77 साल के बुजुर्ग नेता आज़म खान साहब 55 दिनों पहले जेल से रिहा होकर घर आए थे.
उन्होंने कहा जेल में खाना जो खाना दिया जा रहा था उसे कोई कुत्ता भी खा सकता. आज़म खान ने कहा अब पहले मैं अपना इलाज कराना चाहता हूँ, क्यों कि मैं काफी बीमार हूँ.
लेकिन डबल पैनकार्ड बनाने के आरोप में आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को सात साल की सज़ा सुनाकर जेल भेज दिया गया.
योगी आदित्यनाथ जी अपने ऊपर लगे सभी मुकदमों को सीएम बनते ही बर्खास्त कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी डिग्री मिल नही रही है. स्मृति ईरानी को अपनी डिग्री दिखानी चाहिए.
सत्ता में बैठकर खुद को यह लोग बचा रहे हैं. एक बीमार बूढ़े नेता को जेल भेजा जा रहा है. क्या सच में देश में लोकतंत्र है ?
दो PAN नंबर रखने के आरोप में आज़म खान और उनके बेटे को 7 साल की सजा सुनाई गई है.
2015 में यह सार्वजनिक रूप से सामने आया था कि BJP नेत्री स्मृति ईरानी के पास भी दो पैन नंबर हैं. लेकिन इस मामले में अब तक देश की किसी कानून का पालन कराने वाली एजेंसी को कोई भी कार्रवाई करते हमने न सुना न देखा।
हमारे कानून क़ायदे दो अलग-अलग लोगों पर दो अलग-अलग तरह का व्यवहार क्यों करते हैं..?