आख़िरकार हंगरी में बदलाव आ ही गया।
सालों तक Viktor Orbán ने सिस्टम को अपने हिसाब से ढाल लिया था—संविधान बदला, मीडिया पर पकड़ बनाई, चुनावी ढांचा बदला और अपने लोगों को ताकतवर पदों पर बैठाया। उन्हें हराना नामुमकिन सा लग रहा था।
लेकिन 45 साल के Péter Magyar ने ये नामुमकिन काम कर दिखाया।
सिर्फ 2 साल में नई पार्टी बनाकर उन्होंने पूरे देश का दौरा किया, लोगों के बीच गए और एक ही बात कही—“डरना मत।”
उनके खिलाफ फोन टैपिंग, फेक न्यूज़, बदनाम करने की कोशिशें और राजनीतिक दबाव सब हुआ… लेकिन वो रुके नहीं।
नतीजा? दो-तिहाई बहुमत और ऐतिहासिक जीत।
जीत के बाद उनका संदेश भी साफ था—न बदले की राजनीति, न डर की राजनीति। अदालतें अपना काम करेंगी, और देश आगे बढ़ेगा।
कई लोग मान रहे हैं कि ये सिर्फ हंगरी की जीत नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए एक बड़ा संकेत है।
@wine21679 @globaltimesnews Pakistan is our integral part and whenever we want it ,we’ll take it
Our soldiers are ready to take it back from such rascals
बिग ब्रेकिंग ...फादर लेंड ने तो घुटने टेक दिए
नार्थ इस्राइल के गलीली से आ रही है यहां idf की एक पूरी बटालियन ने हिजबुल्लाह के आगे सरेंडर कर दिया है ! इस्राइल की मोडर्न हिस्ट्री की ये अभूतपूर्व घटना है जो हिस्ट्री में लिखी जाएगी ।
कल रात से खबरें आ रही थी कि हिजबुल्लाह कुछ जगहों पर इस्राइल के अंदर एडवांस कर गयी है । जहा आमने सामने की जोरदार लड़ाई चल रही है हिजबुल्लाह ने बहुत से मर्कावा टेंक रडार ओर दूसरे महत्वपूर्ण इक्विपमेंट उड़ा दिए हैं कुछ कब्जा कर लिए हैं । इस्राइली चेनल 12 थोड़ा घुमा फिरा कर कुछ केजुअल्टी कुछ इंजर्ड ओर कुछ गायब बता रहा है । जबकि हिजबुल्लाह ने कुछ फुटेज तक जारी कर दी है ..🤔
गाजियाबाद के 31 साल के हरीश राणा के मामले में बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने उनके लाइफ-सस्टेनिंग ट्रीटमेंट को वापस लेने की अनुमति दे दी है. हरीश राणा पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र थे. साल 2013 में वह अपने पीजी की चौथी मंजिल से गिर गए थे. हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी. इसके बाद वह 100% क्वाड्रीप्लेजिक डिसेबिलिटी का शिकार हो गए. पिछले 13 साल से वह 'परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट' (पीवीएस) में बिस्तर पर हैं. परिवार ने इलाज बंद करने की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट ने परिवार, मेडिकल बोर्ड और केंद्र सरकार से राय लेने के बाद जनवरी 2026 में फैसला सुरक्षित रखा था. डॉक्टरों ने भी कहा कि उनके ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं है. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने "टू बी और नॉट टू बी" का जिक्र किया. कोर्ट ने कहा कि भारत में एक्टिव इच्छा मृत्यु की इजाजत नहीं है, लेकिन कुछ हालात में पैसिव इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जा सकती है. #SC
⚡️ Larijani: In honor of the pure blood of our martyred leader, with firm steps, strengthen the hearts of the fighters in the fight against Zionist oppressors
#QudsDay
UPSC में 301 रैंक को लेकर मामला फंस गया है। इस पर दो आकांक्षा सिंह ने दावा किया है। पहली- बिहार के भोजपुर की आकांक्षा। जो रणवीर सेना के संस्थापक ब्रह्मोश्वर मुखिया की पोती हैं। उनके घर जश्न भी चल रहा है।
दूसरी आकांक्षा वाराणसी की हैं। उन्होंने अपना आईडी कार्ड, इंटरव्यू लेटर संबंधी तमाम कागज पब्लिक किया है। उनका कहना है कि 301 रैंक उनकी है।
अब यह मामला तो गंभीर हो गया है। इंटरव्यू तो दोनों ने ही दिया होगा तभी इस तरह का दावा और जश्न जैसी चीजें चल रही हैं। देखते हैं आगे क्या होता है। अपडेट किया जाएगा।
पहली तस्वीर में बिहार की आकांक्षा हैं। दूसरी में वाराणसी की आकांक्षा अपने पोस्ट के सोशल मीडिया पोस्ट के साथ।
A 28-year-old Muslim truck driver, Aamir, was killed in Rajasthan's Bhiwadi, with his family alleging that Bajrang Dal-linked cow vigilantes shot him dead. The sole breadwinner from Haryana's Palla village, he leaves behind a four-month-pregnant wife, a two-year-old daughter, and a sister whose wedding was planned after Eid. His family says he was targeted simply for being Muslim and later labelled a cow smuggler to justify the attack. Police initially denied any gunshot, attributing his injuries to stone-pelting, while the family insists he was shot in the head without warning. An FIR has been registered against unidentified persons and Bajrang Dal members, but no arrests had been made at the time of reporting. @RajCMO @spbhiwadi