भाजपा नेताओं के झूठ पर यकीन करने वालों में कोई अक्ल नहीं होती, भाजपाइयों के जुमलों पर भरोसा करने वाले ख़ुद के वर्तमान और भविष्य के साथ-साथ अपनी आने वाली नस्लों को भी बर्बाद कर रहे है।
देखिए एक ड्राइवर चिल्ला रहा है कैमरा 70 हजार का छोड़ दो पुलिस वालों।🤡
झाबुआ बॉर्डर मध्य प्रदेश पर ड्राइवरों के साथ खुलेआम दादागिरी करते है, ये लोग।
बताया जा रहा है कि गाड़ी के पेपर और ओवरहाइट/ODC का बहाना बनाकर ड्राइवरों से ₹2,000 तक की अवैध वसूली मांगी जा रही थी।
'इतनी फोर्स मंगाउंगा, ठंडा कर दूंगा'
◆ गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के आंदोलन के पहुंचे SI ने दी धमकी
◆ छात्रों को फोर्स बुलाकर ठंडा कर��े की बात करते दिख रहे हैं SI
Gorakhpur SI | #Gorakhpur #UttarPradesh
इस बहन की बात सुनिए 👇
ये बिल्डिंग 3-4 साल से बंद थी, इस साल से इसमें बच्चे रह रहे है ! बिना MCD को पैसे दिए कोई काम नहीं होता ,,
यानी जब दिल्ली में AAP थी MCD में तब बिल्डिंग बंद कर दी गई, लेकिन जैसे ही BJP आई खेल शुरू कर दिया !!
बड़े ही शर्म की बात है..!
संसद मार्ग थाने में ACP का कहना है कि मेरे पास स्टाफ नहीं है मुकदमा दर्ज करने के लिए मुझे 3 दिन का समय चाहिए..!
जब 20 सांसदों की मौजूदगी में भी एक शिकायत दर्ज करने के लिए पुलिस के पास स्टाफ और समय नहीं है, तो आम आदमी की शिकायत कौन सुनेगा..?
3 सितंबर को दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर महिला पत्रकारों शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर साकेत थाने ले जाने, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप बेहद गंभीर हैं।
वहीं, पूर्व @BBCHindi पत्रकार हुदा जरीवाला को सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर सवाल उठाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली की आलोचना करने पर यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की खबर भी बेहद चिंताजनक है।
महिला पत्रकारों ने मारपीट के संबंध में FIR दर्ज करने के लिए शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होना पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी भी प्रेस की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
संबंधित राज्य सरकारों से हमारी मांग है कि हुदा जरीवाला को तत्काल रिहा किया जाए और अगर अगले 72 घण्टो में में शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं स्वयं साकेत पुलिस थाने के बाहर आकर शांतिपूर्ण धरना दूंगा।
मेरे पत्रकार भाइयों और बहनों से अपील है कि एकजुट होकर अपनी साथी पत्रकारों का साथ दें। आज वे हैं, कल आपकी बारी भी हो सकती है।
यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर सवाल है।
@UPGovt@DelhiGovDigital
कितनी शर्मनाक घटना है ?
देश की राजधानी दिल्ली में मणिपुर के एक म्यूजिशियन को पीट पीटकर मार दिया गया . एक नाबालिग समेत सात आरोपियों को गिरफ़्तार तो किया गया है लेकिन ये कोई पहली घटना नहीं है. नॉर्थ इस्ट के लोगों के प्रति रवैये की वजह से ऐसी हिंसक घटनाएं
पहले भी होती रही हैं .
मूर्खों को,और मूर्ख बनाना बहुत आसान ��ोता है ?
ये हैं बीजेपी का भविष्य 😜
सही कहा किसी ने कमांडो से भी ज़्यादा खतरनाक ट्रेनिंग अंध भक्तों की होती है
कहां से पकड़ते हो राजीव जी ऐसे व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के छात्रों को 🤣
दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार सी विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या की गई
◆ शोर और शराब पीने का विरोध करने पर 54 वर्षीय संगीतकार पर हमला हुआ था
◆ डिलीवरी बॉय और ढाबा कर्मचारियों पर मारपीट का लगा आरोप
◆ इलाज के दौरान हुई मौत, प��लिस ने शुरू की मामले की जांच
#ManipurNews | #Kilokari | Musician | #CVikramSingh
भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज़ बची ही नहीं।
जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है। मगर पूरे मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा - कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है।
कुछ ही वक्त पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई। पिछले साल जहरीली cough syrup से जाने कितने छोटे बच्चों क��� जान चली गई।
दवा ज़हरीली। शराब ज़हरीली। पानी ज़हरीला। नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है - अगले हादसे तक।
20 साल से ज्यादा समय से BJP की सरकार मध्यप्रदेश में है। हादसे की कोई रोकथाम नहीं, उसके बाद नाम की कार्रवाई - कहां है जवाबदेही? आखिर कब तक लोगों की जान की कीमत सिर्फ हादसे के बाद की कार्रवाई होगी?
निष्पक्ष जांच हो, इन मौतों की पूरी सच्चाई सामने आए और सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्��वाई नहीं - जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसकी जवाबदेही तय हो।
पिछले 2–3 दिनों से हमारी सोसायटी के अंदर मीडिया आ रही है और कुछ निवासी इंटरव्यू के दौरान मेरे घर और फ्लोर की जानकारी साझा कर रहे हैं। इसके बाद मीडिया मेरे घर के सामने कैमरे लगा रही है। इस लगातार मीडिया कवरेज और निवासियों के रवैये के ��ारण मैं अपनी ही सोसायटी में सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हूँ। हैरानी की बात है कि अब न किसी को कोई समस्या है, न ही उनके बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता।
💔 अपने कलेजे के टुकड़े को एक पिता ने बड़ी उम्मीदों और बेहतर भविष्य के सपनों के साथ दिल्ली भेजा था, आज वही बेटा इस दुनिया में नहीं रहा।
औलाद को खोने का दर्द शब्दों में नहीं कहा जा सकता इसे सिर्फ़ एक पिता महसूस कर सकता है।
"इतनी फोर्स मंगाउंगा, ठंडा कर दूंगा। गोरखपुर पुलिस है ये, मैं बता दे रहा हूं"
गोरखपुर विश्वविद्यालय में भूख हड़ताल पर छात्रों का हंगामा। वहां पहुंचे सब इंस्पेक्टर ने छात्रों को धमकाया।
सर्वेश को कौन नहीं जानता है। फोटो पत्रकारिता के लंबे दौर में सर्वेश ने कितने ही चुनाव कवर किए होंगे। उनका नाम भी SIR से कट गया है। दिल्ली में ही पैदा हुईँ। दिल्ली में पढ़ी हैं। सर्वेश चुप रहने वालीं पत्रकार नहीं हैं लेकिन उनके जीवन में फॉर्म भरने का एक काम चुनाव आयोग की वजह से आया। उनका सही कहना है कि फार्म 6 क्यों भरें जबकि वे इसी दिल्ली की मतदाता रही हैं।
PG खाली करने पर छात्रों का रेंट व सिक्योरिटी मनी हड़पने की साज़िश और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नाम की धमकियाँ!
PG माफियाओं की यह दबंगई और सत्ता की सरपरस्ती अब नहीं चलेगी- NSUI हर पीड़ित छात्र के साथ डटकर खड़ी है और उनका हक दिलाकर रहेगी।
“They dragged us by hair, slapped us, hit us with batons.”
Journalist Shaheen Khan spoke to #AltNews about the alleged assault inside Saket police station on Sept 3. She claims the thrashing intensified after cops realised she's a Muslim. @onkeyta_
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