कोटा के बाद आज देहरादून में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक और शिक्षा के मुद्दे पर एक अलग अंदाज़ में लोगों से संवाद किया।
वीडियो में देख सकते हैं कि आज LoP के साथ @abhinaymaths ने भी मंच साझा किया और उन्होंने अपनी बात बहुत ही शानदार तरीके से रखी।
लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को सादा कपड़ों में पहुँचे पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन अस्पताल ले जाना तथा उनके साथियों के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
इससे पहले वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर महीनों तक धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी यही हुआ। देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला पहलवानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भी इसी तरह बलपूर्वक हटाया गया। अब सोनम वांगचुक जी के सत्याग्रह के साथ भी वही व्यवहार किया जा रहा है।क्या शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार केवल सत्ता की सुविधा तक ही सीमित रह गया?
हम प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक जी को उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और दीर्घायु प्रदान करे।
#SonamWangchuk
5 साल रोज़ाना 10 घंटे की तैयारी और औसतन ₹9 लाख - हर छात्र की मेहनत और उसके परिवार का त्याग।
10 साल में 152 पेपर लीक, सीट-नौकरी का रेट कार्ड, 0 सज़ा, 7.5 करोड़ युवाओं का बर्बाद भविष्य - System की हालत।
इस भ्रष्ट Education System को जड़ से बदलना होगा - बनानी होगी 21वीं सदी की परीक्षा व्यवस्था, स्वतंत्र और जवाबदेह संस्था जहां छात्रों को मिले पूरी सुरक्षा।
#ChhatronKiGoonj
युवाओं के साथ 4 तरीके का अन्याय हो रहा है।
1. शिक्षा की कीमत 9 लाख रुपए
2. पांच में से चार दरवाजे बंद
3. 150 में सिर्फ 1 छात्र को सफलता
4. पेपर लीक का अन्याय
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 देहरादून, उत्तराखंड
#ChhatronKiGoonj
मैं किसी भी हालत में 20 July तक ज़िंदा रहूँगा ताकि मैं आप सब के साथ संसद तक मार्च कर सकूँ। और अगर 20 July को हमारा मार्च सफल नहीं रहा तो फिर मैं भूत बन कर वापस आऊँगा!”
सोनम वांगचुक ने अपनी ज़िन्दगी के इतने कठिन समय पर भी अपना सेंस ऑफ़ ह्यूमर नहीं खोया!
चलो संसद!
आदरणीय सोनम वांगचुक जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि अपना आमरण अनशन स्थगित कर दीजिए। इस संवेदनहीन सरकार से आपकी नैतिक लड़ाई को समझने या सच्चे संवाद की उम्मीद बहुत कम है।
आपके पीछे खड़े हर युवा को वचन है कि शिक्षा और हर सड़ते तंत्र के सवाल हम सड़क से संसद तक उठायेंगे। जय हिंद!
19 दिनों से एक शिक्षाविद् अनशन पर है, और सरकार पूरी तरह मौन है। वांगचुक जी बिल्कुल सही कह रहे हैं जब जवाबदेही (Accountability) की कोई शुरुआत ही नहीं होगी, तो पर्चे तो लीक होंगे ही और बेईमानी का बाज़ार भी सजेगा।
छात्रों के भविष्य से लेकर देश की ईमानदारी तक, आज सब कुछ नीलाम हो रहा है।