नबी ﷺ ने फ़रमाया:
"अगर चार चीज़ें और ख़सलतें तुम्हारे अंदर हों; तो दुनिया की किसी चीज़ के न मिलने पर कोई अफ़सोस नहीं:
1️⃣ अमानत की हिफ़ाज़त;
2️⃣ बात में सच्चाई;
3️⃣ अख़लाक़ की उम्दगी;
4️⃣ हलाल की कमाई!"
(अस-सिलसिला अस-सहीहा : 733)
धार्मिक संगठनों की अगुवाई में हिमाचल प्रदेश में गौकशी बताकर जिस जावेद की दुकान पर हमला किया गया था। वो पुलिस की जांच में गोमांस नहीं निकला।
SP ने कहा है कि- वैध पशु की कुर्बानी दी गई।
जिन लोगों ने गौकशी की झूठी अफवाह उड़ाई उनकी वजह से जावेद की जान को खतरा हो सकता था।
अब उन सबपर कार्यवाही की जाए
⚠️जिन्होंने इसे गाय बताया
⚠️जिन्होंने जावेद की दुकान लूटी
⚠️जिन्होंने मुसलमानों के खिलाफ लोगों को भड़काया
पुलिस पर हमेशा से आरोप लगाता रहा है कि जब भी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा होती है तो पुलिस हमेशा एक पक्ष के साथ दंगा करते हुए नजर आती है।
कल रात जोधपुर के सूरसागर में भी जब सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हुई तो बजरंग दल और हिंदुत्ववादी गुंडे पुलिस की मौजूदगी में और पुलिस के संरक्षण के साथ मुसलमानों के घरों पर हमला करते हुए नजर आ रहे हैं।
एक वीडियो कल वह भी सामने आई थी जिसमें जोधपुर के पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ वहां के विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेता उस तनावपूर्ण इलाके में गश्त करते हुए नजर आ रहे थे।
ऐसे में आप खुद सोच कर बताइए कि जो पुलिस प्रशासन पहले ही एक पक्ष की हिमायत को तय कर चुका है वह इन सब मामलों में कैसे निष्पक्ष होगा?
क्या लगता है कि वह निष्पक्षता के साथ इन दंगे जैसी स्थितियों और मामलों को हैंडल करने और इस तनाव को खत्म करने के लिए ईमानदारी से कोशिश करेगा?
और मामला ठंडा होने के बाद जब गिरफ्तारियां भी होगी तो क्यों न माना जाए वह केवल एक तरफा तौर पर एक समुदाय के खिलाफ ही होंगी!
मुझे लगता है कि पुलिस रिफॉर्म इस देश की सबसे अहम जरूरत है जिसका जमीनी स्तर पर लागू होना देश की देश के सांप्रदायिक सौहार्द के लिए बेहद जरूरी है।
चुनाव के दौरान मोदी कहते थे कि OBC, SC, ST समाज के आरक्षण को मुसलमानों से ख़तरा है। OBC और मराठा समाज के बीच, आरक्षण को लेकर आज तनाव बन चुका है क्योंकि आरक्षण की सीमा 50% तक सीमित कर दी गई है। भारत के अल्पसंख्यक, पिछड़ों, अतिपिछड़ों को सूखी रोटी के लिए लड़ाया जा रहा है और मलाई कोई और खा रहा है।
आने वाले पार्लिमानी सेशन में 400-पार सरकार को संशोधन ला कर 50% सीमा को ख़त्म करना चाहिए।
इंसानों के पैमाने...!!
अपने ऊपर गुज़रे तो मक़ाफ़ात-ए-अमल की दुहाई... लेकिन जब दूसरों के साथ ख़ुद बुरा करो तो तक़दीर...
वाह रे इंसान...!
अपने आप को तो झूठी तसल्ली देकर राज़ी कर लेते हो लेकिन तुम यह क्यों भूल जाते हो कि अल्लाह तो सीनों के भेद से वाक़िफ़ है...
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धन्यवाद |🤝
Remember how RW 'activists' vandalised Javed's shop in Himachal Pradesh for putting WhatsApp story of Animal Sacrifice on Eid which was alleged to be of Cow. Now after investigation, Shamli Police revealed that it was not Cow but buffalo. And Buffalo sacrifice is allowed in UP.
Remember how Online trolls justified the Vandalism.
#Assalamu_Alaikum____
नबी ﷺ ने फ़रमाया:
बेशक ईमान तुम में से किसी एक के सीने में ऐसे कमज़ोर हो जाता है, जैसे कपड़ा (पुराना होने के बाद) कमज़ोर हो जाता है; पस तुम अल्लाह से सवाल किया करो: कि वह तुम्हारे ईमान की तजदीद फ़रमाए!
(सहीह अल-जामे: 1590)
एक बाप की नसीहत
बेटी तुम पढ़ना,कॉलेज जाना,
जदीद तालीम हासिल करना
मोबाइल से इंटरनेट से फ़ायदा भी उठाना
लेकिन
ऐसा कदम ना उठाना कि तेरा बूढ़ा बाप
मुहल्ले की मस्जिद में शर्म से ना जा सके
तू शहज़ादी है मुस्लिम घराने की
अपने वकार पर कभी आँच ना आने देना
बस मेरी बच्ची अपने बाप की इस बात को हमेशा याद रखना।
सय्यदना अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ि० ने फ़रमाया :
अल्लाह तआला रोज़-ए-क़यामत ऐसी मग़फ़िरत फ़रमायेगा, कि किसी इंसान के वहम-ओ-ग़ुमान मे भी नही होगी।
(الزهد لابن المبارک : 1364)