Taking away Jantar Mantar will not take way the resistance.
All your attempts to 'denotify' democracy by denotifying Jantar Mantar will fail. The people will prevail!
Democracy will flourish!
When CJP was granted permission to protest, many were quick to float conspiracy theories that we were planted by the BJP.
Yesterday, the INDIA bloc held a massive protest, but there was no crackdown like the one we witnessed on October 10.
This is exactly how the govt plays us against each other. By treating different protests differently, they create suspicion and mistrust among people who are ultimately fighting for the same cause.
My only request to everyone is to see through these tactics. Today, they may allow one protest and crush another. Tomorrow, they could reverse the roles. The idea is to keep us doubting each other instead of questioning those in power.
Don’t let conspiracy theories divide us. Don’t fall into the trap of fighting among ourselves when we should be standing together.
The fight is against Gyanesh Kumar and those protecting him. Don’t lose sight of that.
What a country we have become!
A big shout-out to all the young lawyers who ensure the release of all detainees every evening!
This fight goes on because we do not fight it alone. Journalists reporting the truth despite unlawful repression, lawyers holding the police to the law, lakhs and lakhs of first-time protesters fighting tooth and nail, giving actual blood to keep democracy alive.
Delhi is once again flooded with people standing up to save democracy.
If Modi thinks taking away Jantar Mantar will put an end to protests, he is mistaken.
Jantar Mantar is not just a location but a spirit of resistance that nobody can ever take away.
Today, Modi denotified Jantar Mantar as a designated protest site.
Tomorrow, he will denotify democracy itself.
The dictator’s problem was never the protest site. It was the very idea of people protesting.
“कब तक आस लगाओगी तुम
बिक़े हुए अखबारों से
कैसी रक्षा मांग रही हो
दुःशासन दरबारों से
स्वयं जो लज्जाहीन पड़े हैं
वे क्या लाज बचाएंगे
सुनो द्राैपदी ! शस्त्र उठालो
अब गोविंद ना आएंगे...”
@ravish_journo@mandeeppunia1@ravish_journo
ये देश गांधी का जब था तब था
समाज जब से चोर को स्मार्ट, गुंडों को बहादुर और ठगों को नेता मानने लगा तब से नहीं है
सरकार को शायद ऐसे लोगों पर भरोसा है कि ये लोग जान मानस के हौसलों को तोड़ देंगे
जब तक जनता और आंदोलन के नेताओं में एका नहीं होगा तब तक ऐसे ही चलेगा
आज की रणनीति प्रदर्शन में आई लड़कियों को टारगेट करने के लिए महिला सिपाहियों को आगे करना था। इंस्टा पर दर्जनों रील चल रहे हैं। यंग लड़की को पुलिस धक्का दे रही है। उन्हें क़ाबू में किया जा रहा है। जो लड़कियां कैमरा लेकर निकली थीं उनके साथ भी धक्का मुक्की के बहुत रील हैं। ऐसा लगता है कि सड़क पर आने वाली इन लड़कियों को जिन्हें हम बच्चियाँ कहते हैं, ख़ास तौर से टारगेट किया गया है। जेन ज़ी का जो हौसला है, वो इन लड़कियों के आने से बड़ा होता है। इसलिए उन पर भयंकर हमला हुआ। ये हमला ऐसा नहीं कि सर फट जाए बल्कि ऐसा कि उनका सर झन्ना जाए। ऐसे भी रील हैं जिनमें पुलिस ने उन्हें खींचते वक्त या टाँगते वक्त उनके कपड़ों का भी ध्यान नहीं रखा। अगर इस देश में इंसाफ का मंदिर होता तो ज़रूर इसे लेकर सरकार को नोटिस जारी करता। सरकार के भीतर हड़कंप मच जाता।
एक और बात है। हर रील में लड़कियों धक्का खाती हैं मगर किसी रील में डरती नहीं हैं। लौट कर या खड़ी होकर प्रतिकार करती हैं। बस की खिड़की से कूद जाती हैं। छतों पर चढ़ जाती हैं। आप इंस्टा रील देखिए, आज के प्रदर्शन का विज़ुअल सेंस बदल जाएगा। शर्म भी आएगी। बच्चियों को मार कर, धकिया कर आज घर गईं किसी महिला पुलिस को अच्छा नहीं लगा होगा। आने वाले दिनों में महिला पुलिस की आक्रामकता का भयंकर रूप दिखेगा।
ज्ञानेश कुमार ने आज दिन भर क्या किया होगा? कोई ख़बर?
