हेलो @siddharthnagpol डुमरियागंज का निवासी शैलेंद्र कुमार रावत हमारे पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है, इससे माहौल ख़राब हो सकता है, कृप��ा इसके खिलाफ उचित कार��रवाई करें।
अगर आपके अंदर ज़रा भी ज़मीर ज़िंदा है तो इसे RT करके पुलिस को टैग करें।
🚨 जिला एटा, तहसील जलेसर
नाला चौराहा पर कपड़ों की दुकान चलाने वाला एक व्यक्ति मोहम्मद रसूल अल्लाह ﷺ के खिलाफ गंदी बातें कर रहा है और माहौल खराब करने की कोशिश में है।
ऐसे लोग समाज में नफरत और दंगे फैलाना चाहते हैं।
@Etahpolice@Uppolice@dgpup
कृपया तुरंत कार्रवाई करके इसे गिरफ्तार कर जेल भेजें।
बेलाउर, भोजपुर, बिहार का निवासी (दंगाई) "रवि रंजन रॉय" द्वारा अल्लाह पर की गई अभद्र एवं आपत्ति जनक मीम शेयर।
ऐसा कर उसने केवल बिहार का ही नहीं बल्क पूरे देश का माहौल खराब करने का प्रयास किया है post link @bihar_police के DM में भेजा गया है 7 घंटे के भीतर गिरफ़्तार सुनिश्चित करें।
रुकना नहीं है!!
आज पूरे दुनिया में यह हैशटैग सबसे ऊपर ट्रेंड होना चाहिए। कम से कम 10 लाख ट्वीट होने चाहिए इस हैशटैग पर!!
भारत में खुलेआम देशभक्त मुसलमानों का नरसंहार हो रहा है और यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
#AllEyesOnIndianMuslims
कोई भी सरकार तुम्हे इंसाफ़ नहीं दे सकती किसी के बहकावे में मत आओ पत्थर की जगह क़लम उठाओ , जज बनो वकील बनो नेता बनो क़ौ�� को आगे आकर लीड करो दूसरों के लिए दरी बिछाना बंद करो ।
कृष्णा पंडित उर्फ रोहितास कुमार पिता भगवान स्वरूप 21 वर्षीय ने अल्लाह पर अभद्र विवादित टिपण्णी किया है साथ ही आरोपी ने खुद के आधार कार्ड का फोटो भी भेजा है और बोला जो उखाड़ना है उखाड़ लो आरोपी द्वारा भेजी गई सारी जानकारी @aligarhpolice के DM में भेजना चाहते हैं।
@Uppolice +१/२
छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार का वक़्फ़ बोर्ड चाहता है के जुम्माह का खुतबा देने से पहले खतीब अपने खुतबे की जाँच वक़्फ़ बोर्ड से करवायें और बोर्ड की इजाज़त के बिना खुतबा ना दें।अब भाजपाई हमें बतायेंगे के दीन क्या है? अब अपने दीन पर चलने के लिए इनसे इजाज़त लेनी होगी? वक़्फ़ बोर्ड के पास ऐसी कोई क़ानूनी ताक़त नहीं, अगर होती भी तो भी वो संविधान के दफा 25 के ख़िलाफ़ होती।
1. मजहबी रहनुमाओं को चाहिए कि मुसलमानो को मजहबी और सामाजिक मुद्दों पर गाइड करें और राजनीति उन लोगों के लिए छोड़ दें जो दिन-रात इस काम में लगे हैं. जो लोग जनता के लिए दौड़ते हैं, पुलिस स्टेशन, तहसील और नगरपालिका आदि के चक्कर लगाते हैं, उनके लिए राजनीती की फील्ड छोड़ देनी चाहिए.
2. पहले अब्दुल्लाह बुखारी, अब अहमद बुखारी, मदनी भाई चुनाव के पहले फतवे जारी करते थे. लोकल स्तर पर भी कई मौलाना चुनाव के पहले ऐसे आदेश जाती करते हैं जो चुनावी फ़तवा के समान है.
3. लेकिन मुस्लिम वोटर राजनैतिक तौर पर परिपक्व हैं और उन्हें पता है कि किसे वोट देना है. इस प्रकार के फतवे को वे ध्यान नहीं देते और एक सिरे से ख़ारिज कर देते है. वे सभी मुद्दों को ध्यान में रख कर सही उम्मीदवार को वोट दे��े है.
4. इस क्रिया से मौलानाओं को फायदा मिलता है चाहे वह किसी रूप में हो. फायदा बहुत छोटा होता होता है लेकिन इससे नुकसान बहुत बड़ा होता है.
5. सो कॉल्ड सेक्युलर पार्टी समझते हैं कि मुसलमान तो धार्मिक नेताओं से गाइड होता है और वह इनका वोट बैंक है. इसलिए वे सिर्फ कुछ धार्मिक नेताओं को फायदा देते हैं और समुदाय के प्रश्न को पूरी तरह नजरअंदाज करते है.
6. इसी लिए मुस्लिम समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक ���ुद्दे जैसे थे वैसे ही हैं. न्याय के लिए इन पार्टियों कि कोई पहल नहीं.
इन पार्टयों की गुलामी करने के बजाये हम समनुपातिक प्रतिनिधित्व पर कब बात करेंगे?
भेदभाव, हिंसा और दंगों से निजात की बात कब करेंगे ? मासूमों को जेल में डालने से छुटकारा मिले इस पर बात कब करेंगे ? शिक्षा , रोजगार और नौकरी में हमें हमारा शेयर ��िले इस पर बात कब करेंगे ?
#Absent_In_Politics_And_Power