• आधार कार्ड नागरिकता का आधार नहीं है
• वोटर कार्ड नागरिकता का आधार नहीं है
• पैन कार्ड नागरिकता का आधार नहीं है
• ड्राइविंग लाइसेंस नागरिकता का आधार नहीं है
और अब पासपोर्ट भी नागरिकता का आधार नहीं है
अब दिखाने को कौन सा कागज बचा है?
40 हजार में हथियार से लैस गार्ड, मर्डर भी करवा लीजिए: सिक्योरिटी एजेंसियों से डील; बोले- खान जैसा करना है तो हर गोली के 1000 लगेंगे; भास्कर इन्वेस्टिगेशन में देखिए, बिहार में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स के फायरिंग कराने से लेकर अपहरण कराने तक की पूरी डील
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें- https://t.co/RMhZyswbmu
#HindiNews #BiharNews #KhanSircoachingCase #PrivateSecurity #KhanSir #Patna
सामाजिक न्याय के पुरोधा, पूर्वPM वीपी सिंह जी का जीवन वंचितों, पिछड़ों और शोषितों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा।
देश उनके ऐतिहासिक योगदान को कभी नहीं भुला सकता।
उनकी जयंती पर उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग को बुलंद करें।
#भारत_रत्न_वीपी_सिंह#BharatRatnaForVPSingh
पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जी ने सामाजिक न्याय और समान अवसर की लड़ाई को नई दिशा दी।
वंचित वर्गों की आवाज़ को सत्ता के केंद्र तक पहुँचाने में उनका योगदान ऐतिहासिक है।
राष्ट्र उनके योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान करे।
#भारत_रत्न_वीपी_सिंह
@MediaHarshVT@DrMohanYadav51 हर्षवर्धन त्रिपाठी जी आप किस मुंह से वरिष्ठ पत्रकार बनकर चैनल पर बैठकर ज्ञान देते हैं समझ नहीं आता। रियल एस्टेट किंग क्या क्या उपाधि देते हैं आप लोग।
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी
आपको सीधा टैग कर लिख रहा हूं ताकि ये बात आपकी नज़र में आ सके।
लखनऊ अग्निकांड के बाद हादसे की गंभीरता को समझते हुए आप अलीगढ़ का अपना दौरा छोड़ कर लखनऊ लौट गए। ऐसा सोशल मीडिया से ही पता चला। इस मामले में जो कार्रवाई होगी वो तो आप करेंगे ही ऐसा भरोसा है। जिस तरह से इस अग्निकांड को सिर्फ़ एक हादसा नहीं आपराधिक कृत्य के तौर पर रिपोर्ट किया जा रहा है, ऐसे में लखनऊ अग्निकांड में मारे गए छात्रों/लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तो यही होगी कि क़सूरवार को जल्द और अधिकतम सज़ा मिले।
एक बात साफ़ है कि प्रदेश में जब भी और जहां भी अग्निकांड होता है, छवि सरकार की ख़राब होती है… क़सूरवार बेशक कुछ स्थानीय अधिकारी ही क्यों न हों। ऐसे में मेरी एक सलाह है। अग्निकांड में मारे जाने वालों के प्रति बड़ी श्रद्धांजलि ये होगी कि ऐसे आपराधिक कृत्य करने वालों पर अग्निकांड से पहले कार्रवाई हो।
कोई कह सकता है कि ये तो बहुत सामान्य सी और बहुत बार दोहरायी जा चुकी सलाह है। लेकिन मैं एक ख़ास शुरुआत की सलाह देना चाहता हूं जिसे आप ग़ाज़ियाबाद-नोएडा से कर सकते हैं।
यहां सैंकड़ों ऐसी बहुमंज़िली सोसाइटीज़ हैं जहां फ़ायर सेफ़्टी नियमों की धज़्जियां उड़ायी गई हैं और उड़ायी जा रही हैं। आप अपने सबसे भरोसेमंद अधिकारियों को निर्देश देकर ऐसी सोसाइटीज़ के ख़िलाफ़ एक अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। वे सोसाइटीज़ को चिन्हिंत कर वहाँ सदल बल जाएं, वीडियो कैमरा भी लेकर जाएं, सोसाइटी की कमियों को बताएं और ज़िम्मेदारों को चिन्हित करें, चाहे वे बिल्डर हों या प्रबंधक... और इसे सोशल मीडिया के ज़रिए भी लोगों को बताएं।
इससे फ़ायदा ये होगा कि सोसाइटीज़ में रहने वाले निवासियों को पता चलेगा और उनमें भी जागरुकता आएगी कि वे किस तरह के ख़तरों के बीच रह रहे हैं। क़ानूनी कार्रवाई हो सो हो, निवासियों को पता तो चले कि उनके अधिकार क्या हैं और उसे पूरा करने की ज़िम्मेदारी किन लोगों की है?