मस्क अंबानी को प्रधानमंत्री लिख रहे हैं। भारत की सरकारी फैक्ट चेकर PIB खंडन भी नहीं कर रही है। पूरी भारत सरकार मस्क के आगे चुप है। मंत्री चुप हैं। मस्क अंबानी को नहीं, प्रधानमंत्री मोदी को चैलेंज कर रहे हैं। उनका यह पोस्ट कॉरपोरेट वॉर का इशारा नहीं करता है बल्कि प्रधानमंत्री पद और दफ्तर की गरिमा की ऐसी तैसी कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भी चुप हैं। यहाँ विपक्ष ज्ञानेश कुमार चोर है का नारा लगाने के लिए जंतर-मंतर जाना चाहता है तो उसे रोक दिया जाता है। जेन ज़ी को दिल्ली आने से रोक दिया जाता है। सारी ताकत विपक्ष पर दिखा रहे हैं, दो लाइन किसी मंत्री से लिखा नहीं जा रहा है कि मस्क जी हम जिस मंत्रिमंडल के मेंबर हैं, उसके प्रधानमंत्री तो नरेंद्र मोदी हैं। आप भूल सुधार कर लीजिए।प्रधानमंत्री पद की गरिमा को मुद्दा बनाने वाली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही ट्वीट कर देना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, अंबानी नहीं। गोदी मीडिया के ऐंकरों को चिल्लाना चाहिए कि मस्क ग़लती सुधार लो, वरना इस दीवाली फुलझड़ियों को छोड़ टेस्ला के ख़िलाफ अभियान चलाने लगेंगे। सब चुप है। दूसरों को चुप कराने वाले चुप हैं।
जिस मस्क को कभी भारत में जेल जाने से डर लगता था, उस मस्क को क्या हुआ है? क्यों पिनक गए हैं, चिंता की बात होनी चाहिए। सूचना प्रसारण मंत्रालय के मंत्री को एक्स के किसी मैनेजर को बुलाकर पूछना चाहिए कि तुम्हारे मालिक नरेंद्र मोदी को छोड़ अंबानी को कैसे प्रधानमंत्री लिख रहे हैं? यह शपथ कब हुआ है? फोटो दिखाओ? मस्क, अंबानी, अदाणी, सरकार इन सबके बीच जो हो रहा है, उनके बीच सही बात क्या है, किसी को पता तो है नहीं। कौन किसे मैनेज कर रहा है, पर्दे के पीछे के पर्दे के पीछे कौन-कौन है, यह जान लेने से क्या बदल जाता है। मगर प्रधानमंंत्री अंबानी हैं, ये कब बदल गया? राहुल गांधी तो वोट चोरी को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ज्ञानेश कुमार के प्रोजेक्ट तक ही देख पा रहे हैं, इसके ऊपर का भी मामला है क्या?
वैसे इस प्लेटफार्म के लिए मस्क आपका शुक्रिया। ठीक है सरकार के कहने पर आप भी पोस्ट हटा देते हैं लेकिन आदमी अपनी बात तो लिख पा रहा है। अगर एक्स करोल बाग के किसी टाइकून का प्लेटफार्म होता तो हम लोगों के प्लेटफार्म के आगे बैरिकेड लगवा देता और डिलीट कर देता। इसलिए आपके पोस्ट पर इधर के उद्योगपति लोग भी चुप हैं। आसान नहीं है आपकी तरह लब-लब कुछ भी बोल देना। इधर सारा आंत्रोपन्योरशिप सरकार से लाइसेंस, ठेका, ज़मीन वाले प्रोजेक्ट लेने में लगा रहता है। ज़िलाधिकारी से लेकर सचिव के चक्कर काटने में लगा रहता है। एक प्रोडक्ट ढंग का नहीं बनता। अपने प्रोडेक्ट को ग्लोबल लेवल पर पहुंचाने के बजाए 24 घंटा इसी में लगे रहते हैं कि सरकार से क्या मिल सकता है। आपको भी वही झेलना पड़ेगा। आप भारत आओ, दीवाली का टाइम है, गिफ्ट-विफ्ट लेकर आओ, बात समझो, आप देखना यही मंत्री लोग आपके साथ कैसे फोटो खिंचाते हैं। आओ तो सही, पूरी सरकार बिछी मिलेगी। मुस्कुरा दोगे पीएम साहब को देख कर तो गोदी मीडिया हेडलाइन बना देगा। अपनी वैल्यू समझो आप। कॉकरोच दिल्ली आ गए हैं और आप उधर से ही पोस्ट फायर किए जा रहे हो। COME.
इसीलिए मस्क जी, भारत के प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी है। अंबानी नहीं है। भारत में आपकी जीवनी हिन्दी में भी छप चुकी है। आपकी माँ मेय मस्क जी की किताब जब औरत सोचती है, राजकमल प्रकाशन से छप चुकी है।आप एक मामूली पॉलिसी निर्णय को लेकर पिनके हुए हैं, यहां तो करोड़ों लोगों के वोट काट दिए गए हैं। वोट का अधिकार छीन लिया गया है। बात को समझो आप। सोशल मीडिया की तरह वोटर को ब्लॉक कर दिया जाता है। नेता प्रतिपक्ष को धक्का दिया जाता है। स्टार लिंक लेकर आ भी गए होते तो क्या हो जाता, आपका भी आज सीपी और चार किलोमीटर के दायरे में बंद रहता। अच्छा हुआ है आप नहीं आए। वैसे अगर स्टार लिंक का कोई पर्सनल लिंक है तो व्हाट्स एप पर भेज देना। आज जंतर-मंतर से वीडियो अपलिंक करना है। बच्चों को प्यार देना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भी। हम लोग डर जाते हैं मगर प्यार ज़रूर करते हैं। ख़ुश रहिए।