समाजवादियों में संवेदनाएं हैं हमारी नेता आदरणीय श्रीमती डिंपल यादव जी ने चोट खाये नवजवान से उसकी तबियत को लेकर चिंता व्यक्त की।
और उपचार की व्यवस्था के लिए तत्काल प्रभाव से मदद की बात की।
16 साल का करण जंतर मंतर के प्रोटेस्ट में शामिल होने आया. पुलिस ने उसे लाठियां से मारा.
करण कांपते हुए रोता है लेकिन यह तय करके आया है कि वह प्रोटेस्ट छोड़कर नहीं जाएगा
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
उमर खालिद एक ऐसे राजनीतिक कैदी हैं जिन पर आतंकवाद के वही मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं जो कभी मदीबा (नेल्सन मंडेला) पर लगाए गए थे: ज़ोहरान मम्दानी (मेयर न्यूयॉर्क)
#ZohranMamdani#UmarKhalid#USA
सहारनपुर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कलैक्ट्रेट के अंदर बनी 100 साल पुरानी मस्जिद को एक महीने के अंदर हटाने का हुक्म दिया है. कोर्ट के अनुसार मस्जिद अवैध है और सरकारी जमीन में बनी हुई है
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दावा किया यह गाटा संख्या- 539 में बनी मस्जिद वालिद खां और याकूब खां के नाम पर है. यह ज़मीन उन्हीं ने कलैक्ट्रेट कोषागार और तहसील बनाने के लिए डोनेट की थी. 1911 का बिजली का बिल भी कोर्ट में जमा किया है
वह भी पोर्टल से निकालकर. इसी जमीन में एक मंदिर भी बनाया गया है. आप पहले मस्जिद तोड़ोगे और फिर मंदिर. आखिर मंदिर-मस्जिद क्यों तोड़ना चाहते हो?
जिस वक्त यूपी में चढ़ावा चोरी और जौहर विश्विद्यालय का मुद्दा गरमाया हुआ है, ऐसे समय में सहारनपुर में हुई @asadowaisi की रैली राजनीतिक पंडितों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। सहारनपुर में ओवैसी की रैली में उमड़ा यह जन सैलाब वोट में तब्दील होगा या नहीं, इसका जवाब भविष्य के गर्भ में है। लेकिन इतना ज़रूर है कि इस रैली ने सपा सुप्रीमो @yadavakhilesh की टेंशन ज़रूर बढ़ाई है।
ओवैसी की रैली में उमड़ा यह जनसैलाब बहुत कुछ कह रहा है। इस भीड़ में शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा जिसे पैसा देकर लाया गया होगा, यह भीड़ खुद के पैसे खर्च करके, खुद के संसाधन से ओवैसी को सुनने आई है। ओवैसी इस देश के मुसलमानों में एक मात्र ऐसे नेता हैं, जिन्हें सुनने के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोग जमा हो जाते हैं। उनकी सभाओं में पैसे की कोई भूमिका लगभग शून्य है। भाजपा आज सत्ता में है, लेकिन उसकी रैलियों में ‘किराए’ पर लाए जाने वाले लोग मिल जाएंगे! लेकिन ओवैसी के साथ ऐसा नहीं है। जिस तरह से उनकी सभाएं होती हैं, वैसी सभाएं सिर्फ मायावती ही कर पाती हैं।
बीते एक महीने में उत्तर प्रदेश में ओवैसी की यह तीसरी सभा है। तीनों सभाओं में ऐसा ही जनसैलाब उमड़ा है। यह जनसैलाब किसकी टेंशन बढा रहा है?
जब CJP प्रोटेस्ट को इंटरनेशनल मीडिया (स्काई न्यूज़ ऑस्ट्रेलिया) कवर कर रहा है, तो गोदी मीडिया की मंज़ूरी की क्या ज़रूरत है?
गोदी मीडिया का बहिष्कार करें!
मस्जिदों को निशाना बनाकर और मदरसों को बंद करके वे हमें इस्लाम से दूर नहीं कर सकते'
'हमारे बुजुर्गों ने चंगेज, मंगोलों और तातारियों के जुल्म भी देखे हैं. यह जुल्म भी खत्म होगा'
असदुद्दीन ओवैसी प्रमुख, AIMIM
किसान आ गए... हमारे साथ खड़े होने के लिए दिल्ली पहुँच गए। 🌾🇮🇳
20 जुलाई सुबह 9:00 बजे, जंतर-मंतर से संसद तक होने वाले मार्च में किसान और छात्र एक साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे।
जब अन्नदाता और विद्यार्थी एक साथ खड़े होते हैं, तो उनकी आवाज़ दूर तक सुनाई देती है।
जय जवान • जय किसान • जय विद्यार्थी। ✊🇮🇳
ऋषिकेश में लगभग 4,000 पेड़ों की कटाई के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
लोग जाग रहे हैं।लोगों को समझ आ गया है कि
“एक पेड़ माँ के नाम” सब झूठ था
👉 लिख नहीं सकते तो रीट्वीट तो कर सकते हों ✊
वाह!!! मर्दा गर्दे उड़ा दिए 🔥
नीट पेपर लीक, देश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI जोधपुर शहर द्वारा जिला अध्यक्ष डॉ. बबलू सोलंकी के नेतृत्व में विशाल मशाल जुलूस निकाला गया।
मोदी जी तक पहुँचा दो, इंक़लाब की यह आवाज़ ✊
लखनऊ विश्वविद्यालय का नक्शा देखना है मुझे जो #LDA से पास हो।
लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) की आधिकारिक स्थापना 25 नवंबर 1920 को हुई थी।
मूल इतिहास: इसकी पृष्ठभूमि साल 1864 में स्थापित 'कैनिंग कॉलेज' (Canning College) से जुड़ी है, जो बाद में इस विश्वविद्यालय का मुख्य आधार बना।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की स्थापना वर्ष 1974 में उत्तर प्रदेश शहरी योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के अंतर्गत की गई थी।
एलडीए ने कब पास किया लखनऊ विश्वविद्यालय का नक्शा और कब लिया जुर्माना।