मैं हर जगह असफल रहा ज़िन्दगी में… ऐसा लगता है जैसे किस्मत ने हर मोड़ पर मेरा मज़ाक उड़ाया हो। जितनी बार हिम्मत करके खड़ा हुआ, उतनी ही बार ज़िन्दगी ने मुझे ��िर से गिरा दिया। लोग कहते हैं मेहनत करो, सब मिल जाएगा… पर शायद उन्होंने वो रातें नहीं देखीं जब मैं छत को घूरते हुए सोचता था कि आखिर मुझमें ही क्या कमी है। सपने तो बहुत थे, पर हर सपना जैसे हकीकत की ठोकर से टूट गया। अब तो हाल ये है कि खुद पर से भी भरोसा उठने लगा है… आईने में खुद को देखता हूँ तो सवाल करता हूँ—क्या मैं सच में इतना बेकार हूँ, या बस मेरी कहानी अभी अधूरी है। फिर भी दिल के किसी कोने में एक छोटी सी उम्मीद ज़िंदा है, जो कहती है—शायद एक दिन सब ठीक हो जाएगा, शायद एक दिन मैं भी अपने नाम का मतलब समझा पाऊँगा।
@TheNewspinch Bhai group d railway me physical hota hai aur udhr ghus nhi hota hai jb se online exam lena chalu kiya hai... Bihar k kisi group d exam me physical nhi hai kuchh jyada hi fek rha hai tum