ये छोटी सी सलाह है। मुझे लगता है कि इन सोसाइटीज़ में रहने वाले लोगों का बड़ा समर्थन मिलेगा। शुरुआत तो कीजिए। ये एक नज़ीर बनेगा और फिर इसे दूसरी तरह की इमारतों के लिए भी लागू किया जा सकता है।
आपका धन्यवाद
@CMOfficeUP
@prayagraj_pol इस मामले में थाना सराय इनायत के पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।आरोप है कि विपक्षी पार्टी से हेली मिली होने के कारण जिसकी आंख फोड़ी गई है,उसी को पुलिस परेशान कर रही है। गिरफ्तार करने की धमकी दे रही है।न्याय सुनिश्चित करने की कृपा करें।
@ADGZonPrayagraj
दबंगों ने मारपीट कर जीतू की दाहिनी आंख फोड़ दी। @prayagraj_pol जीतू के साथ मारपीट करने वालों पर कार्रवाई की बजाय जीतू एवं जीतू के परिवार को ही परेशान करने में लगी है उनकी गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।
@ADGZonPrayagraj@Uppolice@myogiadityanath संज्ञान लें।
दबंगों ने मारपीट कर जीतू की दाहिनी आंख फोड़ दी। @prayagraj_pol जीतू के साथ मारपीट करने वालों पर कार्रवाई की बजाय जीतू एवं जीतू के परिवार को ही परेशान करने में लगी है उनकी गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।
@ADGZonPrayagraj@Uppolice@myogiadityanath संज्ञान लें।
@DrMohanYadav51 के भाई हैं निलेश।एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज थे.पिछले साल इस्तीफा दिए।एडिशनल एडवोकेट जनरल बना दिए गए.कहते हैं एमपी का क़ानून मंत्रालय वही चलाते हैं।ये महज़ संयोग नहीं है कि इस विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी का पद महीनों से खाली है।रिपोर्ट मुताबिक 108 एकड़ जमीन उनके नाम है
इस ख़बर को ग़लत तरीके से दिखाया जा रहा है।इसको ऐसे लिखना था -
उज्जैन के विकास में मोहन यादव ने पेश की नज़ीर। पूरे परिवार को झोंका। पत्नी संग ख़ुद भी लगाए पैसे,बेटा भतीजा सब महाकाल के विकास में शामिल। सीएम ने किया साबित कि धर्म की सेवा में वो पीछे नहीं। उज्जैन तो अभी झाँकी है..
भास्कर ने तो सूरज ही डूबो दिया।
भाजपा तो अपनी सहयोगी पार्टियों का ही काला चिट्ठा खुलवा रही है क्योंकि भाजपा को इन दलों के नेताओं से नहीं, उनसे जुड़े जो भी दो-चार हज़ार वोट हैं, बस उनसे मतलब है। जब ये तीनों बदनाम हो जाएंगे तो भाजपा, इनसे जुड़े समाजों से कहेगी कि देखो तुम्हारे नेता कितने भ्रष्ट हैं, ये तुम्हारा ख़्याल नहीं रखेंगे, इसलिए तुम इन्हें नहीं, सीधे हमें वोट दो। सच तो ये है कि भाजपा भी ग़लतफ़हमी में है क्योंकि अब ‘पीडीए समाज’ एकमुश्त रूप से पीडीए की जीत के लिए हमें ही वोट देगा।
भाजपा ने आज फिर साबित कर दिया है कि वो किसी की सगी नहीं है।
जो करते हैं अपने कबीले से दगा
उनका भला और कौन होगा सगा
तीनों की राजनीति ख़त्म, भविष्य भस्म!
