दलितों ने ब्राह्मण के घर में घुस कर बुरी तरह मारा भी और उल्टा एससी/ एसटी में जेल भेजवा दिए , घटना फूलपुर प्रयागराज की है , आख़िर इस शासन तंत्र को ब्राह्मणों से इतनी चिढ़ क्यों है ?? सारे ब्राह्मणों को एक ही बार मरवा क्यों नहीं देते ??
@ChampatRaiVHP ये ठीक है आपने नहीं चुराया लेकिन किसी न किसी ने तो चुराया है.... प्राइवेट स्टाफ जो कंपनी ने रखे थे वो सभी चोर थे और हैं।
कंपनी का कुछ नहीं हुआ।
मेगस्थनीज लिखता है —
भारत की युद्ध-परंपरा इतनी सभ्य थी कि दो राजा युद्ध करते थे, पर कोई भी राजा शत्रु देश के किसान, उनके खेत और फसलों को हानि नहीं पहुँचाता था।
युद्ध केवल सैनिकों के बीच होता था — निर्दोष जनता सुरक्षित रहती थी।
सिकंदर के साथ आए इतिहासकार कर्टियस लिखते हैं कि जब सिंध–पंजाब पर आक्रमण हुआ, तो लगभग 20,000 स्त्रियों और बच्चों ने पराधीनता स्वीकार करने के बजाय मृत्यु को चुना।
क्योंकि लोग जानते थे —
यूनानी समाज की नैतिकता कैसी थी।
जहाँ 6 वर्ष की बालिका को भी विवाह योग्य माना जाता था, वहाँ हमारी बेटियों की अस्मिता कितनी सुरक्षित रहती?
भारत की परंपरा सदा मर्यादा की रही है —
यहाँ युद्ध में भी धर्म था,
शत्रु की नारी को भी माता माना गया।
जबकि आक्रांताओं ने खेत जलाए, नगर उजाड़े और नारी शक्ति का अपमान किया।
यह उनकी “सभ्यता” की असली पहचान थी।
फिर भी कांग्रेसी और वामपंथी इतिहास में उन्हें “महान” कहा गया —
जबकि सच यह है कि महान वही होता है जो मर्यादा, करुणा और धर्म के साथ खड़ा हो।
चंद्रगुप्त मौर्य ने विदेशी आक्रांताओं को पराजित किया,
और सिल्यूकस को संधि के लिए विवश होना पड़ा।
बिना हार के कोई अपनी पुत्री का हाथ नहीं देता।
इसलिए,
अपने इतिहास पर गर्व करें।
सत्य को जानें , पहचानें और आगे बढ़ाएं।
क्योंकि भारत केवल एक देश ही नहीं है—
इसमें सनातन एक सभ्यता है, एक संस्कार है, एक धर्म है। 🇮🇳✨
#CatchTheRain
3 decades of illegal encroachment, cleared 3 years ago & Nature has reclaimed what was rightfully Hers.
The majestic elephants are back at the southern periphery of Sonai Rupai Wildlife Sanctuary.
Eviction DOES result in restoration and its continuation will be OUR policy.
@Rajababu4you 102 की क्षमता है 168 की नहीं है।
और 68 रुपये क्यों बढ़ेगा ?
11 सालों में भी क्रूड ऑयल के दाम निचले स्तर पर थे एक भी रुपया कम होने के बजाय दाम बढ़े।
कितना फायदा कंपनियों को मिला
@TheLallantop नेता है न
उसका तो हर 2–2.5 साल पर चुनाव आ जाता है tet की परीक्षा पूरे 7 साल बाद हुई क्या पता अभी आगे वेकेंसी आये न आए।
रोड शो जरूरी था, परीक्षा हो भी जाए भर्ती आगे लटक जाएगी ।
फ़िलहाल एक टर्म याद कर लीजिए: म*ठा लॉबी!
भगवान राम को और राष्ट्र को एक संगठन की इस लॉबी ने जितना ठगा है, वह अकल्पनीय है। भाजपा घंटा राजनीति करती है, असली नेता तो ये लोग हैं। समाज, राष्ट्र, मंदिर सब को बर्बाद कर रखा है।
@ajeetbharti@DelhiPolice हम लोगों में ही खोट है।
एकबार उग्र प्रदर्शन होना चाहिए।
और कसम खाओ कि ऐसा कोई वक्तव्य नहीं देंगे जिससे उन लोगों को कोई फायदा हो जो हमारे विरोध में कानून लाते हैं।
@akhileshsharma1 अरे नेता जी हमारी 15 साल पुरानी पेट्रोल वाली बाइक ले लो... हमे बढ़िया बाइक इलेक्ट्रिक वाली दो
तब जाने की सरकार सुधार करना चाहती है
जनता के धन पर क्या परोपकार करना, सरकार खुद खर्च कर के 4–5 महीने में सभी पुरानी बाइक उठवा ले... बदले में नई बाइक दे।