भारतीय न्याय में भ्रष्टाचार पर कठोर और त्वरित दंड का विधान होना चाहिए।
करोड़ों अरबों बिना डकार लिए खा जाते है मरने के लिए पब्लिक है और नेता जी को पाने के लिए पब्लिसिटी है
"I could never have become CEO in any other country, including India. It was only possible because America rewards merit," said former PepsiCo CEO Indira Nooyi.
A tight slap on India's Reservation Politics !
CJP प्रोटेस्ट में एक और आंदोलन जीवी की एंट्री हो गई है, सबको पता है 'योगेंद्र यादव' कौन है क्या है इनका एजेंडा क्या है.
एक बात पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है,
यह कोई स्टूडेंट प्रोटेस्ट नहीं है, ये मोदी विरोधियों का प्रोटेस्ट है।
एथेनॉल से कोई नुकसान नहीं हुआ है बल्कि 20% एथेनॉल वाला पेट्रोल डालने के बाद मोटरसाइकिल और कार अब सड़क पर नहीं, हवा में उड़ते हुए चल रही हैं।
हमारी बात मानिए गडकरी जी,
जल्दी से डीजल में भी कुछ मिलवाना चालू करवा दीजिए।
यह नाचने वाली महिलाएं बार डांसर नहीं है
ना ही सेक्स वर्कर्स है
कॉलेज के इवेंट में नाचती छात्राएं है
क्या वाकई इनकी हरकतें और कपड़े किसी सेक्स वर्कर से कम है ?
पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल में घटे तेल के दाम लेकिन भारत में अब इसकी कीमतों में कोई कमी नहीं की गई है.
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर से घटकर 70 डॉलर प्रति बैरल तक हो गई है.
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COVID vaccination के बाद बहुत सारे युवा हृदयाघात से मरने लगे । जब सरकार ने जिम्मेदारी नही ली, आपको लगता है की सरकार आपकी गाड़ी का ईंजन का फिक्र करेगी ?
जिस व्यक्ति का एनकाउंटर करने की मांग को हनुमान बेनीवाल ने सदन में उठाया था, उसी कुख्यात डाकू का हाई सिक्योरिटी जेल में मर्डर कर दिया जाता,
आज अंतिमसंस्कार तो हो गया जगन गुर्जर का लेकिन अभी मेरे जैसे तमाम लोग यही सोचते होंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ होगा जेल के अंदर जो सबसे बड़े डाकू का मर्डर कर दिया
जिसे देख कर लोग कांपे क्या उसे मारना कोई छोटी बात समझते है आप ?
कई लोग ये भी कहे रहे की किसी जनप्रतिनिधि के सह पर भी हो सकता है ?
आपको क्या लगता है , आप क्या वजह मानते है आप ?
बिहार मै जंगलराज बापिस आ चुका हैं कल बिहार पुलिस ने रूपेश तिवारी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया क्योंकि रूपेश तिवारी ने भरत तिवारी के समर्थन मै आकर सम्राट चौधरी से सवाल किया था
जनता मै आक्रोश हैं सम्राट चौधरी यह न देखकर निर्दोषों पर लगातार कार्यवाही करवा रहे हैं वही इनकी जाति का रुद्र प्रताप कुशवाहा दिन रात संपूर्ण ब्राह्मण समाज के लिए अभद्रता कर रहा है उसका कुछ भी नहीं हो रहा है.
ह*"त्यारा" इज ऑलवेज ह*"त्यारा"।
मेहनत की कमाई से जिंदगी भर की पूंजी लगाकर लोग कार-बाइक खरीदते हैं, सपने देखते हैं।
लेकिन आज E20 पेट्रोल पंपों से गन्ने juice जैसा पीला पानी निकल रहा है।
इंजन खराब, माइलेज घटने की बात लोग ख़ुद बोल रहे है नई गाड़ियां तक बेकार हो रही हैं।
वही सुप्रीम कोर्ट में सरकार खुद कह रही कि ये ongoing experiment है, नतीजे अगले साल आएंगे।
तो क्या आम आदमी की गाड़ियां सरकार के लिए प्रयोग की लैब Experiment हैं? करोड़ों लोगों की मेहनत की कमाई और सपनों के साथ खिलवाड़ आख़िर किसके लिए ?
इतने सारे आरोप लोग लगा रहे है ! किसी के पास कोई जवाब नहीं है! और है तो हमेशा की तरह चुप्पी !
जो सरकार operation सिंदूर में सेना की क्षति को संसद में onrecord नकार देती है उसके लिए ये सब झूठ बोलना कौन सी बड़ी बात है।
वर्तमान भाजपा की सरकार बहुत ही बेइमान और बेशर्म है।
इस विडियो में तो AG साफ़ कह रहे हैं कि एथनॉल ब्लेंडिंग एक एक्सपेरिमेंट है और इसका रिजल्ट एक साल में पता चलेगा।
फिर कल इसी रिपोर्ट पर इतना शोर क्यों मचाया गया? इसे ग़लत क्यों कहा गया?
भारत तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़!
जिस अधिकारी एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा ने भारत तिवारी के एनकाउंटर का नेतृत्व किया था, उन्हें अब DSP के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है।
इस बीच पूर्व NSG कमांडो लकी बिष्ट ने कई अहम दावे किए हैं। उनका कहना है कि करीब 19 साल पहले भी राजेश कुमार शर्मा पर मुज्जफरपुर में एक एनकाउंटर को लेकर आरोप लगे थे, लेकिन जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी।
"किसी कुशवाहा के बेटा को कोई छू दिया, तो सम्राट चौधरी का कतरा कतरा खून उसके लिए समर्पित रहेगा"
-ये कहना है बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का!
अब इसको कोई जातिवाद नहीं कहेगा??
जब युद्ध शुरू हुआ— तो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,000 रुपये बढ़ाई गई थी।
जब युद्ध खत्म हुआ— तो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में सिर्फ़ 183.50 रुपये की कटौती की गई है।
पूरे 1000 कम क्यों नहीं किए गए— मोदी जी ये किस तरह की मैथ है??
Our car, which we bought with our hard-earned money, paid so many taxes on over the years and maintained with love and care, is now being used as an experiment by government.
This whole ethanol policy was nothing but a major psyop, setting a dangerous precedent.