बाँकीपुर विधानसभा उपचुनाव में
मैं बिहार के लोगों से प्रशांत किशोर को वोट देने का आह्वान करता हूं,
क्योंकि कोई आँडू पाँडू विधायक बन जाएगा,
तो उससे बिहार की राजनीति और परिस्थिति में कोई अंतर ना आएगा,
लेकिन बिहार की अयोग्य सरकार की नाक में दम करने के लिए,
खुलकर सम्राट चौधरी को ललकारने के लिए
प्रशांत किशोर जैसे व्यक्ति का विधानसभा में होना बहुत जरुरी है,
शुभचिंतक होने के नाते बता रहा हूँ PM @narendramodi जी, ये गुंडे जितना बढ़ेंगे,और सरकार इन्हें संरक्षण देगी,आपकी सरकार का इक़बाल उतना कमज़ोर होता चला जाएगा।
Gen-Z बच्चों को आपने Friends बोला,उन्हें आतंकित करने वाला खुला घूम रहा। @DelhiPolice Show some spine‼️
लोकसभा में आज पेपर लीक से जुड़ा कानून आएगा। 10 साल सजा और 10 करोड़ रुपए जुर्माने का प्रावधान है !!
> UP में NDA के सहयोगी दलों के 2 विधायक पेपर लीक में फंसे हैं।
> 2006 में रेलवे ग्रुप D परीक्षा में निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे का नाम आया था। विपुल पर गैंगस्टर एक्ट भी लगा है।
> OP राजभर की पार्टी के MLA बेदीराम के खिलाफ पेपर लीक के 8 केस दर्ज हैं।
> दोनों विधायकों पर कोर्ट में केस पेंडिंग हैं। नए कानून का ट्रायल इन्हीं दोनों से शुरू हो, तब शायद जनता का भरोसा और कायम हो...
लखीमपुर खीरी में आठ किसानों की कुचलकर हत्या के मामले में
इकलौते गवाह उमाशंकर भारती की हत्या कर दी गई।
उनका शव फिरोजाबाद रेलवे ट्रैक पर मिला उन पर बयान बदलने का दबाव था
पर वे नहीं माने थे।
सब छात्र आंदोलन में बिजी थे इधर अजय मिश्र टेनी ने खेल करवा दिया।
इस वीर को विनम्र श्रद्धांजलि।
पूरे देश के सूचनार्थ: बेहद गंभीर ख़बर
प्रयागराज प्रोटेस्ट के नाम पर बहुत सारे छात्रों को यूपी पुलिस की विशेष टीम बिना नंबर की गाड़ी में उठाकर ले गई है।
जब केंद्र सरकार ने वादा किया था कि किसी भी छात्र के विरुध्द कोई कार्रवाई नहीं होगी तो फिर ऐसी धोखाधड़ी किसके कहने पर हो रही है। क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस प्रधानमंत्री जी के आश्वासन और वादे को जुमला साबित करना चाहती है।
उठाए गए सभी छात्रों की तुरंत रिहाई हो और इस अवैध गतिविधि में लिप्त सभी पुलिसकर्मियों और उच्च अधिकारियों को निलंबित करके उनके विरुद्ध सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाए।
माननीय न्यायालय से आग्रह है कि इन छात्रों के जीवन पर मंडरा रहे ख़तरे का तत्काल संज्ञान ले।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
बेदीराम पर पेपर लीक के 8 मामले दर्ज हैं। ये मामले यूपी के साथ राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी दर्ज हैं। बेदीराम को एसओजी, एसटीएफ, पुलिस अलग-अलग समय पर गिरफ्तार कर चुकी है। बेदीराम तिहाड़ तक में जा चुके हैं।
दलित हैं, इसका यह कत्तई मतलब नहीं कि इनके पेपर लीक के अपराध को भुला दिया जाए। जिस पेपर को लीक करवाया उससे लाखों दलितों का भी सपना टूटा था।
बच्चों को मारने वाले सत्यम पंडित की पहचान तो बहुत ऊपर तक है...
दिल्ली की मुख्यमंत्री के साथ फोटो है।
यूपी के डिप्टी सीएम के साथ शिष्टाचार मुलाकात है।
पुलिस वालों के साथ फोटो है।
ऐसे में तो मुश्किल लगता है कि इसके खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई करे...
नाम: सत्यम पंडित/पंडत
चाहत: बड़का नेता बनना
काम: गाजियाबाद में जंतर मंतर जा रहे दो लड़कों को
गाली देते हुए पीटना
क्या इस गुंडे पर कानून का डंडा चलेगा? कब तक कार्यवाई होगी?
@Uppolice@ghaziabadpolice@DelhiPolice
“अखिलेश यादव जी का फोन आया था,
उन्होंने कहा कि जीतू तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूं?
मैंने कहा हो सके तो भईया एक रैली कर दीजिएगा,
उन्होंने कहा है कि इस बार हम सब मध्यप्रदेश की राजनीति बदलने में मदद करेंगे”
ये बात मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है।
उम्मीद है कि बाकी कांग्रेस नेता इनसे सीख लेंगे।
24 ghante se viral इस video को देखने के बाद भी, सबके टैग होने का बाद भी,
@Uppolice@ghaziabadpolice का कोई अपडेट न्ही कोई clarification न्ही ।
क्यूँकि अगले प्रोटेस्ट मे यही तो इनके जवान बनके सादे कपड़ो में GenZ को मारने के काम आने है ।
@CMOfficeUP@myogioffice@myogiadityanath - गुरुजी वह जरा law न ऑर्डर देख लेते थोड़ा ।
’शिक्षा की रक्षा’ आंदोलन भी जीतेगा!
रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं की हौसलाअफ़जाई के लिए हमारे सांसद व विधायक शामिल हैं। जब यूपी सरकार के शासनादेश के आधार पर भाजपा सरकार अन्य निर्माणों का नियमतीकरण कर सकती है तो जौहर यूनिवर्सिटी का क्यों नहीं, जौहर यूनिवर्सिटी के साथ भेदभाव-दुराव क्यों? हम सबकी माँग है कि भाजपा अपने प्रतिशोध की आग में नौजवानों का भविष्य न झोंके।
चैनलों और सोशल मीडिया के स्वनामधन्य उन पत्रकारों के आत्मचिंतन का समय है कि जो स्टूडियो और कमरें में बैठकर एकतरफा प्रलाप करते हैं .. जो जंतर मंतर नहीं गए या ना जा सके ..उन्हें जरूर सोचना चाहिेए .. ऐसे हालात क्यों और किसने पैदा किए..