@suryapsingh_IAS मत जोड़ो आतंकवाद का नाम मदरसों से, है हमारी पहचान मदरसों से , हमारे मोहल्ले की रौनक़ है मदरसों से , हमारी तालीम है मदरसों से !
#भारत_की_पहचान_मदरसा
@LauraLoomer We don’t need preaching from white supremacists who crowned a ex ISIS terrorist Jolani and survive on Arab money.
Shut your mouth and go back to your country.
एक बात इस देश के सभी हिंदुओं और मुसलमानों को गांठ बाँधकर रख लेनी चाहिए कि आप न तो देश के 30 करोड़ मुसलमानों को हिन्द महासागर में डुबोकर मार सकते हो और न ही 80 करोड़ हिंदुओं को...
हमें, हमारे बच्चों को, बच्चों के बच्चों को, सबको ताउम्र हिन्दू, मुसलमानों, जैनों, सिखों, ईसाइयों के साथ ही रहना होगा और प्रेम से मिलजुलकर रहना होगा...
अगर आप सोचते हैं कि कोई दंगा, कोई फ़साद, आपकी भड़काऊ फ़ेसबुकिया पोस्ट, किसी धर्म के ख़िलाफ़ डाला गया आपका कोई वीडियो, कोई फ़ोटो इस देश को हिन्दू राष्ट्र या इस्लामी मुल्क बनाने में सक्षम हो जाएगा तो आपसे बड़ा बेवकूफ़ कोई नहीं है...
आप ये नफ़रत और जाहिलियत फैलाकर सिर्फ और सिर्फ इस देश की फिज़ाओ में एक ऐसा ज़हर घोल रहे हैं जिसमें आपके बच्चों का ही दम घुटने वाला है...
आप जिस कपिल मिश्रा, वारिस पठान या अनुराग ठाकुर के बहकावे में आकर अपने धर्म या मज़हब की सलामती का ठेका लिए ये ज़हर बो रहे हो, उसकी फ़सल आपके बच्चे ही खाने वाले हैं क्योंकि इन नेताओं के बच्चे तो आराम से अमरीका, लन्दन, जर्मनी और रूस में जाकर सेटल हो जायेंगे, आपके बच्चों को तो इसी मुल्क में जीना है...
इसलिए सोशल मीडिया से लेकर गली मोहल्लों तक में ये हिन्दू मुसलमान वाली नफ़रत फैलाना बन्द कीजिये और सरकार से सवाल करना, माँग करना शुरू कीजिए कि दंगाई चाहे गोपाल हो या शाहरुख, चंदन हो या चाँद खां, सबपर कार्यवाही करे और इस देश की हवाओं में ज़हर घोलने वाले हर नेता, हर फेसबुकिये, हर छुटभैये को जेलों में पहुँचाया जाए....
याद रखिये.. देश रहेगा तभी हिन्दू रहेगा और तभी मुसलमान रहेगा...
जय भारत
@_FaridKhan Chutiya ho tum log , PSL Dekha karo , IPL Tum log ke soch se upar hai , yaha talaent ki kadar hoti hai , tum log Ex cricketer ki auladon ka promote karo .
क्या करना चाहते हो इस "कौम" का? डराकर रखना चहते हो? गुलाम बनाकर रखना चाहते हो? नस्लकुशी करना चाहते? आखिर चाहते क्या हो! जब देखो एक कौम को कोसते रहते हो, जब देखो एक कौम का रोना रोते रहते हो। जब आपकी पार्टी सत्ता में नही थी तब भी धार्मिक जुलूस निकलते थे, ना कोई मस्जिदों के सामने हुड़दंग करता था, ना दूसरे समुदाय को अपमानित करने नीचा दिखाने वाले गाने बजते था। आप सत्ता में क्या आए! इस देश का सौहार्द ही खतरे में आ गया। इस देश का हिंदू खतरे में आ गया। अब आप खुद को ही देख लो बिना अनुराग द्वेष के कार्य करने की शपथ लेकर आप सिर्फ द्वेष ही फैलाते हैं। क्या आप एक संप्रदाय विशेष की ही विधायक हैं?
@INCIndia Ye sab jhandugiri karne se koi fayda nahi hai , bahusankhyak abadi ka mudda saf hai jaha unko vote dena hai de rahe hai , aur han ap logo ki lutiya to abdul miya log bacha kar rakhe hai warna kab ka safa chat ho chuke hote ….
Unlike you @UnSubtleDesi, I’m not jobless nor appeasing anyone through manipulation or religiosity. I don’t peddle fake news or incite violence. My activism focuses on real change and justice NOT chaos. Reflect on your actions before making baseless assumptions. PONDER. REPENT!
ये वाली फीलिंग मत लो कि तुम बड़े तुर्रम खां हो और ये तुमसे डरकर भाग गया। प्रचंड मूर्ख आदमी ये @anubhavsinha निर्देशक बेहद पढ़ा लिखा और सुलझा हुआ इंसान है। इसने तुम्हे इसलिए ब्लॉक किया है क्योंकि ये अनपढ़ और जाहिलों पर समय खर्च नहीं करता। इसने @AshokShrivasta6 तुम्हारी तरह नौकरी बचाने के लिए खुद को बेच नहीं खाया है। ये आज़ाद आदमी है। आज़ादी का मतलब तुम नहीं समझोगे।
पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार के बाद महाराष्ट्र में भी बेटियों के खिलाफ शर्मनाक अपराध सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम एक समाज के तौर पर कहां जा रहे हैं?
बदलापुर में दो मासूमों के साथ हुए अपराध के बाद उनको इंसाफ दिलाने के लिए पहला कदम तब तक नहीं उठाया गया जब तक जनता ‘न्याय की गुहार’ करते हुए सड़क पर नहीं आ गई।
क्या अब FIR तक दर्ज कराने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे? आखिर पीड़ितों के लिए पुलिस थाने तक जाना भी इतना मुश्किल क्यों हो गया है?
न्याय दिलाने से अधिक प्रयास अपराध छिपाने के लिए किया जाता है, जिसका सबसे बड़ा शिकार महिलाएं और कमज़ोर वर्ग के लोग होते हैं।
FIR दर्ज नहीं होना न सिर्फ पीड़ितों को हतोत्साहित करता है बल्कि अपराधियों का हौसला भी बढ़ाता है।
सभी सरकारों, नागरिकों और राजनीतिक दलों को गंभीर मंथन करना होगा कि समाज में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।
न्याय हर नागरिक का अधिकार है, उसे पुलिस और प्रशासन की ‘मर्जी का मोहताज’ नहीं बनाया जा सकता।
अगली बार चुनाव और राजनीति की बात हो तो अपना क़ीमती वक़्त ख़ाली बैठे फ़र्ज़ी चुनाव विश्लेषक,स्वयंभू मौसम वैज्ञानिक,फ़िज़ूल के नेता की बातों और विश्लेषण पर बर्बाद मत करिए।🙏🏼🙏🏼