“साले तुझे जेल डालूँगा और ठोकूँगा क्योंकि मेरी औक़ात है “
These are our Babu’s drunk on power. They know they own the system which works for their own benefits and not for benefits of people.
@pandit_jag@IASassociation कालेअंग्रेज,अगर भारत को किसी ने बर्बाद किया है तो वह ब्यूरोक्रेट्स हैं और बड़ी चालाकी से इन्होंने सारा आरोप नेताओं पर डाल दिया है
माननीय प्रधानमंत्री जी से निवेदन हैं कि एक कानून आना चाहिए, हर बार ये लोग अपराध करके लॉबिंग की वजह से निकल लेते है
सिर्फ नेताओं को ही सजा क्यों ?
राम मंदिर की दान राशि में गबन के मामले में अब तक 2.98 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। यह रकम पकड़े गए संदिग्धों की निशानदेही पर बरामद की गई है।
सूत्रों के मुताबिक लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर पकड़े गए हैं। अब तक हुई रिकवरी भी इन्हीं पांचों ने कराई है। चोरी कुबूल भी की है।
इससे ये स्पष्ट हो गया है कि इनकी इसमें भूमिका है लेकिन इतने संवेदनशील जगह से रकम पार करते रहने और पकड़ा न जाना कई सवाल खड़े करता है।
गुपचुप ढंग से चल रही जांच में आठ करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत व साक्ष्य मिले हैं। हालांकि जांच पूरी होने के बाद यह राशि घट या बढ़ सकती है।
चंपत राय ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया? राम मंदिर के चढ़ावे में डकैती का मामला है, चंपत राय को कौन बचा रहा है ? एक मिनट, कहीं ऐसा तो नहीं कि चंपत राय किसी को बचा रहे हैं । ED, NIA, CBI का जैकेट पहन कर किसी विपक्षी नेता के घर के बाहर दिखने वाली टीम कहाँ है? ED का छापा क्यों नहीं पड़ा? डकैती की पुष्टि होते ही FIR क्यों नहीं हुई? कैश बरामद करन वाले कौन थे? अयोध्या में कितनी ज़मीन की ख़रीद बिक्री कैश में हुई है? सबका हिसाब कौन देगा?
दैनिक जागरण के अयोध्या संवाददाता लिखते हैं कि श्री रामजन्मभूमि मंदिर परिसर में स्थित "यात्री सुविधा केंद्र के जिस गोपनीय कक्ष में चढ़ावे में आए नोटों की गड्डियां बनती हैं और सिक्कों की गणना होती है उसमें न केवल ट्रस्ट, स्टेट बैंक व कलेक्शन एजेंसी के लोग रहते हैं, बल्कि परिसर की सुरक्षा करने वाली निजी और सुरक्षा एजेंसियों के लोगों की भी उपस्थिति रहती है। यही नहीं, धनराशि की गणना मंदिर ट्रस्टियों की देखरेख में होती है। इन परिस्थितियों में गबन आपसी मिलीभगत बिना संभव नहीं है"। अब मुझे कलियुग में इतना सत्य लिखने वाले दैनिक जागरण के अयोध्या संवाददाता की सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही है।
जब चालान ऑनलाइन हो चुका है तो फोटो खींचों और चालान काटों ।
लेकिन इन वर्दीधारी लोगों के जुबान पर गाली देने की जो तलब रहती है वह कैसे शांत होगी ।
इसलिए जबरन चलती बाइक को धक्का मार कर रोकते हैं।
इनको फर्क नहीं पड़ता कि बाइक वाला जिए या मरे ।
पिछले तीन साल से लिख रहे हैं उत्तर प्रदेश कॉडर के अधिकतर आईपीएस अधिकारी पुलिस कमिश्नरी सिस्टम चलाने के लिए प्रोफेशनली तैयार नहीं थे, एकाध अपवाद हैं. कमिश्नरेट में आईपीएस अफसरों की भीड़ हो गई लेकिन अपराध का औसत नहीं गिरा.मित्र पुलिसिंग खत्म हो गई है.
पुलिस में एक शब्द होता है 'एकजाई', उसके हिस्सेदार बढ़ गए हैं...अच्छा यह है कि कमिश्नरेट को आर्म्स लाइसेंस बनाने का अधिकार नहीं वरना हालत और बदतर होते ??
#फेलकमिश्नरेटसिस्टम