@Aalok3460016@rajput7278@khurpenchh भाई एक बताओ जब कोई तारीफ करने लायक काम होगा तब तो कोई तारीफ होगी।पर दिक्कत ये है कि हमे अपने बच्चो आए ज्यादा अपनी जाति के नेता के बच्चो की चिंता है।पर आप चिंता मत करो अनुप्रिया जी का कुछ नही बिगड़ेगा पर आपके और हमारे बच्चे उसी नरक में रहेंगे।
@riskyyadav41 आखिरी समय तक वेबसाइट सुचारू रूप से चलाना आयोग की जिम्मेदारी है और लास्ट तक फॉर्म भरना आपका हक है पर शुरुआत में ही फॉर्म भरने की कोशिश करे ताकि मेन्टल ट्रॉमा न हो।
@surya_samajwadi बीजेपी नेताओं के नही बल्कि सभी नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं पर तुम जैसे उनके सभी चाटुकार अपने मालिक को छोड़कर दूसरे में कमियां निकलते हो।
@riskyyadav41 अगर यही स्थिति रही और एक धर्म को लगातार टारगेट किया तो पार्टी खत्म हो जाएगी।मेरी समझ से बाहर है कि धार्मिक मुद्दों में क्यों उलझ रहे हो।इन्हें धार्मिक ही रहने दो।पर नही हर महीने एक बार उंगली जरूर करनी है जबकि राम मंदिर का मुद्दा हिन्दू सेंटीमेंट से जुड़ा है।
@Kuldeepkumar497@vive25 इसे तो कोई टीम भी नही देखना चाहता।गिल को उपकप्तान बनाया था कुछ मैचों के बाद कप्तानी तो गयी साथ मे टीम से बाहर कर दिया।सूर्या को तो बेहिसाब मौका मिला है।
RO/ARO-2023 परीक्षा के बाद अब HEO(स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी) परीक्षा पर भी हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है🔥
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग पिछले 7 सालों से अपने सभी परीक्षा में माइग्रेशन घोटाला कर रहा है।
चाहे UPPCS हो या RO/ARO या HEO या फिर LT GRADE या GIC LEC... इन सभी परीक्षाओं में UPPSC आयोग ने माइग्रेशन नियम का पालन नहीं किया।
जिसके कारण आरक्षित वर्ग जैसे OBC/EWS का छात्र UR कैटेगरी के छात्र से ज्यादा नंबर प्राप्त करने के बाद भी बाहर कर दिया जा रहा है।
अब उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग अपने ही बने जाल में पूरी तरह फंस गया है ... उसके पास माइग्रेशन लागू करने के अलावा कोई चारा नहीं है।
हाल ही में जारी पशुचिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (HEO) भर्ती में OBC व SC के संवैधानिक आरक्षण में भारी कटौती की गई है।
✍️पशुचिकित्सा अधिकारी (404 पद)
OBC आरक्षण (27%) होना चाहिए: 109 पद
दिया गया: 0 पद
➡️ पूरी तरह OBC आरक्षण शून्य
✍️स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी – HEO (220 पद)
OBC आरक्षण (27%) होना चाहिए: 60 पद
दिया गया: 20 पद (≈9%)
➡️ OBC के 40 पद गायब
SC आरक्षण (21%) होना चाहिए: 46 पद
दिया गया: 21 पद
➡️ SC के 25 पद कम
UPPSC के विज्ञापन में OBC और SC के पदों पर सीधा हनन/कटौती दिखाई दे रही है, जो संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
#Migration_Scam_In_UPPSC
#UPPSC_माइग्रेशन_घोटाला
#Save_Merit_Save_Reservation
#Migration_Scam_In_UPPSC
सबसे बड़ा constitutional irony यही है 👇
ना विधानसभा ने ऐसा कानून बनाया,
ना Reservation Act में ऐसा amendment हुआ,
ना किसी Court ने कहा कि higher-merit reserved candidates को prelims stage पर बाहर करो।
लेकिन UPPSC के कुछ अधिकारियों ने:
⚠️ खुद Rule बना लिया
⚠️ खुद उसकी interpretation कर ली
⚠️ और खुद “Open Competition” का meaning भी बदल दिया
यानी:
विधानसभा का काम भी खुद,
न्यायपालिका की व्याख्या भी खुद। 🔥
और परिणाम?
❌ ज्यादा marks वाला बाहर
✅ कम marks वाला अंदर
Allahabad High Court DB तक prima facie बोल चुकी है कि:
⚖️ यह Article 14 और 16(1) violate कर सकता है।
सवाल सीधा है:
क्या एक आयोग,
Constitution और Reservation Act से ऊपर बैठ सकता है? ⚖️
@UPGovt@myogioffice@Mayawati@yadavakhilesh@BhimArmyChief