टो को भी साथ में लाए थे। जुल्फिकार अली भुट्टो अपनी बेटी को राजनीति सिखा रहे थे।
इंदिरा गांधी ने जुल्फिकार अली भुट्टो के सामने शर्त रखी, यदि आपको अपने 93000 सैनिक वापस चाहिए तब आप कश्मीर हमें दे दीजिए। जुल्फिकार अली भुट्टोने इंदिरा गांधी से कहा कि हम आपको कश्मीर नहीं देंगे। मैं कोई दस्तखत नहीं करूंगा आप यह 93000 सैनिकों को अपने पास ही रखो।
इंदिरा गांधी सपने में भी नहीं सोची थी कि जुल्फिकार अली भुट्टो उनसे भी बड़ा खिलाड़ी है वह जानता है की सीमाओं पर हारी गई युद्ध को टेबल पर कैसे जीता जाता है। इंदिरा गांधी की हालत ऐसी हो गई थी जैसे कोई रोजा रखने जाए और उसके गले नमाज पड़ जाए।
पुपुल जयकर और कुलदीप नैयर दोनों ने अपनी किताब में लिखा है इंदिरा गांधी उस मौके पर चूक गई और उनके और उनके सलाहकारों के पास कोई ऐसी कूटनीतिक ज्ञान नहीं था कि ऐसे में स्थिति को कैसे संभाला जाए। जिनेवा समझौते के तहत यदि कोई देश किसी युद्ध बंदी को पकड़ता है तब वह उसके डिग्निटी का पूरा ख्याल रखना होता है।
जुल्फिकार अली भुट्टो शाम को होटल में अपनी बेटी बेनजीर भुट्टो से कहा इस युद्ध में भारत की कमर टूट चुकी है। हमने पूरी बहादुरी से लड़ा भले ही हमने भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत करारी चोट दी है। भारत पहले ही बांग्लादेशी शरणार्थियों का बोझ झेल चुका है। अब भारत 93000 पाकिस्तानी सैनिकों को कैसे पालेगा और अगर भारत 93000 पाकिस्तानी सैनिकों को अपने पास बसाना चाहता है तो बसाएं। और उन कायर सैनिकों को हम वापस लेकर भी क्या करेंगे, मैंने इंदिरा गांधी की हालत सांप के गले में पड़ी छछूंदर जैसी कर दी है।
और अंत में इंदिरा गांधी की हालत ऐसी हो गई जैसे कोई जूते भी खाए और प्याज भी खाए। इंदिरा गांधी ने कश्मीर भी पाकिस्तान को दे दिया 93000 सैनिक भी वापस कर दिए और अपने 56 सैनिकों को पाकिस्तान की जेलमें मरने को छोड़ दिया। और 8 महीने के बाद नोबेल पुरस्कार की इच्छा में भारत के गुजरात राज्य में शामिल जिला थारपारकर को ही पाकिस्तान को वापस कर दिया जबकि थारपारकर कि उस वक्त 98% आबादी हिंदू थी।
शिमला समझौते के बाद उस वक्त के सेना प्रमुख ने रिटायरमेंट के बाद जो किताब लिखी थी उसमें कहा था इस युद्ध को हमने लड़ाई के मैदान में तो जीत लिया लेकिन टेबल पर राजनेताओं ने भारत को हरा दिया।
ओर वो राजनेता इंदिरा गांधी थी।